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इंदौर अग्निकांड –  EV चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से भीषण तबाही एक ही परिवार के 7 लोगों की जिंदा जले तीन गंभीर रूप से घायल

EV चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से भीषण तबाही एक ही परिवार के 7 लोगों की जिंदा जले
नवजोत कौर सिद्धू
On: मार्च 18, 2026 1:49 अपराह्न
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मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी और देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। शहर के एक रिहायशी इलाके में स्थित दो मंजिला मकान में रात के सन्नाटे के बीच चीख-पुकार मच गई। घटना का मुख्य कारण इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की चार्जिंग के दौरान हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस भीषण आग ने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया जिसके परिणामस्वरूप एक ही परिवार के 7 सदस्यों की दर्दनाक मृत्यु हो गई और 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

 घटना का घटनाक्रम –  क्या हुआ उस काली रात को?

​इंदौर के स्वर्ण बाग कॉलोनी (या संबंधित क्षेत्र) में घटित यह घटना रात के लगभग 2:30 से 3:00 बजे के बीच की है। अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के अनुसार, घर के पार्किंग एरिया में खड़ी एक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर को चार्जिंग पर लगाया गया था।

  • ​आग की शुरुआत –  चार्जिंग पॉइंट के पास लगे बिजली के बोर्ड में अचानक स्पार्किंग हुई। शॉर्ट सर्किट के कारण निकली चिंगारी ने पास में खड़ी गाड़ी की लिथियम-आयन बैटरी को अपनी चपेट में ले लिया।
  • ​धमाका और धुआं –  बैटरी में आग लगते ही एक छोटा धमाका हुआ और जहरीला काला धुआं घर की सीढ़ियों के रास्ते ऊपर की मंजिलों की ओर बढ़ने लगा। चूँकि घर का निकास द्वार पार्किंग की तरफ ही था, आग ने बाहर निकलने का मुख्य रास्ता रोक दिया।
  • ​दम घुटने से मौत –  विशेषज्ञों का कहना है कि आग से ज्यादा जानलेवा वह धुआं साबित हुआ जो लिथियम बैटरी के जलने से पैदा होता है। नींद में सो रहे परिवार के सदस्यों को संभलने का मौका भी नहीं मिला।

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​हताहतों का विवरण और बचाव कार्य

​इस अग्निकांड ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया।

​मृतकों की सूची

​घटना में जान गंवाने वालों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल थे। स्थानीय प्रशासन के अनुसार आग इतनी भीषण थी कि कुछ शवों की शिनाख्त करना भी मुश्किल हो गया था। मरने वालों में परिवार के मुखिया, उनकी पत्नी, बच्चे और निकट संबंधी शामिल थे।

​घायलों की स्थिति

​तीन लोग जो किसी तरह बालकनी या खिड़की के रास्ते बाहर निकलने में सफल रहे, वे 50% से 80% तक जल चुके हैं। उन्हें इंदौर के एमवाई अस्पताल (MY Hospital) के बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

​फायर ब्रिगेड की चुनौती

​तंग गलियां और अवैध निर्माण के कारण दमकल विभाग की गाड़ियों को मौके पर पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक सब कुछ राख हो चुका था।

​तकनीकी कारण –  EV चार्जिंग और शॉर्ट सर्किट का संबंध

​इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य का ईंधन माना जा रहा है, लेकिन इनके साथ जुड़ी सुरक्षा चुनौतियां अब चिंता का विषय बन रही हैं। इस हादसे के पीछे कई तकनीकी कारण हो सकते हैं

  • लिथियम-आयन बैटरी की प्रकृति – ​EV में उपयोग होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां ऊर्जा से भरपूर होती हैं। यदि इनमें शॉर्ट सर्किट होता है, तो ‘थर्मल रनअवे’ (Thermal Runaway) की स्थिति पैदा होती है। इसमें बैटरी का तापमान अनियंत्रित रूप से बढ़ता है और वह तब तक जलती रहती है जब तक उसकी ऊर्जा पूरी तरह समाप्त न हो जाए। इसे साधारण पानी से बुझाना लगभग असंभव होता है।
  • चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में खामी – ​अक्सर लोग घर के साधारण 5A या 15A के सॉकेट का उपयोग EV चार्ज करने के लिए करते हैं। यदि वायरिंग पुरानी है या लोड सहने की क्षमता नहीं रखती, तो तार गर्म होकर पिघलने लगते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट होता है।
  • ओवरचार्जिंग और वोल्टेज फ्लक्चुएशन – ​रात भर गाड़ी को चार्जिंग पर छोड़ देना भी खतरनाक हो सकता है। यदि चार्जर में ऑटो-कट ऑफ फीचर खराब है या बिजली की सप्लाई में उतार-चढ़ाव (Voltage Fluctuation) होता है, तो बैटरी ओवरहीट हो सकती है।

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​कानूनी और प्रशासनिक जांच

​इंदौर पुलिस और जिला प्रशासन ने इस मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।

  • FSL टीम की जांच – फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल से नमूने लिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या शॉर्ट सर्किट सिर्फ वायरिंग की वजह से हुआ या बैटरी में कोई निर्माण दोष (Manufacturing Defect) था।
  • ​अवैध निर्माण का मुद्दा –  प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि जिस इमारत में आग लगी, वहां फायर एनओसी (NOC) नहीं ली गई थी और वेंटिलेशन के नियमों की अनदेखी की गई थी।

​EV सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सावधानियां

​इस घटना से सबक लेते हुए, प्रत्येक EV मालिक को निम्नलिखित सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए

  • ​प्रमाणित चार्जर का उपयोग –  हमेशा कंपनी द्वारा दिए गए ओरिजिनल चार्जर और केबल का ही इस्तेमाल करें।
  • ​डेडिकेटेड वायरिंग –  EV चार्जिंग के लिए घर के मुख्य बोर्ड से एक अलग भारी क्षमता वाली (Heavy Duty) लाइन खिंचवाएं जिसमें उचित अर्थिंग (Earthing) और MCB लगा हो।
  • ​चार्जिंग का समय –  कभी भी वाहन को पूरी रात लावारिस चार्जिंग पर न छोड़ें। कोशिश करें कि अपनी निगरानी में ही चार्ज करें।
  • ​तापमान का ध्यान – गाड़ी चलाकर आने के तुरंत बाद चार्जिंग न लगाएं। बैटरी को थोड़ा ठंडा होने दें।
  • ​स्मोक डिटेक्टर – पार्किंग एरिया में स्मोक डिटेक्टर और अग्नि शामक यंत्र (Fire Extinguisher) अवश्य रखें।

​इंदौर का यह अग्निकांड मात्र एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक चेतावनी है। नई तकनीक को अपनाते समय हमें सुरक्षा के प्रति अत्यधिक सजग रहने की आवश्यकता है। एक छोटी सी लापरवाही या चंद रुपयों की बचत के लिए घटिया वायरिंग का उपयोग पूरे परिवार की जान ले सकता है। सरकार और वाहन निर्माताओं को भी बैटरी सुरक्षा और चार्जिंग प्रोटोकॉल पर कड़े नियम बनाने होंगे ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े।

​मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए, समाज को यह समझना होगा कि सुरक्षा नियम हमारी सुविधा के लिए नहीं, बल्कि हमारी जान बचाने के लिए होते हैं।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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