रणजी ट्रॉफी 2025-26 के क्वार्टरफाइनल में कर्नाटक ने घरेलू क्रिकेट की सबसे सफल टीम मुंबई को चार विकेट से पराजित कर सेमीफाइनल में जगह बना ली। मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्थित मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में कर्नाटक ने धैर्य, अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन संगम दिखाया। इस जीत के नायक रहे अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल, जिनके शानदार शतक ने मैच की दिशा ही बदल दी।
पहली पारी में मुंबई की लड़खड़ाहट
टॉस के बाद बल्लेबाजी करते हुए मुंबई की पहली पारी बेहद निराशाजनक रही। कर्नाटक के अनुशासित और आक्रामक गेंदबाजी आक्रमण के सामने मुंबई की पूरी टीम 120 रन पर सिमट गई। कर्नाटक के तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से ही दबाव बना दिया, जिससे मुंबई के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज टिक नहीं पाए। शुरुआती झटकों से मुंबई उबर नहीं सकी और पूरी पारी में कोई बड़ी साझेदारी नहीं बन पाई।
कर्नाटक को मामूली बढ़त
मुंबई की कमजोर पहली पारी के जवाब में कर्नाटक ने संतुलित बल्लेबाजी करते हुए 173 रन बनाए। हालांकि कर्नाटक भी बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सका, लेकिन उसे 53 रन की महत्वपूर्ण बढ़त जरूर मिल गई। इस पारी में मयंक अग्रवाल ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए टीम को संभाला और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
दूसरी पारी में मुंबई की जोरदार वापसी
पहली पारी की नाकामी के बाद मुंबई ने दूसरी पारी में शानदार वापसी की। मुंबई के बल्लेबाजों ने अधिक आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए 377 रन जोड़े और कर्नाटक के सामने 325 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने अहम योगदान दिया और पारी को मजबूती दी। इस पारी ने मैच को पूरी तरह से रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया।
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लक्ष्य का पीछा और शुरुआती झटके
325 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कर्नाटक की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से टीम दबाव में आ गई। मुंबई के गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी। ऐसे समय में कर्नाटक को एक बड़ी और संयमित पारी की जरूरत थी।
केएल राहुल की कप्तानी पारी
मुश्किल हालात में केएल राहुल ने मोर्चा संभाला। राहुल ने अपने अनुभव का पूरा उपयोग करते हुए धैर्यपूर्ण और तकनीकी रूप से सधी हुई बल्लेबाजी की। उन्होंने गेंदबाजों को थकाया, खराब गेंदों पर रन बटोरे और समय के साथ रन गति बढ़ाई। राहुल ने 130 रन की शानदार पारी खेली, जो उनके प्रथम श्रेणी करियर का 24वां शतक रहा। उनकी यह पारी दबाव में खेली गई एक क्लासिक टेस्ट-स्तरीय पारी मानी जाएगी।
स्मरण के साथ निर्णायक साझेदारी
राहुल को दूसरे छोर से युवा बल्लेबाज रविचंद्रन स्मरण का बेहतरीन साथ मिला। स्मरण ने परिपक्वता दिखाते हुए नाबाद 83 रन बनाए। दोनों के बीच 147 रन की अहम साझेदारी हुई, जिसने मुंबई को मैच से लगभग बाहर कर दिया। यह साझेदारी कर्नाटक की जीत की नींव साबित हुई।
राहुल के आउट होने के बाद भी नहीं डगमगाई कर्नाटक
हालांकि केएल राहुल के आउट होने से मैच में हल्का सा रोमांच लौटा, लेकिन स्मरण और निचले क्रम के बल्लेबाजों ने संयम नहीं खोया। कर्नाटक ने बिना किसी घबराहट के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए और अंततः चार विकेट शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया।
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मुंबई की हार, कर्नाटक की बड़ी जीत
इस हार के साथ 42 बार की चैंपियन मुंबई का सफर क्वार्टरफाइनल में ही समाप्त हो गया। दूसरी ओर कर्नाटक ने यह साबित कर दिया कि वह इस सत्र में खिताब का प्रबल दावेदार है। गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन कर्नाटक की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा।
सेमीफाइनल की ओर नजरें
क्वार्टरफाइनल में मुंबई जैसी मजबूत टीम को हराकर कर्नाटक का आत्मविश्वास काफी बढ़ा होगा। सेमीफाइनल में अब टीम से इसी तरह के अनुशासित और जुझारू प्रदर्शन की उम्मीद की जाएगी। केएल राहुल की फॉर्म और युवा खिलाड़ियों का योगदान कर्नाटक के लिए आगे भी निर्णायक साबित हो सकता है।
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