भारतीय शेयर बाजार के लिए आज (25 फरवरी, 2026) का दिन एक राहत भरा बुधवार साबित हुआ। कल की भारी गिरावट जिसने निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा कर दिए थे उसके बाद आज बाजार ने जबरदस्त यू-टर्न लिया है।
सेंसेक्स में 500 से अधिक अंकों की बढ़त देखी गई जबकि निफ्टी 150 अंकों के उछाल आया।
आज के बाजार का मुख्य सारांश (Market Overview)
भारतीय शेयर बाजार ने आज सुबह एक सकारात्मक शुरुआत की। कल की बिकवाली के बाद, निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी (Value Buying) करने में रुचि दिखाई।
- BSE Sensex – सेंसेक्स लगभग 82,750 के स्तर को पार कर गया।
- NSE Nifty 50 – निफ्टी ने 25,550-25,600 के दायरे में वापसी की।
- बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) – आज बाजार में एडवांस-डिक्लाइन रेशियो खरीदारों के पक्ष में रहा। करीब 2000 से ज्यादा शेयरों में तेजी दर्ज की गई जबकि गिरने वाले शेयरों की संख्या सीमित रही।
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किस सेक्टर ने मारी बाजी? (Sector-Wise Analysis)
आज की इस शानदार रिकवरी में IT (Information Technology) सेक्टर सबसे बड़ा गेम चेंजर साबित हुआ। कल इसी सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट थी लेकिन आज यह टॉप गेनर बनकर उभरा।
IT सेक्टर – 2.2% से ज्यादा का उछाल
कल अमेरिकी बाजारों में तकनीकी शेयरों में आई तेजी और भारतीय आईटी कंपनियों के आकर्षक मूल्यांकन ने आज खरीदारी को बढ़ावा दिया।
- प्रमुख शेयर – Tech Mahindra, HCL Tech और TCS में 2% से 3% तक की बढ़त देखी गई।
- कारण – पिछले सत्र में AI (Artificial Intelligence) से जुड़े खतरों की वजह से जो डर बना था, उसमें आज ओवर-सोल्ड जोन से रिकवरी आई।
मेटल और एनर्जी सेक्टर
वैश्विक स्तर पर कमोडिटी की कीमतों में स्थिरता और चीन की मांग में सुधार की उम्मीदों ने भारतीय मेटल शेयरों को पंख दिए।
प्रमुख शेयर – Tata Steel और SAIL में जोरदार खरीदारी रही।
बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं
निफ्टी बैंक ने भी बाजार को सहारा दिया। निजी और सरकारी दोनों बैंकों ने निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी दिखाई।
प्रमुख शेयर – PNB, Canara Bank और Axis Bank आज के सत्र के मजबूत खिलाड़ी रहे।
सोलर सेक्टर में दबाव (अपवाद)
हालांकि पूरा बाजार हरा था लेकिन Waaree Energies और Premier Energies जैसे शेयरों में 10% से 14% की भारी गिरावट देखी गई। इसका मुख्य कारण अमेरिका द्वारा भारतीय सोलर पैनलों पर भारी इम्पोर्ट ड्यूटी (126%) लगाने की खबर रही।
बाजार में वापसी के 5 प्रमुख कारण (Key Recovery Drivers)
- वैल्यू बाइंग (Value Buying) – कल की गिरावट के बाद कई बड़े और ब्लूचिप शेयर सस्ते दामों पर उपलब्ध थे, जिससे संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी शुरू की।
- अमेरिकी बाजारों का सहारा – कल रात अमेरिकी बाजार (Nasdaq और S&P 500) मजबूती के साथ बंद हुए जिसका असर आज भारतीय ओपनिंग पर दिखा।
- DIIs का समर्थन – विदेशी निवेशकों (FPIs) की हल्की बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को गिरने से बचाया। उन्होंने कल लगभग ₹3,161 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की थी।
- मजबूत आर्थिक संकेत – RBI और अन्य रेटिंग एजेंसियों ने भारत की विकास दर (GDP Growth) को लेकर सकारात्मक रुख बरकरार रखा है।
- शॉर्ट कवरिंग – कल जिन ट्रेडर्स ने बाजार गिरने पर दांव लगाया था (Short Selling), आज बाजार को ऊपर जाते देख उन्होंने अपनी पोजीशन को काटा, जिससे कीमतों में और तेजी आई।
निवेशकों के लिए विस्तृत जानकारी (Comprehensive Guide for Investors)
बाजार की इस उठापटक के बीच आम निवेशकों को कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना चाहिए
- निवेश का नजरिया – बाजार में अस्थिरता (Volatility) बनी रहेगी। लंबी अवधि के लिए निवेश करें।
- स्टॉप-लॉस – ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप-लॉस का पालन करना चाहिए, विशेषकर निफ्टी के 25,400 के स्तर पर।
- सेक्टर रोटेशन – वर्तमान में बाजार IT, बैंकिंग और डिफेंस सेक्टर्स के बीच घूम रहा है। पोर्टफोलियो में विविधता रखें।
तकनीकी विश्लेषण (Technical Outlook)
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 25,300 – 25,400 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (Support) का काम कर रहा है। जब तक निफ्टी (nifty) इसके ऊपर है, घबराने की जरूरत नहीं है। ऊपरी स्तर पर 25,800 – 26,000 एक बड़ी बाधा (Resistance) है। यदि बाजार इस बाधा को पार करता है तो हम नई ऊंचाई (All-time High) देख सकते हैं।
- विशेष नोट – आज IRFC जैसी सरकारी कंपनियों (government companies) में OFS (Offer for Sale) की खबरों के कारण कुछ दबाव दिखा लेकिन निवेशकों ने इसे खरीदारी के अवसर के रूप में देखा।
- आज की तेजी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय बाजार में बाय ऑन डिप्स गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अभी भी प्रभावी है। हालांकि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (Global geopolitical tensions) और अमेरिकी नीतियों का असर समय-समय पर दिखता रहेगा, लेकिन भारत की मजबूत डोमेस्टिक डिमांड बाजार को सहारा देती रहेगी।
- टिप – यदि आप नए निवेशक हैं तो सीधे शेयरों में दांव लगाने के बजाय Mutual Funds (SIP) के माध्यम से निवेश करना अधिक सुरक्षित और लाभदायक हो सकता है।







