इस्लामाबाद ❙ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई प्रमुख इमरान खान को लेकर रविवार देर रात सोशल मीडिया पर अचानक उनकी मौत की अफवाह फैल गई। अटॉक जेल में बंद इमरान खान को लेकर कुछ अनवेरिफाइड पोस्ट्स में दावा किया गया कि उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया है। हालांकि देर रात तक न तो पाकिस्तान सरकार और न ही जेल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया, जिससे स्थिति और अधिक उलझती चली गई।

परिवार की चिंता गहरी
इमरान खान की बहनों—अलीमा खान और उमेमा खान—ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें कई दिनों से मुलाकात की अनुमति नहीं मिल रही है। परिवार का कहना है कि
केजेल प्रशासन इमरान की सेहत को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं कर रहा और जब उन्होंने जेल परिसर में प्रवेश का प्रयास किया तो गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। परिवार के मुताबिक यह स्थिति “गंभीर अनिश्चितता और भय” पैदा कर रही है।
Read also: हांगकांग की भीषण आग: 55 की मौत की पुष्टि, 279 अब भी लापता
सरकार की खामोशी पर सवाल
सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती अफवाहों के बीच सरकार और जेल विभाग की चुप्पी पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। पीटीआई नेताओं ने कहा कि यदि स्थिति सामान्य है तो सरकार को तुरंत मेडिकल रिपोर्ट जारी करनी चाहिए, या इमरान खान का वीडियो बयान सामने लाना चाहिए। पीटीआई का आरोप है कि सरकार की चुप्पी से संदेह और गहरा हो रहा है।
सोशल मीडिया पर ट्रेंड इमरान की मौत की खबर
सोशल मीडिया हैंडल ट्विटर और फेसबुक पर “#ImranKhan” और “#WhereIsImranKhan” शीर्ष ट्रेंड बन गए। हजारों यूजर्स ने सरकार से पारदर्शिता की मांग की है। कई पोस्ट्स में सरकार पर “जानकारी छिपाने”, “राजनीतिक प्रतिशोध” और “मानवाधिकार उल्लंघन” के आरोप लगाए जा रहे हैं।
जेल प्रशासन का पक्ष
जेल प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि उच्च सुरक्षा अलर्ट के चलते किसी भी बाहरी व्यक्ति की मुलाकात फिलहाल रोक दी गई है। हालांकि इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति पर कोई भी स्पष्ट बयान नहीं दिया गया है। इसी अस्पष्टता ने अफवाहों को और हवा दी है।
राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण
पाकिस्तान में पहले से राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे में इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति, सरकारी खामोशी और परिवार की चिंताओं ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
देशभर के राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि सरकार को शीघ्र तथ्य सामने लाने चाहिए, अन्यथा स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।







