ओमान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान (Order of Oman) ‘द फर्स्ट क्लास ऑफ द ऑर्डर ऑफ ओमान’ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मानित किया गया है। ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक द्वारा प्रदान किया गया, जहां प्रधानमंत्री मोदी एक औपचारिक समारोह के दौरान यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त कर रहे हैं।

इस आयोजन का आयोजन प्रधानमंत्री मोदी के ओमान के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के दौरान हुआ, जो उनकी तीन देशों की यात्रा का अंतिम पड़ाव था। ओमान की ओर से यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने, रणनीतिक भागीदारी को आगे बढ़ाने और दोनों देशों के बीच मित्रता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में उनके योगदान के लिए दिया गया है। इसी कड़ी में ओमान की सर्वोच्च नागरिक उपाधि उन्हें प्रदान की गई।
पीएम नें आपसी विश्वास और स्नेह का बताया प्रतीक
सम्मान ग्रहण करते समय प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत और ओमान के लोगों के बीच स्नेह और आपसी विश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत के 140 करोड़ लोगों को समर्पित है और यह दोनों देशों की ऐतिहासिक साझेदारी का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सदियों तक दोनों देशों के नागरिकों के बीच समुद्री व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की परंपरा रही है, जिसने आज के समय में दोनों राष्ट्रों के बीच मजबूत मित्रता का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने विशेष रूप से अपने पूर्वजो और समुद्री यात्रियों को भी इस सम्मान के लिए श्रेय दिया, जिन्होंने मंटवी से मस्कट तक के ऐतिहासिक मार्ग को जीवित रखा।
“ऑर्डर ऑफ ओमान” एक और नई उपलब्धि
यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी के लिए वैश्विक स्तर पर मिले अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की सूची में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस सम्मान के साथ ही अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर मिला 29 वां सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। जिसके साथ यह बात भी सामनें आती है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की कूटनीतिक पहुँच वैश्विक पहचान में व्यापक वृद्धि हुई है। इनमें से कई सम्मान दुनिया के प्रमुख नेताओं और प्रतिष्ठित हस्तियों को भी प्रदान किए जा चुके हैं, जिनमें क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय, नेल्सन मंडेला, सम्राट अकिहितो और जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे के दौरान भारत और ओमान के बीच व्यापार और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA/CEPA) पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं, जो दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक सहयोग के नए आयाम खोलेगा। इससे ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
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दूरदर्शी नेतृत्व और वैश्विक नेतृत्व क्षमता के प्रति एक बड़ा सम्मान
केंद्रीय नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने प्रधानमंत्री मोदी को इस सम्मान पर बधाई दी है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इसे मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और वैश्विक नेतृत्व क्षमता के प्रति एक बड़ा सम्मान बताया है, जबकि अन्य मंत्रियों ने भी इसे भारत-ओमान मित्रता के मजबूत रिश्तों का प्रतीक बताया है। इस प्रकार ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ से सम्मानित होना भारत-ओमान के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक साझेदारी को एक नई ऊँचाई पर पहुँचाने का महत्वपूर्ण संकेत है तथा यह दोनों देशों के दीर्घकालिक सहयोग का एक प्रतीकात्मक दस्तावेज भी माना जा रहा है।
भारत-ओमान के बीच क्या हुआ समझौता?
भारत-ओमान के बीच हुए फ्री ट्रेड समझौते के तहत भारत के 98 फीसदी निर्यात पर कोई भी टैक्स नहीं लगेगा। जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि भारत से एक्सपोर्ट किए गए 98 प्रतिशत शुल्क मुक्त सामग्री ओमान पहुंचेगी। जिसमें लेदर, कृषि उत्पाद से लेकर टेक्सटाइल सहित कई अन्य सामग्री है।
भारत से 98 फीसदी सामान शुल्क मुक्त पहुंचेगा समान
भारत-ओमान के बीच हुए फ्री ट्रेड समझौते के तहत भारत के 98 फीसदी निर्यात पर कोई भी टैक्स नहीं लगेगा। यानि भारत से एक्सपोर्ट किए गए 98 फीसदी सामान शुल्क free ओमान पहुंचेगी। इसमें कृषि उत्पाद, लेदर गुड्स और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
नया समझौता नये अवसर पैदा करेगा
पीएम मोदी द्वारा किया गया यह समझौता उनक् दूरदर्शी सोच को बताता है। इस समझौते के बाद उन्होनें भारत ये व्यापारी प्रतिनिधितत्वो से इसे साकार करनें की अपील की है। उन्होनें कहा कि यह समझौता व्यापार के व्यापार के क्षेत्र में अहम कदम है जो दोनें ही देशों के व्यापार को नई रफ्तार देगा, जिससे तमाम अवसर प्राप्त होगें।






