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बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी – बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान का 17 साल बाद पूरे परिवार के साथ आए बांग्लादेश

तारिक रहमान का 17 साल बाद पूरे परिवार के साथ आए बांग्लादेश
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 26, 2025 7:19 अपराह्न
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तारिक रहमान का 17 साल बाद-बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी BNP के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान का 17 साल के लंबे निर्वासन के बाद स्वदेश लौटना बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है।

तारिक रहमान का 17 साल बाद पूरे परिवार के साथ आए बांग्लादेश

​ऐतिहासिक वापसी- तारिक रहमान का 17 साल बाद बांग्लादेश आगमन और राजनीति का नया अध्याय

​बांग्लादेश की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हुई है। लगभग पौने दो दशक 17 साल तक लंदन में राजनीतिक निर्वासन बिताने के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी BNP के शक्तिशाली कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान अपने पूरे परिवार के साथ ढाका लौट आए हैं। यह वापसी न केवल उनके परिवार के लिए भावुक क्षण है बल्कि देश की सत्ता संरचना और आगामी चुनावों के लिए एक निर्णायक मोड़ भी है।

निर्वासन की पृष्ठभूमि – 2008 से 2025 तक का सफर

​तारिक रहमान जो बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया और शहीद राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बड़े बेटे हैं, ने 2008 में सैन्य समर्थित अंतरिम सरकार के दौरान देश छोड़ा था।

  • स्वास्थ्य और सुरक्षा-उस समय वे गंभीर रूप से घायल थे और इलाज के लिए लंदन गए थे।
  • ​कानूनी पेच-उनके निर्वासन के दौरान अवामी लीग की सरकार के तहत उन पर दर्जनों मामले दर्ज किए गए जिनमें 2004 का ग्रेनेड हमला मामला और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल थे। उन्हें कई मामलों में अनुपस्थिति में सजा भी सुनाई गई थी।
  • ​दूरस्थ नेतृत्व-लंदन में रहते हुए भी उन्होंने डिजिटल माध्यमों से अपनी पार्टी को एकजुट रखा और कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी।

वापसी की परिस्थितियाँ

  • छात्र आंदोलन और तख्तापलट-तारिक रहमान की वापसी का रास्ता तब साफ हुआ जब अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले एक विशाल जन-आंदोलन ने शेख हसीना सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया।
  • ​राजनीतिक परिवर्तन-नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन के बाद अदालतों ने तारिक रहमान के खिलाफ कई मामलों में उन्हें राहत दी या सजा पर रोक लगाई।
  • ​जनता का समर्थन-जैसे ही उनकी वापसी की खबर फैली ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर नया पल्टन BNP मुख्यालय तक जनसैलाब उमड़ पड़ा।

परिवार के साथ आगमन- एक भावुक मिलन

​इस बार की वापसी इसलिए खास थी क्योंकि तारिक रहमान अकेले नहीं बल्कि अपनी पत्नी डॉ. जुबैदा रहमान और बेटी ज़ैमा रहमान के साथ लौटे है।

  • ​डॉ. जुबैदा रहमान-पेशे से चिकित्सक जुबैदा रहमान भी निर्वासन के दौरान अपने पति के साथ मजबूती से खड़ी रहीं। उनकी वापसी को पार्टी के भीतर महिलाओं और शिक्षित वर्ग के बीच एक सकारात्मक साझेदारी के रूप में हो सकता है|
  • ​ज़ैमा रहमान-तारिक की बेटी ज़ैमा जिन्होंने ब्रिटेन से कानून की पढ़ाई की है को भविष्य की एक संभावित युवा नेत्री के रूप में देखा जा रहा है। समर्थकों ने उन्हें जिया परिवार की तीसरी पीढ़ी के रूप में उत्साह के साथ स्वीकार किया।

राजनीतिक निहितार्थ में क्या होगी आगे की राह

​तारिक रहमान की वापसी ने बांग्लादेश के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है|

  • ​पार्टी का मनोबल-BNP कार्यकर्ता जो पिछले 15 वर्षों से दमन का सामना कर रहे थे अब दोगुने उत्साह में हैं। तारिक रहमान का प्रत्यक्ष नेतृत्व पार्टी को चुनाव मोड में ले आएगा।
  • चुनावों की मांग-वापस आते ही तारिक रहमान ने स्पष्ट कर दिया कि उनका प्राथमिक उद्देश्य देश में जल्द से जल्द एक स्वतंत्र निष्पक्ष और समावेशी चुनाव सुनिश्चित करना है। उन्होंने अंतरिम सरकार से आग्रह किया है कि वे आवश्यक सुधारों के बाद जल्द ही चुनावी रोडमैप की घोषणा करें।
  • अवामी लीग के बिना राजनीति-शेख हसीना की अनुपस्थिति में तारिक रहमान अब देश के सबसे कद्दावर नेताओं में से एक बनकर उभरे हैं। उनकी चुनौती अब न केवल अपनी पार्टी को जीत दिलाना है बल्कि देश में कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखना भी है।

तारिक रहमान का विजन – मरम्मत की राजनीति

​अपनी पहली सार्वजनिक सभा में उन्होंने 31-सूत्रीय रूपरेखा 31-Point Outline का जिक्र किया जिसका उद्देश्य बांग्लादेश की शासन व्यवस्था की मरम्मत करना है। इसमें शामिल हैं-

  • दो बार से अधिक प्रधानमंत्री बनने पर रोक।
  • ​संसद में उच्च सदन Upper House का गठन।
  • ​न्यायपालिका और चुनाव आयोग की पूर्ण स्वतंत्रता।
  • ​प्रेस की आजादी को सुरक्षित करना।

चुनौतियां और विवाद

​भले ही उनकी वापसी भव्य रही लेकिन उनके सामने कई चुनौतियां भी हैं|

  • विपक्ष की छवि-विरोधियों द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के दागों को पूरी तरह धोना।
  • युवा पीढ़ी की अपेक्षाएं-बांग्लादेश का युवा अब पुरानी पारंपरिक राजनीति से अलग पारदर्शी और आधुनिक शासन चाहता है।
  • ​अल्पसंख्यक सुरक्षा-देश में स्थिरता बनाए रखना और अल्पसंख्यकों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करना।​

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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