मध्यप्रदेश में पी एम श्री हैलीपैड की शुरुआत हो गई है। मध्यप्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को नई गति देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए ‘पी.एम. श्री हेलीपैड’ योजना के तहत कई नए हेलीपैडों का संचालन शुरू कर दिया गया है। इस पहल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में तेज़ आपातकालीन सेवाएँ उपलब्ध कराने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी बड़ी मदद मिलेगी।
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पर्यटन को मिली नई उड़ान
मध्यप्रदेश अपने समृद्ध इतिहास, सांस्कृतिक धरोहर, वन्यजीव अभयारण्यों, अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक पर्यटन स्थलों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। खजुराहो, ओरछा, उज्जैन, सांची, कान्हा, पेंच, बांधवगढ़ और मांडू जैसे स्थान हर वर्ष लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। लेकिन इन स्थानों तक पहुंचने के लिए कई पर्यटकों को समय लेने वाली सड़क या रेल यात्रा पर निर्भर रहना पड़ता था। अब पी.एम. श्री हेलीपैड की शुरुआत से इन पर्यटन स्थलों तक पहुंचना अधिक आसान, तेज़ और सुरक्षित हो सकेगा। पर्यटन विभाग के अनुसार, हवाई सुविधाएँ बढ़ने से हाई-एंड पर्यटन को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। इससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है, जो राज्य की पर्यटन आय में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

नेशनल पार्कों की दूरी हुई कम, मंदिरों के भी होगें जल्द दर्शन
पी.एम. श्री हेलीपैड परियोजना के तहत राज्य के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हेलीपैड का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इनमें उज्जैन, खजुराहो, मांडू, कान्हा, पेंच, बांधवगढ़, पचमढ़ी और ओरछा जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। इनमें से कुछ हेलीपैड पहले से उपयोग के लिए तैयार हैं, जबकि कुछ पर अंतिम निर्माण कार्य किया जा रहा है।उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर के पास बने हेलीपैड से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है, क्योंकि चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवा से तीर्थयात्री कम समय में दर्शन कर सकेंगे। खजुराहो में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को मजबूत करने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस हेलीपैड बनाया गया है, जिससे एयर कनेक्टिविटी और भी सुचारू हो जाएगी।

आपात स्थिति में मिलेगा सेवा का लाभ
इन हेलीपैडों का लाभ केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य सरकार ने जानकारी दी है कि हेलीपैड नेटवर्क को आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए भी उपयोग में लाया जाएगा। विशेषकर जंगल क्षेत्रों में, जहां अस्पतालों तक पहुंचने में समय लगता है, हवाई एंबुलेंस सेवाएँ जीवनरक्षक साबित होंगी।
वन्यजीव अभयारण्यों में दुर्घटनाएँ, जंगल में आग, या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति में तुरंत हेलीकॉप्टर की मदद से राहत कार्य संभव होगा। इससे प्रशासन को तेज़ी से प्रतिक्रिया करने में मदद मिलेगी।
उद्योग, व्यापार को मिलेगी गति
हेलीपैड शुरू होने से स्थानीय स्तर पर नए रोजगार और व्यावसायिक अवसर भी पैदा होंगे। पर्यटन स्थलों के आसपास होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, गाइड सेवाएँ, ट्रांसपोर्ट और हस्तशिल्प जैसी गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है। कई छोटे व्यवसायियों को उम्मीद है कि उच्च आयवर्ग के पर्यटकों के आने से उनकी कमाई बढ़ेगी।राज्य सरकार का दावा है कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं को पायलटिंग, हवाई सेवाओं, टेक्निकल सपोर्ट, सुरक्षा और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में रोजगार मिलेगा। इससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों को आर्थिक रूप से सशक्त करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
सुरक्षा सहित आधुनिक टेक्नालाजी का भी रखा गया ध्यान
पीएम श्री हेलीपैड योजना के तहत बने हेलीपैडों में अत्याधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया है। इनमें नाइट-लैंडिंग की सुविधा, उन्नत नेविगेशन सिस्टम, अग्निशमन उपकरण, सुरक्षा कर्मी और हेलीकॉप्टर पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा, पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रतीक्षालय, शेड, शौचालय, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं।
परियोजना में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। वन क्षेत्र के पास बने हेलीपैडों के निर्माण में पर्यावरणीय मानकों का पालन किया गया है, ताकि जैवविविधता को कोई नुकसान न पहुंचे।
जानिये भविष्य की क्या है योजनाएँ
राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में और भी कई महत्वपूर्ण स्थलों पर हेलीपैड निर्माण किया जाएगा, ताकि पूरे मध्यप्रदेश को एक मजबूत हवाई नेटवर्क से जोड़ा जा सके। इसके लिए निजी कंपनियों को भी निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार जल्द ही हेलीकॉप्टर सेवा संचालित करने के लिए PPP मॉडल अपनाने की योजना पर भी विचार कर रही है, ताकि पर्यटन स्थलों के बीच नियमित हवाई सेवा उपलब्ध हो सके। खजुराहो से बांधवगढ़, उज्जैन से इंदौर, भोपाल से पचमढ़ी जैसे मार्गों पर पॉकेट-फ्रेंडली हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने पर भी विचार चल रहा है।
पर्यटकों में देखा जा रहा जमकर उत्साह
राज्य में आने वाले पर्यटक भी इस नई सुविधा को लेकर उत्साहित हैं। कई लोगों का कहना है कि हेलीपैड के माध्यम से यात्रा कम समय में पूरी होगी, जिससे वे अधिक स्थानों का भ्रमण कर सकेंगे। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए यह सुविधा बेहद लाभदायक साबित होगी।






