व्यापारभारतविदेशी समाचारखेलजीवन शैलीराजनीतिधर्मभौगोलिकसेलिब्रेटीज़शिक्षास्वास्थ्य

भारतीय डाक विभाग ने शुरू की ’24 स्पीड पोस्ट’ सुपरफास्ट सेवा अब सरकारी डाक और पार्सल डिलीवर होंगे 24 घंटे में  डिलीवरी न होने पर रिफंड 

भारतीय डाक विभाग ने शुरू की '24 स्पीड पोस्ट' सुपरफास्ट सेवा
नवजोत कौर सिद्धू
On: मार्च 18, 2026 3:02 अपराह्न
Follow Us:

भारतीय डाक विभाग (India Post) द्वारा हाल ही में शुरू की गई ’24 स्पीड पोस्ट’ और ’48 स्पीड पोस्ट’ सेवाएँ ई-कॉमर्स और डिजिटल युग में डाक सेवाओं को पुनर्जीवित करने की एक क्रांतिकारी पहल हैं। यह कदम निजी कूरियर कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और सरकारी सेवाओं में ‘जवाबदेही’ (Accountability) सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।​

 ’24 स्पीड पोस्ट’ सेवा –  एक परिचय

​यह भारतीय डाक विभाग की सबसे तेज़ प्रीमियम सेवा है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के प्रमुख महानगरों के बीच दस्तावेज़ों और पार्सल की आवाजाही को सुगम बनाना है।

​मुख्य विशेषताएं

  • नेक्स्ट डे डिलीवरी – यदि आप आज डाक बुक करते हैं तो उसे अगले कार्य दिवस (24 घंटे के भीतर) गंतव्य पर पहुँचाया जाएगा।
  • शुरुआती शहर – वर्तमान में यह सेवा दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद के बीच शुरू की गई है।
  • रिफंड पॉलिसी –  यह इस सेवा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। यदि विभाग 24 घंटे की समय सीमा के भीतर डिलीवरी करने में विफल रहता है तो ग्राहक को भुगतान किया गया शुल्क (डाक शुल्क) रिफंड कर दिया जाएगा।
  • ट्रैकिंग सुविधा –  इसमें रियल-टाइम एसएमएस और ऑनलाइन ट्रैकिंग की उन्नत सुविधा दी गई है।

​’48 स्पीड पोस्ट’ सेवा –  मध्यम दूरी के लिए समाधान

​उन शहरों के लिए जहाँ हवाई संपर्क या लॉजिस्टिक्स में थोड़ा अधिक समय लगता है विभाग ने ’48 स्पीड पोस्ट’ सेवा शुरू की है।

  • समय सीमा – बुकिंग के 48 घंटों के भीतर वितरण।
  • क्षेत्र –  यह सेवा महानगरों के अलावा अन्य श्रेणी-ए के शहरों और राज्य की राजधानियों को जोड़ने के लिए डिज़ाइन की गई है।
  • लागत –  यह ’24 स्पीड पोस्ट’ की तुलना में थोड़ी किफ़ायती है लेकिन सामान्य डाक से काफी तेज़ है।

read also : मध्य प्रदेश में युवाओं के लिए बड़ी सरकारी भर्ती

​ रिफंड और जवाबदेही का नया ढांचा

​भारतीय डाक ने इस सेवा के साथ अपनी विश्वसनीयता को दांव पर लगाया है। रिफंड का प्रावधान निम्नलिखित शर्तों के अधीन है

विवरणप्रावधान
विलंब की स्थितियदि वितरण निर्धारित समय (24/48 घंटे) से अधिक होता है।
रिफंड की प्रक्रियाग्राहक अपनी बुकिंग रसीद के साथ निकटतम डाकघर में दावा कर सकते हैं।
अपवादप्राकृतिक आपदा, हड़ताल, गलत पता या प्राप्तकर्ता की अनुपलब्धता की स्थिति में रिफंड लागू नहीं होगा।

तकनीकी और लॉजिस्टिक्स अपग्रेड

​इन सेवाओं को सफल बनाने के लिए भारतीय डाक विभाग ने अपने आंतरिक ढांचे में कई बदलाव किए हैं

  • समर्पित गलियारे (Dedicated Corridors) –  महानगरों के बीच डाक ले जाने के लिए विशेष एयर कार्गो समझौतों को प्राथमिकता दी गई है।
  • ऑटोमेटेड सॉर्टिंग – डाक छंटनी के लिए अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है ताकि समय की बचत हो सके।
  • नोडल डिलीवरी केंद्र – डिलीवरी के लिए शहरों में विशेष ‘नोडल डिलीवरी सेंटर’ बनाए गए हैं जो केवल 24/48 घंटे वाली डाक को ही प्राथमिकता देते हैं।

read more :

​ व्यापार और सामान्य नागरिकों के लिए लाभ

  • ई-कॉमर्स को बढ़ावा –  छोटे व्यवसायी जो महानगरों में सामान बेचते हैं, अब कम लागत में भरोसेमंद डिलीवरी पा सकेंगे।
  • सरकारी दस्तावेज़ –  पासपोर्ट, पैन कार्ड और अदालती दस्तावेज़ों के लिए यह सेवा वरदान साबित होगी।
  • निजी कूरियर का विकल्प –  निजी कंपनियों की तुलना में डाक विभाग का नेटवर्क अधिक विस्तृत है, जिससे दूरदराज के इलाकों के लोगों को भी भविष्य में इसका लाभ मिलेगा।

​भविष्य की योजनाएं

​विभाग की योजना आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार अन्य 20 प्रमुख शहरों में करने की है। साथ ही, ‘पिक-अप’ सुविधा को भी और अधिक सुलभ बनाया जा रहा है ताकि ग्राहकों को डाकघर न आना पड़े।

नोट –  विस्तृत तकनीकी मैनुअल या नियम पुस्तिका के लिए आप भारतीय डाक की आधिकारिक वेबसाइट indiapost.gov.in पर जा सकते हैं।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment