दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु एक बार फिर बैडमिंटन कोर्ट में वापसी के लिए तैयार दिख रहीं हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण यात्राओं में उत्पन्न व्यवधानों के चलते उन्होंने ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप और स्विस ओपन चैंपियनशिप से बाहर रहने का फैसला लिया था।अब उनका ध्यान आने वाले एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप पर है। वे इस प्रतियोगिता के माध्यम से अपने करियर की शुरुआत नए सिरे से करना चाहती हैं, यह टूर्नामेंट न केवल उनकी वापसी का मौका है बल्कि आत्मविश्वास वापसी का अहम मंच साबित हो सकता है।
पश्चिम एशिया का संकट का असर
पी.वी. सिंधु के करियर को पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने भी प्रभावित किया। इजराइल और अमरीका के द्वारा ईरान पर हमले और ईरान की जवाबी कार्यवाही ने कई देशों का एयरस्पेस बंद कर दिया जिसके कारण अंतर्राष्ट्रीय यात्राएं प्रभावित हुईं, इस दौरान सिंधु दुबई में फंस गईं थीं उन्हें इंग्लैंड के बर्मिंघम जाना था, उन्हें कई घंटों तक एअरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा था । इस पूरी घटना के बाद सिंधु ने कहा था कि यह उनके करियर का सबसे तनावपूर्ण समय था ,ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप में ना खेल पाना उनके लिए दुखद था लेकिन उस समय जीवन की सुरक्षा भी एक जरूरी प्रश्न था।यही सोचकर उन्होंने प्रतियोगिता से अपना नाम वापस लिया था।
इसके बाद स्विस ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप में भी उनकी भागीदारी नहीं हो पाई क्योंकि यात्रा व्यवस्था पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाई थी। पी. वी.सिंधु के लिए यह अनुभव केवल शारीरिक रूप से नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी थकाने वाला रहा। लगातार अनिश्चितता ,भय और यात्रा में उत्पन्न होने वाली बाधाओं के बाद एक खिलाड़ी को खुद को तैयार रखना आसान नहीं होता है।
वापसी के बाद नया लक्ष्य
संकट के बाद सिंधु भारत वापस लौट आईं , इनकी यह वापसी परिवार, खेल प्रेमियों और उनके प्रशंसकों के लिए एक राहत भरी खबर थी। अप्रैल में चीन में आयोजित होने वाले एशियाई चैंपियनशिप के लिए सिंधु ने अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर दिया है और उम्मीद किया है कि अब वे बिना किसी बाधा के इस टूर्नामेंट में भाग के सकेंगी।
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आसान नहीं होगी वापसी
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे ब्रेक के बाद किसी भी खिलाड़ी की वापसी की राह बहुत कठिन होती है।सिंधु जी फिटनेस,लय और मानसिक संतुलन जैसे क्षेत्रों में मेहनत करनी पड़ेगी, हालांकि सिंधु जैसी विश्वस्तरीय खिलाड़ी के लिए वापसी संभव है , लेकिन उन्हें शुरुआती मुकाबलों में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।इस प्रतियोगिता में चीन, जापान, कोरिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों के बेहतरीन खिलाड़ियों के हिस्सा लेने के कारण यह प्रतियोगिता प्रतिस्पर्धा से भरी रहने वाली है।
युवाओं के लिए संदेश
मीडिया से चर्चा के दौरान सिंधु ने युवा खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि खेल के साथ साथ शिक्षा पर भी फोकस करना आवश्यक है, जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए खेल और शिक्षा दोनों जरूरी हैं, भारतीय बैडमिंटन जगत में सिंधु उन कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और कई बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और पदक जीत कर देश का नाम रोशन किया, सिंधु जी वापसी भारतीय बैडमिंटन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी और एशियाई चैंपियनशिप जैसी कड़ी प्रतियोगिताओं में भारत की मजबूत संभावनाएं रहेंगी।
मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकलकर नए लक्ष्य तय करना चैंपियन खिलाड़ी की पहचान होती है, सिंधु भी अपने प्रदर्शन से यही साबित करना चाहेंगी।अब उनके प्रशंसकों की नजर एशियाई चैंपियनशिप पर टिकी हैं , जहां सिंधु एक बार फिर अपने रैकेट से इतिहास लिखने का प्रयास करेंगी।







