भारतीय फुटबॉल के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट संतोष ट्रॉफी 2025-26 का खिताब सर्विसेज ने अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में सर्विसेज ने कड़े संघर्ष के बाद अतिरिक्त समय में केरल को 1-0 से पराजित किया। यह मुकाबला असम के ढकुआखाना फुटबॉल स्टेडियम में खेला गया, जहां दर्शकों को आखिरी क्षण तक रोमांच से भरपूर फुटबॉल देखने को मिला।
निर्धारित समय तक गोलरहित रहा फाइनल
फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने सतर्क लेकिन आक्रामक रणनीति अपनाई। केरल ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण रखते हुए खेल को आगे बढ़ाने की कोशिश की, जबकि सर्विसेज ने मजबूत रक्षापंक्ति और काउंटर अटैक पर भरोसा बनाए रखा।
पूरे 90 मिनट के खेल में दोनों टीमें कई मौके बनाने में सफल रहीं, लेकिन किसी भी टीम का आक्रमण गोल में तब्दील नहीं हो सका। केरल ने कुछ अच्छे मूव बनाए, वहीं सर्विसेज ने भी तेज जवाबी हमलों से दबाव बनाया, पर गोलकीपरों और डिफेंडरों के शानदार प्रदर्शन के चलते स्कोर 0-0 ही रहा।
मुकाबला पहुंचा अतिरिक्त समय में
निर्धारित समय में कोई नतीजा न निकलने के बाद फाइनल एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा। थकान के बावजूद दोनों टीमों के खिलाड़ियों में जीत की ललक साफ दिखाई दे रही थी। अतिरिक्त समय के पहले हाफ में भी मुकाबला संतुलित रहा और केरल तथा सर्विसेज दोनों ने सतर्कता के साथ खेलना जारी रखा।
109वें मिनट में टूटा गोल का सूखा
अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में आखिरकार मैच का निर्णायक क्षण आया। 109वें मिनट में सर्विसेज ने वह मौका भुना लिया, जो उन्हें चैंपियन बनाने के लिए काफी था।
शुभम राणा ने बाईं ओर से शानदार मूव बनाते हुए गेंद को आगे बढ़ाया। उनके द्वारा डाला गया खतरनाक क्रॉस केरल के गोलकीपर द्वारा पूरी तरह साफ नहीं किया जा सका। गेंद बॉक्स के बाहर गिरी, जहां मौजूद अभिषेक पवार ने बिना कोई गलती किए जोरदार शॉट लगाकर गेंद को जाल में पहुंचा दिया।
यह गोल फाइनल का एकमात्र गोल साबित हुआ और इसी ने सर्विसेज को संतोष ट्रॉफी का विजेता बना दिया।
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बढ़त के बाद सर्विसेज की अनुशासित रक्षा
गोल खाने के बाद केरल ने बराबरी के लिए पूरा जोर लगा दिया। अंतिम मिनटों में केरल ने लगातार हमले किए और सर्विसेज के डिफेंस पर दबाव बनाया। हालांकि, सर्विसेज के खिलाड़ियों ने अनुभव और अनुशासन का परिचय देते हुए बढ़त को बनाए रखा।
गोलकीपर और डिफेंडरों के संयमित खेल ने केरल को कोई स्पष्ट मौका नहीं दिया। अतिरिक्त समय के अंतिम मिनटों में केरल की हर कोशिश को सर्विसेज ने नाकाम कर दिया।
अंतिम सीटी के साथ शुरू हुआ जश्न
मैच समाप्ति की सीटी बजते ही सर्विसेज के खिलाड़ी खुशी से झूम उठे। कड़े मुकाबले में मिली यह जीत उनके अनुशासित खेल और धैर्य का नतीजा रही। केरल की टीम निराश जरूर दिखी, लेकिन उनके खेल को भी सराहना मिली।
सर्विसेज का आठवां संतोष ट्रॉफी खिताब
इस जीत के साथ सर्विसेज ने आठवीं बार संतोष ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। यह उपलब्धि भारतीय घरेलू फुटबॉल में सर्विसेज की निरंतर मजबूती और स्थिरता को दर्शाती है। इससे पहले भी सर्विसेज कई बार इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को जीत चुका है और इस बार भी उसने दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
केरल का संघर्षपूर्ण सफर
हालांकि केरल फाइनल में खिताब जीतने से चूक गया, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। फाइनल में भी टीम ने अंत तक संघर्ष किया, लेकिन निर्णायक क्षण में गोल न कर पाने की कमी उन्हें भारी पड़ी।
यादगार रहा संतोष ट्रॉफी 2025-26 का फाइनल
संतोष ट्रॉफी 2025-26 का फाइनल मुकाबला रोमांच, धैर्य और उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का शानदार उदाहरण रहा। यह मैच इस बात का प्रमाण है कि भारतीय घरेलू फुटबॉल में प्रतिस्पर्धा लगातार मजबूत हो रही है और संतोष ट्रॉफी आज भी देश के फुटबॉल ढांचे की अहम पहचान बनी हुई है।
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