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ईरान में अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन कई शहरों में हिंसक झङप कई लोग मारे गए

ईरान में अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन कई शहरों में हिंसक झङप कई लोग मारे गए
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 9, 2026 8:11 अपराह्न
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ईरान में इस समय हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। यह हाल के दशकों का सबसे गंभीर संकट माना जा रहा है  जिसने ईरान के इस्लामिक गणराज्य की नींव को हिला कर रख दिया है। 2026 की शुरुआत के साथ ही ईरान की सड़कें युद्ध के मैदान में तब्दील हो चुकी हैं।

विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण –  आर्थिक विनाश और तानाशाही

ईरान में इस व्यापक असंतोष के पीछे कई गहरे सामाजिक और आर्थिक कारण हैं-

  • मुद्रा का गिरना (Rial Collapse) – ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत अपने ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गई है। जनवरी 2026 तक एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 1.4 मिलियन 14 लाख रियाल से ऊपर जा चुकी है। इससे आम जनता की बचत और खरीदने की शक्ति शून्य हो गई है।
  • महंगाई और सब्सिडी का अंत –  सरकार ने आवश्यक वस्तुओं जैसे भोजन और गैसोलीन पर सब्सिडी खत्म करने का फैसला किया जिससे ब्रेड दूध और मांस जैसी बुनियादी चीजों की कीमतें 50% से 100% तक बढ़ गईं।
  • तानाशाही का विरोध –  यह विरोध अब केवल आर्थिक नहीं रहा। लोग तानाशाह मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं और 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद बने सिस्टम को पूरी तरह बदलने की मांग कर रहे हैं।
  • भ्रष्टाचार और विदेशी युद्ध – जनता का आरोप है कि सरकार देश का पैसा ईरान के विकास के बजाय लेबनान यमन और गाजा में चल रहे छद्म युद्धों (Proxies) पर खर्च कर रही है।

किस लीडर के खिलाफ है यह विरोध?

यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) के खिलाफ है।

  • खामेनेई के खिलाफ आक्रोश – प्रदर्शनकारी उन्हें देश की बदहाली का जिम्मेदार मान रहे हैं। कई शहरों में उनकी तस्वीरों को जलाया गया है।
  • रजा पहलवी का उदय – निर्वासित ईरानी राजकुमार रजा पहलवी (Reza Pahlavi) जो वर्तमान में अमेरिका में हैं ने इस आंदोलन को समर्थन दिया है। कई प्रदर्शनकारी पहलवी की वापसी और राजशाही के समर्थन में भी नारे लगा रहे हैं।

प्रभावित शहरों की विस्तृत जानकारी

विरोध प्रदर्शन ईरान के सभी 31 प्रांतों में फैल चुका है। अब तक 46 से अधिक मुख्य शहरों और लगभग 340 से अधिक स्थानों पर हिंसक झड़पें हुई हैं। प्रमुख शहर निम्नलिखित हैं

शहर का नाम  वर्तमान स्थिति 

  • तेहरान (Tehran) – राजधानी का ग्रैंड बाजार बंद है। यहां सबसे बड़े प्रदर्शन हो रहे हैं। 
  • मशहद (Mashhad) – धार्मिक शहर होने के बावजूद यहां खामेनेई के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी हुई है। 
  • इस्फहान (Isfahan) – यहां सुरक्षा बलों और जनता के बीच भीषण संघर्ष हुआ है
  • शीराज (Shiraz) – युवाओं और छात्रों की भागीदारी सबसे अधिक देखी गई है। 
  • करज और तबरीज –  यहां इंटरनेट पूरी तरह बंद है और हवाई अड्डों पर परिचालन प्रभावित हुआ है। 
  • कूर्दिस्तान प्रांत – सनेन्दज और अन्य शहरों में सुरक्षा बलों ने भारी बल प्रयोग किया है। 

अब तक हुई हानियां और नुकसान

इस संघर्ष में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है जनवरी 2026 तक के आंकड़े|

  • मौतें – मानवाधिकार संगठनों (HRANA) के अनुसार अब तक 45 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इनमें कम से कम 5 बच्चे और 8 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।
  • गिरफ्तारी – अब तक 2,277 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 166 नाबालिग और 48 विश्वविद्यालय के छात्र शामिल हैं।
  • संपत्ति का नुकसान –  प्रदर्शनकारियों ने कई सरकारी बैंक पुलिस स्टेशन और धार्मिक कार्यालयों (Basij Offices) में आग लगा दी है। तेहरान में मेट्रो और सार्वजनिक बसों को भी भारी नुकसान पहुँचा है।
  • डिजिटल क्षति – सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट और फोन लाइनें काट दी हैं जिससे व्यापार और संचार पूरी तरह ठप हो गया है।

ईरान सरकार और सुप्रीम लीडर का पक्ष

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इस पर सख्त रुख अपनाया है

  • विदेशी साजिश का आरोप – खामेनेई ने कहा कि यह प्रदर्शन जनता का नहीं बल्कि अमेरिका और इजरायल द्वारा प्रायोजित आतंकवादियों की साजिश है।
  • कड़ी कार्रवाई की चेतावनी –  उन्होंने प्रदर्शनकारियों को दंगाई (Rioters) करार देते हुए कहा कि दंगाइयों को उनकी सही जगह दिखाई जाएगी।
  • धमकी – ईरान के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका या अन्य पश्चिमी देश इसमें हस्तक्षेप करते हैं तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रखी तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा हम उन ईरानियों के साथ हैं जो अपनी आजादी के लिए लड़ रहे हैं।

ईरान इस समय एक दोराहे पर खड़ा है। एक तरफ जनता का बढ़ता गुस्सा और दूसरी तरफ सरकार का दमनकारी रुख। आने वाले दिन ईरान के राजनीतिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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