श्रीनगर।इंडियन फुटबॉल लीग (2025-26) में गुरुवार का दिन डायमंड हार्बर एफसी के नाम रहा। श्रीनगर के ऐतिहासिक टीआरसी टर्फ ग्राउंड पर खेले गए एक बेहद रोमांचक मुकाबले में डायमंड हार्बर ने मेजबान रियल कश्मीर एफसी को 2-1 से पराजित कर दिया। इस रोमांचक जीत के साथ ही डायमंड हार्बर ने न केवल पूरे अंक बटोरे, बल्कि लीग की अंकतालिका में पहले पायदान पर अपना झंडा गाड़ दिया है।
पहला हाफ : कश्मीर का दबदबा ,लेकिन गोल नहीं
मैच शुरू होने से पहले ही टीआरसी टर्फ ग्राउंड खचाखच भरा हुआ था। स्थानीय प्रशंसकों का शोर रियल कश्मीर का हौसला बढ़ा रहा था। जैसे ही रेफरी की सीटी बजी, रियल कश्मीर ने अपनी पारंपरिक आक्रामक शैली अपनाई। शुरुआती 15 मिनटों में डायमंड हार्बर की रक्षापंक्ति पूरी तरह दबाव में नजर आई। मेजबान टीम ने मैदान के मध्य में अपना कब्जा जमा लिया था और विंग्स के जरिए लगातार क्रॉस बॉक्स के अंदर भेज रहे थे।रियल कश्मीर के खिलाड़ियों ने मैदान की परिस्थितियों का बखूबी फायदा उठाया। उन्होंने छोटे-छोटे पास और तेजी से किए गए हमलों से डायमंड हार्बर के गोलकीपर को कई बार परेशानी में डाला। हालांकि, डायमंड हार्बर के डिफेंस ने सूझबूझ का परिचय दिया। पहले हाफ में गेंद पर नियंत्रण के मामले में रियल कश्मीर बेहतर था, लेकिन फुटबॉल के खेल में कब्जा मायने नहीं रखता, गोल मायने रखते हैं। हाफ टाइम तक स्कोरबोर्ड 0-0 की बराबरी पर रहा, जिससे दर्शकों में बेचैनी बढ़ गई थी।
दूसरा हाफ: डायमंड हार्बर ने बदली रणनीति
मैच के दूसरे हाफ में डायमंड हार्बर के तेवर बदले हुए थे। कोच ने अपनी टीम को ‘काउंटर अटैक’ का मंत्र दिया । 55वें मिनट में वह क्षण आया जिसका मेहमान टीम के समर्थक इंतजार कर रहे थे। एक तेज तर्रार मूव के दौरान, मिडफील्ड से मिले थ्रू-पास को ह्यूगो डियाज़ ने बड़ी खूबसूरती से कंट्रोल किया। डियाज़ ने दो डिफेंडरों को छकाते हुए गेंद को गोल पोस्ट के ऊपरी कोने में पहुंचा दिया। 1-0 की इस बढ़त ने पूरे स्टेडियम को सन्न कर दिया।ह्यूगो डियाज़ का यह गोल उनके व्यक्तिगत कौशल और टीम के अनुशासित खेल का परिणाम था। डायमंड हार्बर ने दिखाया कि वे भले ही गेंद कम रखें, लेकिन जब मौका मिलेगा तो वे घातक साबित होंगे।

रियल कश्मीर की वापिसी और संघर्ष
एक गोल से पिछड़ने के बाद रियल कश्मीर की टीम चौकन्नी हो गई। उन्होंने अपने अटैक में और अधिक धार दी। स्टेडियम में मौजूद हजारों समर्थकों का शोर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा रहा था। इसी दौरान मैच के 67वें मिनट में टीम को एक कॉर्नर किक मिली। हवा में तैरती हुई गेंद पर जूनियर ट्राओरे ने अपनी छलांग और सटीक टाइमिंग का ऐसा मेल दिखाया कि गोलकीपर के पास हिलने तक का मौका नहीं था।स्कोर 1-1 हो चुका था।
