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शेयर बाजार-  सेंसेक्स  और निफ्टी मे भारी अंको की गिरावट ऑटो शेयरों और बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा हुई खरीदी बिक्री

सेंसेक्स  और निफ्टी मे भारी अंको की गिरावट ऑटो शेयरों और बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा हुई खरीदी बिक्री
नवजोत कौर सिद्धू
On: मार्च 19, 2026 7:37 अपराह्न
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आज 19 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा कर दिए। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू बैंकिंग संकट के दोहरे प्रहार ने बाजार की कमर तोड़ दी। जहाँ सेंसेक्स लगभग 2500 अंक नीचे गिरा, वहीं निफ्टी ने भी 23,000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को चुनौती दी।

​बाजार का लेखा-जोखा –  आज की गिरावट के मुख्य आंकड़े

​आज के सत्र में बाजार की शुरुआत ही भारी गिरावट (Gap-down) के साथ हुई थी जो समय के साथ और गहरी होती चली गई।

  • BSE सेंसेक्स – बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सूचकांक 2,496.89 अंक (3.26%) टूटकर 74,207.24 के स्तर पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसने 2,753 अंकों तक की गोताखोरी की थी।
  • NSE निफ्टी – नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक 775.65 अंक (3.26%) की भारी गिरावट के साथ 23,002.15 पर बंद हुआ। एक समय यह 23,000 के नीचे भी फिसल गया था।
  • निवेशकों की संपत्ति –  इस एक दिन की गिरावट में निवेशकों के लगभग 12 लाख करोड़ रुपये डूब गए।

​गिरावट के 5 प्रमुख कारण

  • मध्य-पूर्व में युद्ध का विस्तार –  इजरायल द्वारा ईरान के प्रमुख गैस और तेल ठिकानों पर हमले की खबरों ने वैश्विक बाजार में डर पैदा कर दिया। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को जोखिम वाले एसेट्स (शेयरों) से दूर कर दिया।
  • कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आग – युद्ध के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें $110 से $120 प्रति बैरल के पार निकल गईं। भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है, इसलिए तेल की महंगाई सीधे तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक है।
  • HDFC बैंक का संकट –  इंडेक्स के सबसे बड़े दिग्गज HDFC बैंक के चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे ने बैंकिंग सेक्टर में खलबली मचा दी। इस्तीफे के पीछे ‘नैतिक मूल्यों’ का हवाला दिए जाने से कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर सवाल उठे और शेयर 8% से ज्यादा टूट गया।
  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख – यूएस फेड ने ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की और भविष्य के लिए ‘हॉकिश’ (कठोर) संकेत दिए, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से पैसा निकालना तेज कर दिया।
  • रुपये की ऐतिहासिक गिरावट – डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होकर 92.89 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे व्यापार घाटा बढ़ने का डर सताने लगा।

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​ऑटो और बैंकिंग सेक्टर –  गिरावट में कहाँ हुई खरीदारी?

​बाजार में मचे हाहाकार के बावजूद, कुछ बड़े निवेशकों और फंड हाउसों ने ‘Value Buying’ (निचले स्तरों पर खरीदारी) की। विशेषकर ऑटो और कुछ चुनिंदा बैंकिंग शेयरों में संचय (Accumulation) देखा गया।

​बैंकिंग सेक्टर (Banking Sector)

​हालांकि बैंक निफ्टी 1800 अंक से ज्यादा गिरा लेकिन कुछ पीएसयू (PSU) बैंकों और चुनिंदा प्राइवेट बैंकों में ‘Dip’ पर खरीदारी हुई

  • State Bank of India (SBI) –  निचले स्तरों पर एलआईसी (LIC) और अन्य घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी की।
  • Bank of Baroda & PNB – सरकारी बैंकों के मूल्यांकन (Valuation) आकर्षक होने के कारण यहाँ मध्यम अवधि के निवेशकों ने पोजीशन बनाई।
  • ICICI Bank –  HDFC बैंक से पैसा निकालकर कुछ फंड्स ने सुरक्षित विकल्प के तौर पर ICICI बैंक में शिफ्ट किया।

​ऑटो सेक्टर (Auto Sector)

​कच्चे तेल की कीमतों के बावजूद, भविष्य की मांग को देखते हुए ऑटो शेयरों में हलचल रही

  • JBM Auto –  एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, ‘Microcurves Trading’ और ‘NK Securities’ जैसी फर्मों ने इस शेयर में भारी मात्रा में शेयर खरीदे।
  • Tata Motors (CV Segment) –  कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में अच्छे ऑर्डर की उम्मीद में यहाँ ब्लॉक डील्स देखी गईं।
  • Bharat Forge & Cummins India –  इन कंपनियों के निर्यात और डिफेंस ऑर्डर के कारण विशेषज्ञों (जैसे सुमीत बगाड़िया) ने इन्हें ‘Buy’ रेटिंग दी।

Stock Market Update – 3 मार्च 2026

​किन कंपनियों के शेयरों में हुई सबसे ज्यादा हलचल?

​बाजार में मंदी के इस माहौल में भी कुछ कंपनियों ने अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश की

कंपनी का नामस्थितिमुख्य कारण
HDFC Bank8.6% गिरावटचेयरमैन का इस्तीफा और गवर्नेंस के मुद्दे
ONGC1.02% बढ़तकच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से फायदा (Upstream Company)
Mazagon Dock10.5% बढ़तनए रक्षा ऑर्डर्स और सरकारी फंडिग
Shriram Finance6.2% गिरावटएनबीएफसी सेक्टर में बिकवाली का दबाव
Tata Steel2.5% बढ़तचीन से मांग बढ़ने की उम्मीद में रिकवरी

आगे की राह –  निवेशकों को क्या करना चाहिए?

​बाजार अभी ‘Fear Zone’ में है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मध्य-पूर्व में तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतें $100 के नीचे नहीं आतीं तब तक उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।

  • रिटेल निवेशकों के लिए सलाह –  घबराहट में (Panic Selling) अपने पोर्टफोलियो को खाली न करें। अच्छे फंडामेंटल वाले शेयर जैसे Reliance, ICICI Bank और टाटा ग्रुप की कंपनियों को गिरावट में धीरे-धीरे जोड़ें।
  • नजर रखें – कल के सत्र में एशियाई बाजारों की चाल और अमेरिकी बाजार के बंद होने के आंकड़ों पर नजर रखना जरूरी होगा।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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