टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट (Greg Abbott) द्वारा जनवरी 2026 को जारी किया गया यह आदेश वर्तमान में काफी चर्चा में है। इस आदेश के तहत टेक्सास की सार्वजनिक विश्वविद्यालयों (Public Universities) और राज्य एजेंसियों (State Agencies) में नए H-1B वीजा आवेदनों पर 31 मई 2027 तक रोक लगा दी गई है।
टेक्सास H-1B वीजा प्रतिबंध – मुख्य तथ्य और विश्लेषण
आखिर क्या है यह आदेश?
टेक्सास के गवर्नर ने एक आधिकारिक निर्देश जारी किया है जिसके अनुसार
- किस पर लागू है – यह आदेश केवल टेक्सास की सरकारी एजेंसियों और सार्वजनिक (सरकारी) विश्वविद्यालयों पर लागू होता है।
- क्या रोक लगाई गई है – ये संस्थान अब नए H-1B वीजा के लिए आवेदन (Petitions) नहीं कर पाएंगे।
- समय सीमा – यह रोक 31 मई 2027 तक प्रभावी रहेगी, जो कि टेक्सास विधानमंडल के अगले नियमित सत्र की समाप्ति तिथि है।
- छूट की स्थिति – यदि किसी संस्थान को बहुत जरूरी जरूरत है, तो उसे ‘टेक्सास वर्कफोर्स कमीशन’ (TWC) से लिखित अनुमति लेनी होगी।
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क्यों लिया गया यह निर्णय
गवर्नर ग्रेग एबॉट ने इस निर्णय के पीछे कई प्रमुख तर्क दिए हैं|
- स्थानीय कामगारों को प्राथमिकता – गवर्नर का मानना है कि करदाताओं के पैसे से चलने वाले संस्थानों में पहली प्राथमिकता टेक्सास के स्थानीय नागरिकों को मिलनी चाहिए।
- वीजा दुरुपयोग का आरोप – उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संस्थान H-1B कार्यक्रम का उपयोग कम वेतन पर विदेशी कर्मचारियों को रखने के लिए कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी पेशेवरों के अवसर कम हो रहे हैं।
- फेडरल रिव्यू (संघीय समीक्षा) – वर्तमान में अमेरिकी संघीय सरकार (डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन, 2026) H-1B नियमों में बड़े बदलाव कर रही है। टेक्सास सरकार चाहती है कि जब तक नए नियम पूरी तरह स्पष्ट न हो जाएं, तब तक राज्य के स्तर पर इस पर रोक रहे।
- रिपोर्टिंग और पारदर्शिता – सभी संस्थानों को 27 मार्च 2026 तक एक रिपोर्ट देनी होगी जिसमें उनके वर्तमान H-1B कर्मचारियों, उनके मूल देश और उन्हें भर्ती करने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी होगी।
क्या है H-1B वीजा
H-1B वीजा संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा दिया जाने वाला एक गैर-प्रवासी (Non-Immigrant) वीजा है।
प्रमुख विशेषताएं
- विशेषज्ञता की आवश्यकता – यह उन विदेशी पेशेवरों को दिया जाता है जिनके पास किसी विशेष क्षेत्र (जैसे IT, विज्ञान, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, आदि) में स्नातक या उससे उच्च डिग्री और तकनीकी विशेषज्ञता हो।
- अवधि – सामान्यतः यह 3 साल के लिए मिलता है, जिसे 6 साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके बाद, ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया शुरू होने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
- कैप और कोटा – सामान्यतः हर साल 65,000 नए वीजा और अमेरिकी मास्टर डिग्री धारकों के लिए अतिरिक्त 20,000 वीजा का कोटा होता है।
- यूनिवर्सिटी छूट – सरकारी और गैर-लाभकारी विश्वविद्यालय अक्सर इस वार्षिक कोटे (Cap) से बाहर होते हैं, जिससे वे असीमित संख्या में H-1B कर्मचारियों को रख सकते हैं। टेक्सास का नया नियम इसी ‘कैप-एग्जेम्प्ट’ श्रेणी को प्रभावित करता है।
भारतीयों और पेशेवरों पर इसका प्रभाव
चूंकि H-1B वीजा पाने वालों में 70% से अधिक भारतीय होते हैं, इसलिए इस फैसले का सीधा असर भारतीय पेशेवरों पर पड़ सकता है|
- अकादमिक और शोध – जो भारतीय छात्र टेक्सास की यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर या शोधकर्ता (Researcher) के रूप में काम करना चाहते थे, उनके लिए रास्ते कठिन हो जाएंगे।
- आईटी और इंजीनियरिंग – राज्य की एजेंसियों में काम करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर और डेटा एनालिस्ट प्रभावित होंगे।
- प्राइवेट सेक्टर सुरक्षित – ध्यान दें कि यह आदेश निजी कंपनियों (जैसे Google, Tesla, या छोटी IT फर्म) पर लागू नहीं है। वे अभी भी H-1B कर्मचारियों को रख सकते हैं।
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कानूनी स्थिति – क्या राज्य सरकार ऐसा कर सकती है?
आमतौर पर वीजा और आव्रजन (Immigration) के नियम संघीय सरकार (Federal Government) तय करती है, राज्य नहीं। हालांकि, गवर्नर एबॉट ने यह आदेश एक नियोक्ता (Employer) के रूप में दिया है। चूंकि सार्वजनिक विश्वविद्यालय और एजेंसियां राज्य सरकार के नियंत्रण में आती हैं, इसलिए वे अपने संस्थानों को भर्ती करने से रोक सकते हैं।
टेक्सास का यह कदम “अमेरिका फर्स्ट” (America First) की नीति को राज्य स्तर पर लागू करने का एक प्रयास है। 31 मई 2027 तक यह रोक शोध और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले विदेशी पेशेवरों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।







