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स्पेन के डॉ. पेट्रीसिया सांचो और उनकी टीम ने पैंक्रियाटिक (अग्नाशय) कैंसर के इलाज में हासिल की बड़ी सफलता

स्पेन के डॉ. पेट्रीसिया सांचो और उनकी टीम ने पैंक्रियाटिक (अग्नाशय) कैंसर के इलाज में हासिल की बड़ी सफलता
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 30, 2026 2:14 अपराह्न
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स्पेन की डॉ. पेट्रीसिया सांचो और उनकी टीम द्वारा अग्नाशय कैंसर (Pancreatic Cancer) के क्षेत्र की गई खोज चिकित्सा जगत के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभरी है। 

कौन हैं डॉ. पेट्रीसिया सांचो और उनकी टीम?

डॉ. पेट्रीसिया सांचो (Dr. Patricia Sancho) स्पेन की एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शोधकर्ता हैं। वे मुख्य रूप से IIS Aragón (Aragon Health Research Institute) में ‘स्टेम सेल और कैंसर चयापचय’ (Stem Cells and Cancer Metabolism) समूह की प्रमुख हैं।

  • स्थान –  ज़रागोज़ा (Zaragoza), स्पेन।
  • संस्थान –  IIS Aragón और Miguel Servet University Hospital।
  • विशेषज्ञता – उनका पूरा करियर यह समझने में बीता है कि कैंसर कोशिकाएं, विशेष रूप से ‘कैंसर स्टेम सेल्स’ (CSCs), कैसे जीवित रहती हैं और शरीर में फैलती हैं।

उनकी टीम में स्पेन के विभिन्न बायोमेडिकल विशेषज्ञ शामिल हैं, जो ऑन्कोलॉजी, जेनेटिक्स और मेटाबॉलिज्म के ज्ञाता हैं।

क्या सफलता हासिल की

डॉ. सांचो की टीम ने पैंक्रियाटिक कैंसर के सबसे खतरनाक हिस्से यानी ‘कैंसर स्टेम सेल्स’ (Cancer Stem Cells – CSCs) की कमजोरी को पकड़ने में सफलता हासिल की है।

खोज का मुख्य बिंदु –  मेटाबॉलिक भेद्यता

अग्नाशय का कैंसर इसलिए घातक है क्योंकि यह कीमोथेरेपी के प्रति बहुत प्रतिरोधी (resistant) होता है। डॉ. सांचो ने पाया कि   कैंसर कोशिकाएं जीवित रहने के लिए ऊर्जा के विशिष्ट स्रोतों पर निर्भर करती हैं।

उनकी टीम ने एक ऐसे मेटाबॉलिक पाथवे (Metabolic Pathway) की पहचान की, जिसे अगर ब्लॉक कर दिया जाए, तो कैंसर कोशिकाएं “भूख” से मरने लगती हैं।उन्होंने विशेष रूप से OXPHOS (Oxidative Phosphorylation) प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया, जिसका उपयोग कैंसर स्टेम सेल ऊर्जा बनाने के लिए करते हैं।

यह सफलता दुनिया के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

अग्नाशय का कैंसर अक्सर “साइलेंट किलर” माना जाता है। इसकी गंभीरता को इन बिंदुओं से समझा जा सकता है:

  • जटिल पहचान –  इसके लक्षण तब तक प्रकट नहीं होते जब तक कैंसर अंतिम चरण में न पहुँच जाए।
  • कम उत्तरजीविता दर (Survival Rate) – निदान के बाद 5 साल तक जीवित रहने की दर दुनिया भर में मात्र 10-12% है।
  • कीमोथेरेपी की विफलता –  पारंपरिक इलाज अक्सर ट्यूमर को छोटा कर देते हैं, लेकिन ‘स्टेम सेल्स’ को नहीं मार पाते, जिससे कैंसर दोबारा लौट आता है।

डॉ. सांचो की खोज का महत्व – उनकी रिसर्च इस ‘दोबारा लौटने’ की प्रक्रिया को रोकने की क्षमता रखती है। यदि स्टेम सेल्स को शुरुआत में ही खत्म कर दिया जाए, तो कैंसर के दोबारा फैलने (Metastasis) का खतरा न्यूनतम हो जाएगा।

लोगों को इससे क्या लाभ होगा?

इस शोध के भविष्य में निम्नलिखित प्रत्यक्ष लाभ होंगे|

  • सटीक उपचार (Targeted Therapy) –  स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाए बिना केवल कैंसर कोशिकाओं को लक्षित किया जा सकेगा। इससे कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स कम होंगे।
  • जीवन प्रत्याशा में वृद्धि – यदि यह उपचार क्लीनिकल ट्रायल में पूरी तरह सफल रहता है, तो मरीजों की आयु कई वर्षों तक बढ़ाई जा सकती है।
  • दवाओं का विकास – इस रिसर्च के आधार पर नई दवाओं का निर्माण शुरू हो चुका है जो मेटाबॉलिज्म को बाधित करती हैं।
  • प्रारंभिक चरण में समाधान – यह तकनीक उन मरीजों के लिए जीवनदान होगी जिनका ट्यूमर ऑपरेशन के जरिए निकालना संभव नहीं है।

सफलता का स्वरूप –  यह शोध कैसे काम करता है?

अग्नाशय के कैंसर में ट्यूमर के चारों ओर एक बहुत सख्त आवरण (Stroma) होता है, जिससे दवाइयां अंदर नहीं जा पातीं। डॉ. सांचो की टीम ने इस बाधा को पार करने के लिए चयापचय संबंधी रणनीति बनाई है

  • ईंधन का रास्ता रोकना –  जैसे एक गाड़ी बिना पेट्रोल के नहीं चल सकती, वैसे ही कैंसर कोशिकाएं बिना ‘माइटोकॉन्ड्रियल रेस्पिरेशन’ के नहीं बढ़ सकतीं। टीम ने इस “पेट्रोल” की आपूर्ति रोकने का तरीका खोजा है।
  • प्रतिरोधक क्षमता खत्म करना – यह शोध यह भी बताता है कि कैंसर कोशिकाएं दवाओं से बचने के लिए खुद को कैसे बदलती हैं, और उस बदलाव को कैसे रोका जाए।
  •  एक उज्ज्वल भविष्य-डॉ. पेट्रीसिया सांचो की यह उपलब्धि केवल स्पेन की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की जीत है। हालांकि यह अभी प्रयोगशाला और शुरुआती परीक्षणों के स्तर पर है, लेकिन इसने पैंक्रियाटिक कैंसर को एक ‘लाइलाज बीमारी’ से ‘प्रबंधनीय बीमारी’ (Manageable Disease) बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम उठाया है।
  • महत्वपूर्ण नोट –चिकित्सा शोधों को प्रयोगशाला से आम जनता तक पहुँचने में समय और गहन क्लीनिकल परीक्षणों की आवश्यकता होती है। यह खोज उस लंबी प्रक्रिया का सबसे ठोस आधार है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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