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Stock Market महा-गिरावट 2026 –  क्या भारतीय बाजार में आ गया है ‘ब्लैक मंडे’? सेंसेक्स 900 अंक टूटा निवेशकों के डूबे लाखों करोड़

Stock Market महा-गिरावट 2026 -  क्या भारतीय बाजार में आ गया है 'ब्लैक मंडे'
नवजोत कौर सिद्धू
On: मई 11, 2026 1:20 अपराह्न
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​आज सोमवार, 11 मई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मचा हुआ है। सप्ताह के पहले ही कारोबारी दिन दलाल स्ट्रीट पर ‘लाल निशान’ का कब्जा रहा। शुरुआती कारोबार में ही बिकवाली का ऐसा दबाव दिखा कि BSE Sensex 900 अंकों से ज्यादा फिसलकर 76,400 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पास आ गया, वहीं NSE Nifty भी 250 अंकों की भारी गिरावट के साथ 23,900 के स्तर के नीचे ट्रेड कर रहा है।

​बाजार की इस सुनामी ने निवेशकों की संपत्ति में लाखों करोड़ रुपये स्वाहा कर दिए हैं। आइए जानते हैं इस बड़ी गिरावट के पीछे के 5 प्रमुख कारण और आज के टॉप लूजर्स का पूरा लेखा-जोखा।

​बाजार गिरने के 5 बड़े कारण (Key Triggers)

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (Iran-US Conflict)

गिरावट का सबसे बड़ा और प्राथमिक कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को ठुकराने के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध की आशंका गहरा गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान ने बातचीत के जरिए युद्ध समाप्त करने की कोशिश की थी, जिसे वाशिंगटन ने ‘अस्वीकार्य’ करार दिया। इस खबर ने वैश्विक निवेशकों में डर पैदा कर दिया है।

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कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उबाल 

ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। ब्रेंट क्रूड 4.17% की तेजी के साथ $105.5 प्रति बैरल के पार निकल गया है। भारत अपनी तेल जरूरतों का 85% आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने का मतलब है- बढ़ता व्यापार घाटा और महंगाई का खतरा।

भारतीय रुपये में ऐतिहासिक गिरावट

डॉलर के मुकाबले रुपया आज 139 पैसे टूटकर 94.90 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली और मजबूत डॉलर इंडेक्स ने रुपये की कमर तोड़ दी है। कमजोर रुपये ने आईटी और बैंकिंग सेक्टर के सेंटीमेंट को बिगाड़ दिया है।

पीएम मोदी का ‘ऊर्जा और सोना’ बचाने का आह्वान

बीते सप्ताहांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए ईंधन (Fuel) के संरक्षण और कम से कम एक साल तक ‘गैर-जरूरी सोने की खरीद’ (Gold Purchase) टालने की अपील की। पीएम ने डेस्टिनेशन वेडिंग और गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से भी बचने को कहा है। इस बयान के बाद ज्वैलरी, एविएशन और ट्रैवल सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली देखी जा रही है।

FIIs की भारी बिकवाली और खराब नतीजे

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालना जारी रखा है। इसके साथ ही, देश के सबसे बड़े बैंक SBI के चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहने के कारण बैंकिंग इंडेक्स (Nifty Bank) करीब 900 अंक टूट गया है।

​आज के टॉप लूजर्स (Top Losers – 11 May 2026)

​बाजार में मचे कोहराम के बीच इन दिग्गज शेयरों ने निवेशकों को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाई है

कंपनी का नामगिरावट (%)मुख्य कारण
Senco Gold-8.98%पीएम मोदी की सोने की खरीद कम करने की अपील।
Titan Company-6.21%ज्वैलरी की मांग घटने की आशंका।
InterGlobe Aviation (IndiGo)-4.73%पीएम की विदेश यात्रा टालने की अपील और महंगा तेल।
State Bank of India (SBI)-4.16%कमजोर Q4 नतीजे और बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली।
ABB India-8.88%ग्लोबल अनिश्चितता और सप्लाई चेन में बाधा।
IndusInd Bank-2.70%बैंकिंग सेक्टर पर बना चौतरफा दबाव।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

​बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशकों को इस समय आक्रामक खरीदारी से बचना चाहिए और केवल उन्हीं शेयरों पर ध्यान देना चाहिए जिनके फंडामेंटल्स मजबूत हैं।

नोट –  बाजार में भारी अस्थिरता के समय अपना स्टॉप-लॉस (Stop-loss) जरूर लगाएं और किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद लें।

यह रिपोर्ट केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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