मध्यप्रदेश में भी चंदन तश्करों के हौशले बुलंद

मध्यप्रदेश की राजधानी में भी अब चंदन तश्करों के हौशले बुलंद है। भोपाल के प्रतिष्ठित और शांत माने जाने वाले कोहे-ए-फ़िज़ा इलाके के गुफा मंदिर में बीती रात उस समय हड़कंप मच गया जब चंदन तस्करों ने एक मंदिर परिसर को निशाना बनाते हुए वहां लगे छह चंदन के पेड़ों को काट डाला।
इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि चौकीदार को इसकी भनक लगनें के बाद तश्कर वहां से भाग निकले लेकिन वह अपनें साथ 3 चंदन के पेड़ों को ले जानें में कामयाब रहे।
कुत्तों नें जब भौंका तो हुआ चंदन तश्करों पर शक
पुलिस के अनुसार, गुफा मंदिर परिसर में चौकीदार के तौर पर काम करने वाले 55 वर्षीय खचोरी सिलावट ने इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 28 नवंबर की सुबह करीब 3:30 बजे वह मंदिर परिसर में गश्त लगा रहे थे। तभी उन्होंने मंदिर के पीछे कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनी।
जब वह आवाज की ओर बढ़े और सीटी बजाई, तो उन्होंने कुछ लोगों को मंदिर के पिछले हिस्से से भागते हुए देखा। उन्होंने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे भाग निकले। जब उन्हें शक हुआ तो वह मौके पर पहुंचे और देखा तो उनके होश उड़ गये, मौके से 6 चंदन के पेड़ आरी की मदद से काटे गये थे, जिनमें से 3 पेड़ गायब थे।
6 में से 3 पेड़ ले गये चंदन तश्करों का गिरोह
जांच करनें पर यह पाया गया कि छह चंदन के पेड़ काटे गए थे। इनमें से तीन पेड़ जमीन पर पड़े थे, जबकि बाकी तीन को चोर अपने साथ ले गए थे। मदिर के सुरक्षाकर्मी नें उअगली सुबह मंदिर समिति को इस घटना की सूचना दी जिसके बाद वह शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचे। चोरी हुए पेड़ों की कीमत करीब 30,000 रुपये बताई जा रही है। और पुलिस आगे की जांच कर रही है।
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योजनाबद्ध हो सकता है यह चंदन तश्करों का काम

छह पेड़ काटे गए, इससे यह साफ नजर आ रहा है कि यह कोई साधारण चोरी की घटना नहीं है, बल्कि लंबे समय से योजनाबद्ध गिरोह का काम था। पुलिस का अनुमान है कि तस्कर पहले ही इलाके की रेकी कर चुके थे और उन्हें पता था कि कब चौकीदार की निगरानी कमज़ोर हो सकती है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी का फायदा उठाकर उन्होनें इस चोरी की घटना को अंजाम देनें की पूरी योजना बनाई। अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि इन पेडों को काटनें व मंदिर परिसर से ले जानें में किसी एक व्यक्ति का हाथ नहीं बल्कि इसमें एक पूरा गिरोह सक्रिय होगा जिसमें कई सदस्य हो सकते है।
बेहद मूल्यवान चंदन की लकड़ी
चंदन की लकड़ी बेहद मूल्यवान होती है, और अंर्तराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी भारी मांग रहती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि चोरी किए गए चंदन की लकड़ी की चंदन तश्करों ने यहीं खपानें का प्रयास किया गया होगा, जिसके पीछे एक बड़े गिरोह का भी हाथ हो सकता है़।
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी रोष है। निवासियों का कहना है कि चंदन चोरी की घटना सुनियोजित संगठित घटना है। लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर शहर के शांत इलाकों में आता है और यहां पुलिस की गश्त कम रहती है। ऐसे में अब इन चंदन तश्करों की तलाश पुलिस कब तक कर पायेगी इस पर भी सवाल बना हुआ है।