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अंतिम मिनटों में संडे कोलावोले ने पलटी बाजी
जब मैच अपने अंतिम पड़ाव पर था, डायमंड हार्बर के कोच ने एक साहसी फैसला लिया और संडे कोलावोले को मैदान पर उतारा। यह बदलाव मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। 83वें मिनट में डायमंड हार्बर को विपक्षी बॉक्स के ठीक बाहर एक फ्री-किक मिली। गेंद को हवा में उछाला गया और कोलावोले ने भीड़ के बीच से निकलकर एक कड़क हेडर लगाया। गेंद नेट से टकराई और डायमंड हार्बर 2-1 से आगे हो गया।कोलावोले का यह गोल उनके अनुभव और सही समय पर सही जगह होने की क्षमता को दर्शाता है। अंतिम 10 मिनटों में रियल कश्मीर ने बराबरी के लिए ‘ऑल-आउट अटैक’ किया। यहाँ तक कि इंजरी टाइम में गोलकीपर भी कॉर्नर किक के दौरान विपक्षी पाले में पहुंच गया था, लेकिन डायमंड हार्बर की डिफेंसिव दीवार नहीं टूटी।
डायमंड हार्बर एफसी: एक नई शक्ति का उदय
डायमंड हार्बर एफसी का यह सफर किसी परिकथा से कम नहीं है। 2020 में स्थापित यह क्लब बहुत ही कम समय में भारतीय फुटबॉल के नक्शे पर चमकने लगा है। इस जीत के साथ, वे 6 मैचों में 13 अंकों के साथ लीग टेबल में सबसे ऊपर पहुंच गए हैं। यह क्लब न केवल पश्चिम बंगाल के फुटबॉल गौरव को वापस ला रहा है, बल्कि नए युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गया है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस सीजन में डायमंड हार्बर की सफलता का राज उनकी बेंच स्ट्रेंथ और खिलाड़ियों के बीच का तालमेल है। क्लब ने जिस तरह से घरेलू और विदेशी खिलाड़ियों का मिश्रण तैयार किया है, वह अन्य बड़ी टीमों के लिए चुनौती पेश कर रहा है।
रियल कश्मीर के लिए खतरे की घंटी
दूसरी ओर, रियल कश्मीर के लिए यह सीजन अब तक किसी दुःस्वप्न जैसा रहा है। अपने घरेलू मैदान पर हारना टीम के मनोबल के लिए बड़ा झटका है। वे फिलहाल तालिका में निचले पायदान पर हैं और अगर उन्हें रेलीगेशन (Relegation) से बचना है, तो उन्हें अपनी रक्षापंक्ति और फिनिशिंग पर तत्काल ध्यान देना होगा। कोच के चेहरे पर मैच के बाद छाई मायूसी सब कुछ बयां कर रही थी।
आगे का रास्ता
यह मैच इस बात का गवाह है कि आई-लीग जैसी कठिन प्रतियोगिता में कोई भी टीम सुरक्षित नहीं है। डायमंड हार्बर ने अपनी जीत से यह संदेश दे दिया है कि वे यहाँ सिर्फ हिस्सा लेने नहीं, बल्कि ट्रॉफी जीतने आए हैं। श्रीनगर की ठंडी हवाओं के बीच मिली यह गर्मी उन्हें आने वाले मुकाबलों में और अधिक आत्मविश्वास प्रदान करेगी।
अब सबकी निगाहें अगले दौर पर टिकी हैं। क्या डायमंड हार्बर अपनी इस बढ़त को बरकरार रख पाएगी? या कोई और दिग्गज टीम उनके इस विजयी रथ को रोकेगी? जो भी हो, भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह सीजन बेहद रोमांचक होने वाला है।







