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एक महीने की संवेतन छुट्टी के साथ, श्रम कानून में ऐतिहासिक बदलाव, साउदी अरब नें वीजा जब्त करने पर लगाया बैन

सऊदी अरब ने वीजा जब्त करने पर लगाया बैन
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 20, 2025 5:40 अपराह्न
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नई दिल्ली।

खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीयों के लिए सऊदी अरब से एक बेहद राहत भरी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। साउदी अरब सरकार ने अपने श्रम कानूनों में बड़े पैमाने पर बदलाव करते हुए प्रवासी श्रमिकों, खासकर भारतीय कामगारों के हितों को मजबूत किया है। इन सुधारों के तहत अब नियोक्ता (कफील) द्वारा कर्मचारियों का वीजा या पासपोर्ट जब्त करना पूरी तरह अवैध घोषित कर दिया गया है।

साउदी अरब

इसके साथ ही श्रमिकों को हर साल एक महीने की सवेतन छुट्टी देने का स्पष्ट प्रावधान भी लागू किया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सऊदी अरब “विजन 2030” के तहत अपने श्रम बाजार को अधिक पारदर्शी, मानवीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

भारतीय श्रमिकों के लिए अहम फैसला

सऊदी अरब में भारतीय प्रवासी श्रमिकों की संख्या करीब 25 लाख से अधिक बताई जाती है। ये श्रमिक निर्माण, स्वास्थ्य, तेल-गैस,परिवहन, होटल, घरेलू सेवा और तकनीकी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लंबे समय से भारतीय कामगारों की ओर से कुछ समस्याएं सामने आती रही हैं, जिनमें पासपोर्ट जब्त किया जाना, छुट्टी न मिलना और नौकरी बदलने में कठिनाई शामिल थी। नए कानूनों के लागू होने से अब इन समस्याओं पर काफी हद तक रोक लगेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भारतीय श्रमिकों के जीवन और कामकाजी परिस्थितियों में बड़ा सुधार लाएगा।

वीजा और पासपोर्ट जब्त करने पर पूरी तरह लगा प्रतिबंध

नए श्रम कानूनों की सबसे अहम विशेषता यह है कि अब कोई भी नियोक्ता अपने कर्मचारी का वीजा, पासपोर्ट या पहचान से जुड़ा कोई भी दस्तावेज अपने पास नहीं रख सकता। सऊदी श्रम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वीजा या पासपोर्ट जब्त करना कानूनी अपराध माना जाएगा, दोषी पाए जाने वाले नियोक्ताओं पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। बार-बार नियम तोड़ने पर कंपनी का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। इस कदम को प्रवासी श्रमिकों की स्वतंत्रता और सम्मान की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।

एक महीने की सवेतन छुट्टी का भी अधिकार

नए कानून के अनुसार, हर प्रवासी श्रमिक को साल में कम से कम 30 दिनों की सवेतन छुट्टी देना अनिवार्य होगा। पहले कई मामलों में कर्मचारियों को छुट्टी तो मिलती थी, लेकिन वेतन नहीं दिया जाता था या फिर छुट्टी ही नहीं दी जाती थी।

अब छुट्टी के दौरान पूरा वेतन देना अनिवार्य होगा। छुट्टी से इनकार करने पर कर्मचारी श्रम मंत्रालय में शिकायत कर सकता है। छुट्टी को किसी भी तरह से दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। यह बदलाव खास तौर पर उन भारतीय श्रमिकों के लिए राहत भरा है, जो सालों तक अपने परिवार से दूर रहते हैं।

नौकरी बदलने के नियम भी हुए आसान

सऊदी अरब ने “कफाला सिस्टम” में पहले ही कई सुधार किए थे, और अब नए कानूनों के तहत नौकरी बदलना और भी आसान कर दिया गया है। जिससे  कर्मचारी बिना कफील की अनुमति के तय शर्तों पर नौकरी बदल सकता है। वेतन न मिलने या अनुबंध उल्लंघन की स्थिति में कर्मचारी को पूरा अधिकार मिलेगा।नौकरी बदलने की प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी होगी। इससे भारतीय श्रमिकों को शोषण से बचने और बेहतर अवसर तलाशने में मदद मिलेगी।

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भारत सरकार नें क्या आई प्रतिक्रिया

इस फैसले पर भारत सरकार ने भी संतोष और खुशी जाहिर की है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि यह बदलाव भारतीय प्रवासी श्रमिकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करता है।भारत और सऊदी अरब के बीच श्रम सहयोग को लेकर पहले से ही कई समझौते मौजूद हैं। नए श्रम कानूनों से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है।

साउदी अरब सरकार का क्या है उद्देश्य

सऊदी सरकार का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य केवल विदेशी श्रमिकों की सुरक्षा नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को अधिक पेशेवर और प्रतिस्पर्धी बनाना भी है।

  • विजन 2030 के तहत सऊदी अरब:
  • विदेशी निवेश बढ़ाना चाहता है
  • अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों का पालन करना चाहता है। मानवाधिकारों को प्राथमिकता देना चाहता है,
  • नए श्रम कानून इसी दिशा में एक ठोस कदम माने जा रहे हैं।

भारतीय श्रमिकों में खुशी

सऊदी अरब में काम कर रहे कई भारतीय श्रमिकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अब वे पहले से ज्यादा सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। कुछ श्रमिकों का मानना है कि अब मनमानी पर रोक लगेगी छुट्टी लेकर भारत आना आसान होगा। मानसिक तनाव में कमी आएगी,यह बदलाव न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक और मानसिक रूप से भी राहत देने वाला है।

विशेष निगरानी तंत्र और हेल्पलाइन किया जायेगा शुरु

हालांकि कानून बना दिया गया है, लेकिन उसका सही तरीके से पालन होना भी उतना ही जरूरी है। सऊदी सरकार ने इसके लिए विशेष निगरानी तंत्र और हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा की है। भारतीय दूतावास भी श्रमिकों को जागरूक करने और उनकी मदद के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगा।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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