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ख़ामेनेई की मृत्यु की ख़बर के बाद पाकिस्तान में भारी हिंसा

ख़ामेनेई की मृत्यु की ख़बर के बाद पाकिस्तान में भारी हिंसा
नवजोत कौर सिद्धू
On: मार्च 2, 2026 3:25 अपराह्न
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इजराइल ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई की मृत्यु की  घोषणा कर दी तो वही इस ख़बर की पूर्णता स्पष्टता न होने की  ख़बरों के बाद पड़ोसी देश पाकिस्तान के कई बड़े शहर हिंसा और अराजकता फैल गई हैं। इज़राइल ने  इस ख़बर को ख़ामनेई की मौत को सार्वजनिक किए जाने के बाद पाकिस्तान में हो रहे आक्रोश ने हिंसक मोड़ ले लिया, जिसके बाद अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों घायल हैं। युद्ध की आशंक की गंभीरता को देखते हुए कराची और गिलगित-बाल्टिस्तान के संवेदनशील इलाकों में सेना और अर्धसैनिक बलों को तैनात कर कर्फ़्यू लगा दिया गया है।

 प्रदर्शन बना जंग का मैदान,कारंची में प्रदर्शनकारियों का विरोध

आर्थिक राजधानी कराची में विरोध प्रदर्शनों ने सबसे भयावह रूप ले लिया है। दोपहर तक जो रैलियाँ शांतिपूर्ण थीं, शाम होते-होते वे हिंसक झड़प में बदल गईं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के मध्य जिन्ना रोड और अगल-बगल के इलाकों में आमने-सामने का टकराव हुआ।

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, भीड़ ने  बसों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया है  और सरकारी इमारतों पर पथराव किया। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस द्वारा की गई हवाई फायरिंग और आँसू गैस के गोलों के बीच भगदड़ मच गई। स्थानीय अस्पतालों ने पुष्टि की है कि मृतकों में एक पुलिस अधिकारी भी शामिल है। शहर के मुख्य बाज़ार बंद कर दिए गए हैं और इंटरनेट सेवाएँ पूरी तरह बंद कर दी गई हैं।

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अंतरराष्ट्रीय संस्थान पर भी हुए हमले

इस उग्र प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) के स्थानीय कार्यालय पर हमला और पत्थरबाजी को अंजाम दिया है । प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भीड़ ने पहले इमारत में जमकर तोड़फोड़ की और फिर उसे आग के हवाले कर दिया। संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने के लिए सुरक्षा बलों को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। प्रशासन ने इसे “राष्ट्र की छवि पर अंतरराष्ट्रीय प्रहार” का नाम दिया है। यहाँ धारा 144 लगा दिया गया है और पूरे क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क को भी बंद कर दिया गया है।

राजनीतिक और कूटनीतिज्ञ

विश्लेषकों का मानना है कि यह हिंसा केवल एक  नेता की मृत्यु पर शोक नहीं है, बल्कि पाकिस्तान के भीतर गहरे सामाजिक ध्रुवीकरण और ईरान के साथ उसके वैचारिक संबंधों के कारण है। विपक्षी दलों ने सरकार पर स्थिति को संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया है, जबकि गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि “विदेशी ताकतों के इशारे पर देश में अस्थिरता फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।”

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आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

देश के  प्रमुख हिस्सों में अत्यधिक हिंसा के कारण व्यापारिक गतिविधियाँ पूरी तरह ठप्प हो  गई हैं। कराची शेयर बाजार में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। परिवहन और आवागमन व्यवस्था ठप होने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सभी देशों  ने पाकिस्तान में अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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