दक्षिण भारत के राज्य केरलम में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है लेकिन अभी मुख्यमंत्री कौन होगा इसका निर्णय नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री के निर्णय के लिए लोकसभा में नेता विपक्ष सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ केरलम पार्टी नेताओं की बैठक 3 घंटे तक चली। इस बैठक में केरलम् राज्य के विकास की बात की गई। राहुल गांधी ने अलग अलग नेताओं से मिलकर व्यक्तिगत रूप से बात की।
केरलम में कांग्रेस की सरकार 10 सालों बाद वापसी कर रही है। ऐसे में ज्यादा देर कर के कांग्रेस केरल की जनता को निराश नहीं करना चाहेगी। केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला जैसे नेताओं का नाम केरलम मुख्यमंत्री बनने की रेस में सबसे आगे है। अगर कांग्रेस को अपनी स्थिति को सुधारना है तो उसे जल्द से जल्द एक नई सरकार का गठन करना होगा। कांग्रेस की दक्षिण भारत में स्थिति ठीक है नहीं तो अन्य राज्यों में कांग्रेस एक भी सीट पाने में असफल रही है।
23 मई है सरकार गठन की अंतिम तारीख
केरल में हुए विधानसभा चुनाव का परिणाम 4 मई को आया था जिसमें कांग्रेस ने अकेले दम में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। राज्यपाल ने 23 मई तक सरकार गठित करने को कहा हैं। ऐसे में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों को केरलम का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इसका निर्णय जल्द से जल्द करना होगा। केरल के वायनाड से प्रियंका गांधी लोकसभा सांसद हैं। इसके पहले राहुल गांधी भी वायनाड से सांसद रह चुके है।
केरल में कांग्रेस की पकड़ अच्छी खासी है। कांग्रेस को जल्द से जल्द मुख्यमंत्री के नाम का निर्णय कर बाकी के मंत्रिमंडल के चुनाव की प्रक्रिया चालू कर देनी चाहिए। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की स्थिति कुछ खास नहीं थी। पश्चिम बंगाल ने कांग्रेस केवल 2 सीट ही ला पाई। लोकसभा चुनावों में भी कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत खराब था। ऐसे में अगर राहुल गांधी को कांग्रेस को आगे लेकर जाना है तो दक्षिण राज्यों के अलावा भी अन्य पर फोकस करना पड़ेगा।
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कौन कौन हुए चर्चा में शामिल
राहुल गांधी के दिल्ली स्थित आवास पर यह बैठक हुई। जहां कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हुए। इस बैठक में केरल राज्य के कांग्रेस के विधायक और प्रभारी भी शामिल हुए। इस बैठक में संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला और वीडी सतीशन जैसे केरल राज्य के नेता मौजूद रहे। इन तीनों को ही मुख्यमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। इनके अलावा केरल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सनी जोशेफ, प्रदेश प्रभारी दीपा दासमुंसी शामिल हुए। पर्यवेक्षक के रूप में वरिष्ठ नेता अजय माकन और मुकुल वासनिक उपस्थित रहे। इन सभी नेताओं ने पार्टी हाईकमान से केरल में कैबिनेट के गठन की बात पर जोर दिया। पार्टी ऑफिस का कहना है कि विधायकों के रजामंदी के बाद ही केरल के मुख्यमंत्री का निर्णय लिया जा सकता है। राहुल गांधी का बैठक में कहना था कि सभी लोकतंत्र का सम्मान करे और केरल के विकास के बारे में विचार विमर्श करे। पार्टी ने रहते हुए भी हम केरल का विकास कर सकते है। विधायक दल की बैठक के बाद ही मुख्यमंत्री का चुनाव होगा।
राहुल ने भाजपा के खिलाफ भरी हुंकार
कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित एक सभा में राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि कांग्रेस ही एक ऐसे पार्टी है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हरा सकती है। अन्य दलों में इतना दम नहीं है कि वह भाजपा और rss से मुकाबला कर सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में वो दम है जिससे वह RSS की विचारधारा से लड़ सकता है। अब सवाल यह उठता है कि जहां एक ओर ममता बनर्जी और अखिलेश यादव INDIA गठबंधन को मजबूत करने की भरसक कोशिश कर रहे है तो वही राहुल गांधी अपना अलग ही राग गा रहे है। अगर राहुल गांधी को अलग ही चलना है तो उन्होंने फिर INDIA गठबंधन की नींव ही क्यों रखी। राहुल गांधी अगर ऐसे भाषण देते रहे तो वह दिन दूर नहीं जब INDIA गठबंधन टूट के बिखर तो जाएगा ही साथ में बीजेपी को हराने का सपना तो सपना ही रह जाएगा।
आम आदमी पार्टी, टीएमसी ,समाजवादी पार्टी और आरजेडी जैसे घटक दल INDIA गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। INDIA गठबंधन के कारण ही पिछले आम चुनावों में NDA की कम सीट आई थी।







