प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 देशों के विदेशी दौरे पर गए है। यह दौरा 15 मई से 20 मई तक चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले संयुक्त अरब अमीरात(UAE) के दौरे पर जाएंगे। उसके बाद वो क्रमशः नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के दौरे पर जाएंगे। इस प्रकार उनका पूरा विदेशी दौरा कुल 6 दिनों का रहने वाला है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले UAE पहुंचे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मिलकर दोनों देशों के आर्थिक रिश्ते को मजबूत करने का संकेत दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का UAE विदेशी दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत में तेल कंपनियों को लगातार घाटे का सामना करना पड़ रहा है जिसके कारण पेट्रोल और डीजल के दाम में मजबूरन बढ़ोत्तरी करनी पड़ रही है। ईरान से कच्चे तेल की सप्लाई चैन बाधित होने से कई तेल कंपनियों को नुकसान पहुंच रहा है। UAE खुद एक बड़ा तेल मार्केट है जो पूरी दुनिया के अलग अलग देशों को कच्चा तेल export करता है। ऐसे में अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UAE के साथ रिश्ते अच्छे कर लिए तो आने वाले समय में कच्चे तेल की समस्या कम हो सकती है।
व्यापारिक रिश्ता बेहद अहम
भारत और यूएई के व्यापारिक संबंध हमेशा से ही अच्छे रहे है। व्यापारिक उद्योग से जुड़े सभी चीजों का इंपोर्ट और export दोनों देश एक दूसरे के लिए करते है। भारत और यूएई के बीच व्यापार, उद्योग, तकनीक, संस्कृति और ऊर्जा सहयोग का रिश्ता काफी अहम माना जाता है। साल 2022 में हुए CEPA समझौते के बाद भारत और यूएई के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्ता और अधिक बढ़ा हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना से भी ज्यादा हुआ है। यह भारत और यूएई के बीच कूटनीतिक संबंध को दर्शाता है।
यूएई की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशमी ने भारत और यूएई के बीच रिश्तों पर खास बात कही। उन्होंने कहा कि भारत और यूएई के बीच व्यापारिक रिश्ता पहले से ही अच्छा रहा हैं। यूएई में रहने वाले लोगों से अगर पूछा जाए तो उनका किसी न किसी प्रकार से रिश्ता भारत से जरूर होता है। यह बात भारत और यूएई के मैत्रीपूर्ण संबंध को दर्शाता हैं। उन्होंने यह भी बात कही कि हॉर्मुज जलडमरूमंडल का उपयोग अमेरिका और ईरान केवल जंग के लिए कर रही है जिससे कच्चे तेल का आयात करने वाले देशों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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विपक्ष का प्रधानमंत्री पर पलटवार
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेट्रोल और डीजल के बढ़े हुए दामों पर प्रधानमंत्री को घेरने का प्रयास किया। उन्होंने अपने x अकाउंट पर प्रधानमंत्री के खिलाफ ट्वीट करते हुए कहा कि पूरे देश की जनता पर महंगाई का दवाब देकर प्रधानमंत्री खुद विदेशी यात्रा पर चले गए हैं। प्रधानमंत्री चुनाव परिणाम का इंतजार कर रहे थे। अगर चुनाव के समय पेट्रोल डीजल के दाम में बढ़ोत्तरी होती तो शायद जनता भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देती। इधर समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और टीएमसी घटक दलों ने पेट्रोल और डीजल के बढ़े हुए दामों पर प्रधानमंत्री को घेर लिया। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों को सरकारी धन की बर्बादी करार दिया। भारत सरकार के विदेश विभाग ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 5 देशों का विदेशी दौरा बहुत पहले से निर्धारित था।
5 देशों के विदेशी दौरे पर वह ऊर्जा सुरक्षा व सहयोग की बात करेंगे। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पेट्रोल और डीजल के संकट को देखते हुए जहां प्रधानमंत्री ने दिखावे के लिए अपने काफिले में कमी की तो वही दूसरी ओर प्रधानमंत्री सरकारी खर्च करके हवाई जहाज से विदेश यात्रा पर जा रहे है।
यूएई के बाद यूरोप के दौरे पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएई के बाद यूरोप के दौरे पर रवाना होंगे जहां वह नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली देशों के राष्ट्रध्यक्ष से मुलाकात करेंगे। इन देशों से कूटनीतिक संबंध सुधारने का भी प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इन देशों के साथ व्यापार बढ़ाने और निवेश के लिए आमंत्रित करने का प्रयास नरेंद्र मोदी करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Ai, सेमीकंडक्टर निर्माण, डिजिटल क्रांति और साइबर सुरक्षा पर वार्ता करेंगे। हाल के कुछ दिनों में पाकिस्तान के साथ युद्ध संघर्ष काफी ज्यादा बढ़ा है। भारत पाकिस्तान के युद्ध को देखते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के देशों से रक्षा उपकरण के सामग्रियों के आयात निर्यात पर बात कर सकते है।







