केंद्र सरकार एक बड़ा अधिनियम पारित करने की तैयारी में है। महिलाओं को समान अधिकार देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक बैठक हुई जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर चर्चा हुई। केन्द्र सरकार आने वाले विशेष सत्र में एक प्रस्ताव लाएगी। प्रस्ताव में महिलाओं की लोकसभा में सीट वृद्धि पर बात होगी जिसके अनुसार लोकसभा में 543 सीट बढ़ाकर 816 की जाएगी। जिसमें लगभग 273 सीट महिलाओं के लिए विशेष रूप से आरक्षित रहेगी। केंद्र में यह प्रस्ताव लागू हो जाने के बाद देश के विभिन्न राज्य भी अपने अपने राज्यों में विधानसभा में महिलाओं के लिए सीट आरक्षण का प्रस्ताव लाएंगे।
सभी वर्गों की महिलाओं को मिलेगा आरक्षण
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने के बाद सभी वर्गों की महिलाओं को समान आरक्षण मिलेगा। अनूसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाएं भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। इस बीच प्रधानमंत्री ने अपने वेबसाइट पर एक आर्टिकल लिखकर सभी नेताओं और सभी लोगों से आग्रह किया कि वह सभी महिलाओं के विकास का हिस्सा बने और संसद में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करे। इस क़दम से नेतृत्व वाली सभी महिलाओं के अंदर नेतृत्व क्षमता बढ़ेगा। संसद में ज्यादा महिलाओं की भागीदारी होने से महिलाओं की बात और अधिक संसद में पहुंचेगी और महिलाओं का विकास और तेज गति से होगा।
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लोकसभा में है अभी 75 महिला सांसद
वर्तमान में 75 महिला सांसद लोकसभा में नेतृत्व कर रही है। यह सभी सांसद देश के विभिन्न राज्यों से आते हैं। जहां पश्चिम बंगाल से 11, मध्यप्रदेश से 6, उत्तरप्रदेश से 7, महाराष्ट्र से 7, आंध्रप्रदेश से 3, छत्तीसगढ़ से 3, कर्नाटक से 3, राजस्थान से 3, ओडिशा से 4, गुजरात से 4, तमिलनाडु से 5, बिहार से 5, तेलंगाना, दिल्ली, झारखंड से 2–2, उत्तराखंड, त्रिपुरा, पंजाब, हरियाणा, असम, हिमाचल प्रदेश और दामन दीव से 1–1 महिला सांसद आती है। अगर यह संख्या 273 हो जाती है तो निश्चित रूप से यह एक ऐतिहासिक फैसला होगा। संसद में यह अधिनियम आसानी से पारित हो जाना चाहिए क्योंकि विपक्षी दलों को भी इस अधिनियम से फायदा है। विपक्षी दल भी अपने मुख्य महिला नेत्री चेहरों को अगले आम चुनावों में उतारेंगे जिससे उनके जीतने के chances ज्यादा ही जाएंगे।
2029 के आम चुनावों से लागू होगा महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हो जाने के बाद यह पूरे तरीके से 2029 में लागू होगा क्योंकि अगला आम चुनाव 2029 को है। 2029 का आमचुनाव 816 सीटों पर होगा जहां सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 408 सीट लाने होंगे। 408 सीटो पर ही बहुमत का जादुई आंकड़ा होगा। अपने एक भाषण में लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं की आजादी और उनके अधिकारों के लिए एक विशेष व्यवस्था है। संसद में समान अधिकार देने से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। केंद्र सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है। संसद में सभी दलों के नेता मिलकर इस अधिनियम को पारित करे। वही ओम बिरला ने कहा कि अगले लोकसभा के सत्रों में नारेबाजी और पोस्टर दिखाना पूरे तरीके से प्रतिबंधित होगा। अगर की सांसद ऐसा करते पाया गया तो उसकी लोकसभा सदस्यता रद्द की जा सकती है।
सीटों में वृद्धि होने से उत्तरप्रदेश में सबसे ज्यादा 40 सीट बढ़ेगी
उत्तरप्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है। महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण लागू होने के बाद यूपी में 40 सीटों की वृद्धि होगी। अभी उत्तरप्रदेश में 80 लोकसभा सीट है। अगर अधिनियम पारित होता है तो 80 सीट से बढ़कर 120 सीट हो जाएगी। मध्यप्रदेश में भी 15 सीट और बढ़ जाएगी। महाराष्ट्र में भी लोकसभा की सीट 48 से बढ़कर 72 होगी। एक सच ये भी है कि केंद्र सरकार जहां लोकसभा में महिलाओं के लिए सीट वृद्धि कर रही तो वर्तमान में लोकसभा में 7 राज्यों से एक भी महिला नेत्री का प्रतिनिधित्व नहीं हो रहा है। इन राज्यों में सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, गोवा, मिजोरम वा नागालैंड है। कई केंद्रशासित प्रदेशों से भी महिलाओं की भागीदारी नहीं हो रही है। सरकार को इन क्षेत्रों से भी महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी तभी सरकार की नारी शक्ति वंदन अधिनियम सफल हो पाएगी।







