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PM Modi Israel Visit – 9 साल बाद PM नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय इजरायल दौरा महत्वपूर्ण हथियारों की हो सकती है डील 

PM Modi Israel Visit - 9 साल बाद PM नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय इजरायल दौरा महत्वपूर्ण हथियारों की हो सकती है डील 
नवजोत कौर सिद्धू
On: फ़रवरी 25, 2026 12:43 अपराह्न
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PM नरेंद्र मोदी का 25 फरवरी- 26 फरवरी 2026 का इजरायल दौरा (Israel Dora) न केवल कूटनीतिक दृष्टिकोण से बल्कि सामरिक और तकनीकी लिहाज (strategic and technical considerations)  से भी भारत -इजरायल संबंधों (India-Israel relations) में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। 2017 के बाद लगभग 9 वर्षों के अंतराल पर और हालिया क्षेत्रीय संघर्षों के बीच यह उनका दूसरा ऐतिहासिक दौरा है।

PM  नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरा 2026 – दौरे की पृष्ठभूमि और महत्व

2017 में PM मोदी Israel की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे। उस समय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) का दर्जा दिया गया था। अब 2026 में इसे विशेष रणनीतिक संबंध (Special Strategic Relations) में बदला जा रहा है। यह दर्जा Israel  केवल अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों के साथ साझा करता है।

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया (Middle East) तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। भारत के लिए इजरायल न केवल एक रक्षा आपूर्तिकर्ता (defense supplier) है, बल्कि तकनीक, कृषि और सुरक्षा का एक विश्वसनीय साझेदार (trusted partner) भी है।

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PM  मोदी का पूरा शेड्यूल

PM का यह दो दिवसीय दौरा काफी व्यस्त रहने वाला है जिसमें तेल अवीव और यरूशलेम दोनों शहरों के कार्यक्रम शामिल हैं।

पहला दिन –  25 फरवरी, 2026 (बुधवार)

  • आगमन –  PM मोदी तेल अवीव (Tel Aviv) के बेन गुरियन एयरपोर्ट (Ben Gurion Airport) पर उतरेंगे जहाँ इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (PM Benjamin Netanyahu) खुद उनका स्वागत करेंगे।
  • द्विपक्षीय निजी बैठक –  एयरपोर्ट से सीधे दोनों नेता एक निजी बैठक के लिए रवाना होंगे।
  • क्रेसेट (Knesset) संबोधन – यह इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। पीएम मोदी इजरायल की संसद क्रेसेट को संबोधित करेंगे। वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय नेता होंगे।
  • भारतीय समुदाय से संवाद –   PM मोदी Israel में रह रहे भारतीय मूल के लोगों और भारतीय-यहूदी समुदाय (Indian-Jewish Community) के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
  • निजी रात्रिभोज – रात में पीएम नेतन्याहू मोदी ((PM Benjamin Netanyahu)) के सम्मान में एक निजी डिनर होस्ट करेंगे।

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दूसरा दिन –  26 फरवरी, 2026 (गुरुवार)

  • याद वाशेम (Yad Vashem) दौरा –  PM मोदी यरूशलेम स्थित होलोकॉस्ट मेमोरियल जाएंगे और नरसंहार के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देंगे।
  • प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता –  दोनों देशों के बीच औपचारिक वार्ता होगी जिसमें रक्षा, व्यापार, एआई (AI) और साइबर सुरक्षा पर चर्चा होगी।
  • तकनीकी प्रदर्शनी –  दोनों नेता एक विशेष इनोवेशन और टेक प्रदर्शनी का दौरा करेंगे जहाँ इजरायली स्टार्टअप्स अपनी तकनीक का प्रदर्शन करेंगे।
  • समझौतों पर हस्ताक्षर (MoUs) –  वार्ताओं के बाद विभिन्न क्षेत्रों में समझौतों का आदान-प्रदान होगा और एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया जाएगा।
  • राष्ट्रपति से मुलाकात – PM मोदी इजरायल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग (Isaac Herzog) से भी शिष्टाचार भेंट करेंगे।
  • रवानगी –  शाम को PM मोदी भारत के लिए रवाना होंगे।

महत्वपूर्ण रक्षा सौदे और मिशन सुदर्शन

रक्षा क्षेत्र इस दौरे का मुख्य स्तंभ है। भारत अब केवल हथियार खरीदने तक सीमित नहीं है बल्कि Co-development (सह-विकास) पर जोर दे रहा है।

  • सुदर्शन चक्र (Anti-Ballistic Missile Defense) – भारत अपना स्वदेशी एयर डिफेंस शील्ड सुदर्शन विकसित कर रहा है। इसके लिए इजरायल की एरो (Arrow) और आयरन डोम  (Iron Dome) तकनीक के कुछ तत्वों को शामिल करने पर चर्चा हो सकती है।
  • लेज़र हथियार (Iron Beam) –  इज़रायल की अत्याधुनिक लेज़र डिफेंस सिस्टम आयरन बीम  पर भारत की नज़र है। यह ड्रोन और मिसाइलों को लेजर से मार गिराने में सक्षम है।
  • मिसाइल और बम – भारत Spice 1000 गाइडेड बम, Rampage एयर-टू-सर्फेस मिसाइल और Ice Breaker मिसाइल सिस्टम के लिए बातचीत को आगे बढ़ा सकता है।
  • ड्रोन तकनीक –  भारत में ही इजरायली ड्रोनों के निर्माण और उनके उन्नत संस्करणों जैसे हेरॉन मार्क-2  पर बड़ा समझौता होने की उम्मीद है।
  • अन्य प्रमुख क्षेत्र –  तकनीक और व्यापार
  • मुक्त व्यापार समझौता (FTA) –  दोनों देशों के बीच काफी समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते पर इस दौरे के दौरान अंतिम मुहर लगने या बातचीत में बड़ी प्रगति होने की संभावना है।
  • IMEC कॉरिडोर – इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) को लेकर भी दोनों नेता रणनीति बनाएंगे क्योंकि इजरायल इस कॉरिडोर का एक अहम हिस्सा है।
  • AI और क्वांटम कंप्यूटिंग – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम तकनीक में इजरायल की महारत का लाभ भारत अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए उठाना चाहता है।

कूटनीतिक संदेश

PM मोदी का यह दौरा दुनिया को यह संदेश देता है कि भारत अपनी विदेश नीति में डी-हाइफनेशन (De-hyphenation) को मजबूती से लागू कर रहा है। यानी इजरायल (Israel) के साथ भारत के रिश्ते किसी तीसरे देश (जैसे फिलिस्तीन) के साथ संबंधों से प्रभावित नहीं होंगे। साथ ही क्षेत्रीय संघर्षों के बीच मोदी की मौजूदगी भारत की विश्व मित्र की भूमिका को भी दर्शाती है।

9 साल बाद हो रहा यह दौरा केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं  बल्कि 21वीं सदी की नई सुरक्षा चुनौतियों के खिलाफ दो रेज़िलिएंट डेमोक्रेसी (Resilient Democracy) लचीले लोकतंत्रों का एकजुट होना है। हथियारों की डील से लेकर चिप-मेकिंग और वाटर मैनेजमेंट तक यह दौरा भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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