व्यापारभारतविदेशी समाचारखेलजीवन शैलीराजनीतिधर्मभौगोलिकसेलिब्रेटीज़शिक्षास्वास्थ्य

अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस (International Day of Happiness) – प्रसन्नता का वैश्विक उत्सव 20 मार्च को  

अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस (International Day of Happiness) - प्रसन्नता का वैश्विक उत्सव 20 मार्च को  
नवजोत कौर सिद्धू
On: मार्च 16, 2026 5:17 अपराह्न
Follow Us:

हर साल 20 मार्च को पूरी दुनिया ‘अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस’ मनाती है। यह केवल एक कैलेंडर की तारीख नहीं है, बल्कि एक वैश्विक आंदोलन है जो हमें यह याद दिलाता है कि मानव अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि ‘खुशी’ और ‘कल्याण’ है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तकनीकी तनाव और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच यह दिन हमें रुकने, सांस लेने और जीवन के उन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करता है जो हमें वास्तव में खुश करते हैं।

इतिहास और उत्पत्ति

इस विशेष दिन की शुरुआत के पीछे एक दिलचस्प कहानी है। इसकी नींव किसी पश्चिमी देश ने नहीं बल्कि हिमालय की गोद में बसे छोटे से देश भूटान ने रखी थी।

भूटान का योगदान

1970 के दशक से ही भूटान ने ‘सकल राष्ट्रीय उत्पाद’ (GNP) के बजाय ‘सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता’ (GNP – Gross National Happiness) को महत्व दिया। उनका मानना था कि एक देश की प्रगति उसके नागरिकों की मुस्कुराहट से मापी जानी चाहिए न कि केवल उसकी जीडीपी से।

 संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव

भूटान के इस विचार से प्रेरित होकर संयुक्त राष्ट्र ने 12 जुलाई 2012 को एक संकल्प (Resolution 66/281) पारित किया। इसमें घोषित किया गया कि 20 मार्च को हर साल अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। पहली बार इसे 2013 में मनाया गया।

यह दिन 20 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है?

20 मार्च का चयन वैज्ञानिक और प्रतीकात्मक है। इस दिन ‘वसंत विषुव’ (Vernal Equinox) होता है। यह वह समय है जब दिन और रात की लंबाई पूरी दुनिया में लगभग बराबर होती है। यह ‘समानता’ और ‘संतुलन’ का प्रतीक है जो प्रसन्नता के लिए अनिवार्य तत्व हैं।

Read more:

विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट (World Happiness Report)

हर साल इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र ‘विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट’ जारी करता है। यह रिपोर्ट मुख्य रूप से निम्नलिखित छह कारकों पर आधारित होती है

  •   प्रति व्यक्ति जीडीपी –  आर्थिक स्थिति।
  •  सामाजिक सहयोग – मुश्किल समय में साथ देने वाले लोग।
  •  स्वस्थ जीवन प्रत्याशा –  शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य।
  •  जीवन के विकल्प चुनने की स्वतंत्रता – व्यक्तिगत आजादी।
  •  उदारता –  दान और मदद की भावना।
  •  भ्रष्टाचार का स्तर –  प्रशासन में विश्वास।

 नोट –  अक्सर नॉर्डिक देश जैसे फिनलैंड, डेनमार्क और आइसलैंड इस सूची में शीर्ष पर रहते हैं।

प्रसन्नता के विज्ञान को समझना

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रसन्नता केवल एक अहसास नहीं है बल्कि यह हमारे मस्तिष्क में होने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाओं का परिणाम है। हमारे शरीर में चार मुख्य ‘हैप्पी हार्मोन्स’ होते हैं

हार्मोनभूमिकाइसे कैसे बढ़ाएँ?
डोपामाइनपुरस्कार और उपलब्धिलक्ष्य पूरा करना, आत्म-देखभाल।
ऑक्सीटोसिनप्रेम और विश्वासअपनों को गले लगाना, सामाजिक मेलजोल।
सेरोटोनिनमूड स्टेबलाइजरधूप में बैठना, ध्यान (Meditation)।
एंडोर्फिनदर्द निवारकव्यायाम करना, खुलकर हंसना।

खुश रहने के व्यावहारिक तरीके (Actionable Steps)

खुशी कोई मंजिल नहीं बल्कि एक यात्रा है। इसे हासिल करने के लिए आप निम्नलिखित आदतों को अपना सकते हैं

  •  कृतज्ञता (Gratitude) –  प्रतिदिन तीन ऐसी चीजें लिखें जिनके लिए आप आभारी हैं।
  •  सक्रिय रहें –  शारीरिक गतिविधि तनाव को कम करती है।
  •  दूसरों की मदद करें –  निस्वार्थ सेवा से मिलने वाली खुशी सबसे स्थायी होती है।
  •  डिजिटल डिटॉक्स –  सोशल मीडिया से दूरी बनाएं और वास्तविक दुनिया से जुड़ें।
  •  पर्याप्त नींद – एक थका हुआ मस्तिष्क कभी खुश नहीं रह सकता।

International Mother Language Day- 21 फरवरी को विश्व भर में मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

खुश रहना एक चुनाव है

अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस हमें सिखाता है कि खुशी का मतलब समस्याओं का अभाव नहीं है बल्कि उन समस्याओं के बीच भी मुस्कुराने की क्षमता है। यह दिन सरकारों से ऐसी नीतियां बनाने का आह्वान करता है जो मानवीय कल्याण को प्राथमिकता दें और व्यक्तियों से स्वयं के भीतर झांकने का आग्रह करता है।

याद रखें – आपकी खुशी आपके बैंक बैलेंस से नहीं बल्कि आपके अनुभवों और रिश्तों की गहराई से तय होती है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment