अमेरिका के लॉस एंजिल्स (Los Angeles) में ईरान के शासन के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान एक ट्रक द्वारा प्रदर्शनकारियों को कुचलने की कोशिश की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी मचा दी है। यह घटना न केवल एक सड़क हादसा है, बल्कि इसके पीछे गहरी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और ईरान के भविष्य को लेकर चल रहे वैचारिक संघर्ष की कहानी छिपी है|
कहां और कब क्या हुआ?
यह घटना 11 जनवरी 2026 (रविवार) को दोपहर लगभग 3:30 बजे अमेरिका के लॉस एंजिल्स के वेस्टवुड (Westwood) इलाके में हुई।
स्थान – यह घटना वेस्टवुड में विल्शायर फेडरल बिल्डिंग (Wilshire Federal Building) के बाहर हुई। यह स्थान लॉस एंजिल्स में राजनीतिक प्रदर्शनों का एक प्रमुख केंद्र रहा है।
स्थिति – उस समय वहां हजारों की संख्या में ईरानी मूल के अमेरिकी और उनके समर्थक जमा थे। वे ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों और वहां के मौजूदा शासन के खिलाफ एकजुटता दिखा रहे थे।
क्या हुआ, एक सफेद रंग का यू-हॉल (U-Haul) ट्रक अचानक भीड़ में घुस गया और प्रदर्शनकारियों को कुचलते हुए आगे निकल गया। ट्रक पर कई राजनीतिक संदेश और पोस्टर लगे हुए थे।
हताहतों की संख्या – प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार इस घटना में दो लोग घायल हुए हैं। पैरामेडिक्स ने मौके पर ही उनका इलाज किया और राहत की बात यह रही कि उन्होंने अस्पताल जाने से मना कर दिया जिसका अर्थ है कि उनकी चोटें जानलेवा नहीं थीं। अब तक इस घटना में किसी की मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई है।
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अमेरिका में ईरान का विरोध क्यों हो रहा है?
अमेरिका में रहने वाले ईरानी समुदाय (Iranian Diaspora) में ईरान की मौजूदा सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
आर्थिक संकट और महंगाई – ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से महंगाई और गिरती अर्थव्यवस्था के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हुए हैं। अमेरिका में रहने वाले लोग अपने मूल देश की जनता के समर्थन में यह विरोध कर रहे हैं।
मानवाधिकार उल्लंघन – प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ईरान की सरकार प्रदर्शनों को दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान में चल रहे संघर्षों में 500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों को गिरफ्तार किया गया है।
सत्ता परिवर्तन की मांग – प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग इस्लामिक रिपब्लिक के शासन का अंत और ईरान में लोकतंत्र की स्थापना है।
कौन लोग हैं जो विरोध कर रहे हैं? (विवाद की जड़)
यह घटना केवल ईरान सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच की नहीं है बल्कि यह प्रदर्शनकारियों के दो अलग-अलग समूहों के बीच के वैचारिक मतभेद का परिणाम मानी जा रही है
राजशाही समर्थक (Pro-Monarchy) – ये वे लोग हैं जो ईरान के पूर्व शाह के बेटे रजा पहलवी (Reza Pahlavi) का समर्थन करते हैं और चाहते हैं कि ईरान में फिर से संवैधानिक राजतंत्र लौटे। लॉस एंजिल्स में हो रहा प्रदर्शन मुख्य रूप से इसी समूह का था।
MEK (मुजाहिदीन-ए-खल्क) यह एक विपक्षी संगठन है जो राजशाही का कड़ा विरोध करता है। ट्रक पर लगे पोस्टरों (No Shah, No Mullah) और स्टिकर से यह संकेत मिला कि ट्रक चालक या उसके पीछे के लोग MEK विचारधारा से प्रभावित थे या राजशाही समर्थकों के विरोधी थे।
महत्वपूर्ण तथ्य – ट्रक पर लिखा था— “No Shah, No Regime, USA: Don’t repeat 1953, No Mullah.” न शाह चाहिए, न शासन, अमेरिका 1953 की गलती न दोहराए, कोई मुल्ला नहीं चाहिए। यह 1953 के उस तख्तापलट की ओर इशारा था जिसमें अमेरिका ने ईरान के प्रधानमंत्री को हटाकर शाह को सत्ता दिलाई थी।
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ट्रक हमले का विस्तृत विवरण और गिरफ्तारी
घटना के बाद की स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण थी-
चालक की पिटाई – जैसे ही ट्रक रुका आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने ट्रक को घेर लिया उसके शीशे तोड़ दिए और चालक को बाहर खींच लिया। वीडियो में देखा गया कि लोग उसे झंडे के डंडों और लातों से पीट रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई – लॉस एंजिल्स पुलिस विभाग (LAPD) ने तुरंत हस्तक्षेप किया और संदिग्ध चालक को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए डिस्पर्सल ऑर्डर बिखराव आदेश जारी किया।
जांच – फिलहाल FBI और स्थानीय पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह हमला सुनियोजित था और क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश थी।
वर्तमान स्थिति
लॉस एंजिल्स की यह घटना दर्शाती है कि ईरान का आंतरिक संघर्ष अब सीमाओं को पार कर विदेशों में भी हिंसक रूप ले रहा है। ईरान में गृहयुद्ध जैसी स्थिति और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच अमेरिका में इस तरह के हमले सामाजिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं।







