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​लीबियाई सेना के स्तंभ जनरल अल-फितौरी ग़रैबिल का निधन –  एक युग का अंत और सुरक्षा चुनौतियां

​लीबियाई सेना के स्तंभ जनरल अल-फितौरी ग़रैबिल का निधन
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 25, 2025 9:21 पूर्वाह्न
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लीबिया के थल सेना प्रमुख जनरल अल-फितौरी ग़रैबिल की तुर्की में एक विमान दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु रक्षा और कूटनीतिक हलकों में एक बड़ी खबर है। 

​लीबियाई सेना के स्तंभ जनरल अल-फितौरी ग़रैबिल का निधन

​लीबिया के सैन्य और राजनीतिक परिदृश्य में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब तुर्की की राजधानी अंकारा के पास एक दुखद विमान दुर्घटना में लीबियाई थल सेना प्रमुख (Chief of Staff of the Ground Forces) जनरल अल-फितौरी ग़रैबिल के निधन की पुष्टि हुई। यह घटना न केवल लीबिया के लिए एक बड़ी व्यक्तिगत क्षति है बल्कि यह उत्तरी अफ्रीका और भूमध्यसागरीय क्षेत्र की सुरक्षा संरचनाओं के लिए भी एक गंभीर मोड़ है।

​दुर्घटना का विवरण और घटनाक्रम

​घटना की प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार जनरल ग़रैबिल एक आधिकारिक सैन्य दौरे पर तुर्की में थे। वह लीबिया और तुर्की के बीच चल रहे रक्षा सहयोग और सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा करने के लिए अंकारा गए थे।

​स्थान 

अंकारा के बाहरी इलाके में स्थित एक सैन्य हवाई पट्टी के पास।

​परिस्थितियाँ

बताया जा रहा है कि खराब मौसम या तकनीकी खराबी के कारण विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हालांकि तुर्की और लीबियाई अधिकारियों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

​हताहत

इस दुर्घटना में जनरल के साथ उनके कुछ करीबी सैन्य सलाहकार और चालक दल के सदस्यों के भी मारे जाने की खबर है।

​जनरल अल-फितौरी ग़रैबिल 

एक सैन्य व्यक्तित्व ​जनरल ग़रैबिल केवल एक सैन्य अधिकारी नहीं थे बल्कि वह लीबिया की सेना को पुनर्गठित करने के प्रयासों में एक प्रमुख धुरी थे। 2011 की क्रांति और उसके बाद के वर्षों में लीबिया जिस गृहयुद्ध और अस्थिरता से गुजरा उसमें सेना को एक पेशेवर और एकजुट इकाई बनाना एक बहुत बड़ी चुनौती थी।

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​उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियाँ

​सैन्य आधुनिकीकरण

 उन्होंने लीबियाई थल सेना के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका मानना था कि लीबिया की संप्रभुता की रक्षा के लिए एक तकनीकी रूप से उन्नत और अनुशासित सेना अनिवार्य है।

​अंतरराष्ट्रीय रक्षा संबंध

 उन्होंने तुर्की कतर और कई यूरोपीय देशों के साथ सैन्य संबंधों को मजबूत किया। तुर्की के साथ उनका हालिया दौरा भी इसी रणनीति का हिस्सा था ताकि लीबियाई सैनिकों को आधुनिक युद्ध कौशल और ड्रोन तकनीक में प्रशिक्षित किया जा सके।

​आतंकवाद विरोधी अभियान

लीबिया के भीतर सक्रिय चरमपंथी गुटों और मिलिशिया के खिलाफ अभियानों का नेतृत्व करने में उनकी रणनीतिक सूझबूझ की अक्सर सराहना की जाती थी।

​तुर्की और लीबिया के संबंधों पर प्रभाव

​लीबिया और तुर्की के बीच संबंध पिछले कुछ वर्षों में बहुत गहरे हुए हैं। 2019 के सुरक्षा और समुद्री सीमा समझौते के बाद से तुर्की त्रिपोली स्थित सरकार GNA/GNU का सबसे बड़ा सैन्य समर्थक रहा है।

​जनरल ग़रैबिल का तुर्की में होना और वहां उनकी मृत्यु होना दोनों देशों के बीच के प्रगाढ़ सैन्य सहयोग को दर्शाता है। यह दुर्घटना तुर्की के लिए भी एक संवेदनशील मुद्दा है क्योंकि यह उसकी धरती पर हुई है। 

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनरल के उत्तराधिकारी तुर्की के साथ इस रक्षा तालमेल को कैसे आगे बढ़ाते हैं।

​लीबिया की आंतरिक सुरक्षा पर संभावित असर

​लीबिया वर्तमान में एक नाजुक राजनीतिक प्रक्रिया से गुजर रहा है। देश दो हिस्सों पूर्व और पश्चिम में बंटा हुआ है जहां अलग-अलग गुट सत्ता के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में थल सेना प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति का जाना निम्नलिखित चुनौतियां पैदा कर सकता है

​नेतृत्व का शून्य

​जनरल ग़रैबिल विभिन्न मिलिशिया समूहों और नियमित सेना के बीच एक संतुलनकारी भूमिका निभाते थे। उनके जाने से सेना के भीतर नेतृत्व के लिए प्रतिस्पर्धा शुरू हो सकती है जो सुरक्षा स्थिति को अस्थिर कर सकती है।

​पुनर्गठन प्रक्रिया में बाधा

​लीबियाई सेना के एकीकरण की बातचीत लंबे समय से चल रही है। जनरल ग़रैबिल इस वार्ता के सक्रिय भागीदार थे। उनकी मृत्यु से 5+5 ज्वाइंट मिलिट्री कमीशन जैसे मंचों पर चल रही चर्चाओं की गति धीमी हो सकती है।

​सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवासन

​लीबिया की विशाल सीमाएं मानव तस्करी और चरमपंथियों के लिए एक गलियारा रही हैं। थल सेना प्रमुख के रूप में ग़रैबिल इन क्षेत्रों में सेना की तैनाती की निगरानी कर रहे थे। उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर आपराधिक तत्व अपनी गतिविधियां बढ़ा सकते हैं।

​अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं

​इस दुखद घटना पर वैश्विक स्तर पर शोक संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं

​संयुक्त राष्ट्र UN 

लीबिया में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन UNSMIL ने जनरल की मृत्यु को लीबिया की स्थिरता के लिए एक बड़ा नुकसान बताया है।

​तुर्की सरकार

 राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने लीबिया की सरकार और जनरल के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है साथ ही जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।

​पड़ोसी देश 

मिस्र और ट्यूनीशिया जैसे पड़ोसी देशों ने भी इस घटना पर दुख जताया है जो क्षेत्र की स्थिरता के लिए चिंता का विषय है।

​भविष्य की राह चुनौतियां और उम्मीदें

​जनरल अल-फितौरी ग़रैबिल का निधन लीबिया के लिए एक कठिन परीक्षा की घड़ी है। अब लीबियाई नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक ऐसे उत्तराधिकारी का चयन करना है जो न केवल पेशेवर रूप से कुशल हो बल्कि सभी गुटों को स्वीकार्य भी हो।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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