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ईरान में हो सकता है हमला पूर्व अमेरिकी सेना अधिकारी और विदेश नीति विशेषज्ञ डैनियल एल डेविस ने किया दावा 

ईरान में हो सकता है हमला पूर्व अमेरिकी सेना अधिकारी और विदेश नीति विशेषज्ञ डैनियल एल डेविस ने किया दावा 
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 22, 2026 2:58 अपराह्न
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डैनियल एल. डेविस (Daniel L. Davis), जो पूर्व अमेरिकी सेना अधिकारी और वर्तमान विदेश नीति विशेषज्ञ हैं, के हालिया बयानों ने मध्य पूर्व (Middle East) में एक नए युद्ध की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। 21 जनवरी 2026 की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, डेविस ने चेतावनी दी है कि 26 जनवरी 2026 के आसपास ईरान पर अमेरिका और इजरायल का एक संयुक्त सैन्य हमला हो सकता है।

हमले की संभावना –  26 जनवरी का “डेंजर विंडो”

डैनियल डेविस ने अपने हालिया ‘Deep Dive’ विश्लेषण में बताया है कि अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों (Naval Assets) और लड़ाकू विमानों की वर्तमान तैनाती यह संकेत देती है कि वाशिंगटन किसी भी समय बड़े हमले के लिए तैयार है।

  • तारीख का महत्व –  डेविस के अनुसार, सैन्य लॉजिस्टिक्स और रणनीतिक स्थिति को देखते हुए 26 जनवरी के आसपास हमले का एक अवसर (Opportunity Window) खुल रहा है।
  • सैन्य तैयारी – पेंटागन ने हाल ही में मध्य पूर्व में अतिरिक्त F-15E Strike Eagles तैनात किए हैं। USS अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत भी क्षेत्र में मौजूद है, जो इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ईरान पर प्रहार करने के लिए पर्याप्त शक्ति प्रदान करता है।

हमले के मुख्य कारण (Triggers)

ईरान पर इस संभावित हमले के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं|

  • ईरान में गृहयुद्ध जैसी स्थिति –  दिसंबर 2025 के अंत से ईरान में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। आर्थिक बदहाली और मानवाधिकारों के हनन के कारण जनता सड़कों पर है। डैनियल डेविस और अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन इस “अस्थिरता” को शासन परिवर्तन (Regime Change) के अवसर के रूप में देख सकता है।
  • आम जनता पर अत्याचार – रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी सुरक्षा बलों ने अब तक लगभग 4,000 प्रदर्शनकारियों की हत्या कर दी है और 24,000 से अधिक को हिरासत में लिया है। इस मानवीय संकट को अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप का नैतिक आधार बना सकता है।
  • परमाणु कार्यक्रम – इजरायल के लिए ईरान का परमाणु कार्यक्रम हमेशा से “रेड लाइन” रहा है। इजरायल का मानना है कि ईरान में चल रही आंतरिक उथल-पुथल के बीच हमला करना उसके परमाणु ठिकानों को नष्ट करने का सबसे सही समय है।

इजरायल का ‘रोल कॉल’ और रणनीति

इस हमले में इजरायल की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।

  • इंटेलिजेंस और टारगेट – इजरायल के पास ईरान के भीतर मोसाद (Mossad) का एक मजबूत नेटवर्क है। हमले के दौरान इजरायल ईरान के मिसाइल अड्डों और परमाणु केंद्रों की सटीक जानकारी साझा करेगा।
  • हवाई हमला – इजरायली वायुसेना (IAF) पहले दौर के हमले का नेतृत्व कर सकती है, जबकि अमेरिका उसे ‘कवर’ और ‘लॉजिस्टिकल सपोर्ट’ प्रदान करेगा।
  • प्रतिशोध का डर –  डैनियल डेविस ने चेतावनी दी है कि इजरायल ईरान के जवाबी मिसाइल हमलों को झेलने के लिए तैयार है, बशर्ते उसे अमेरिका से पूर्ण सैन्य सुरक्षा की गारंटी मिले।

शिया-सुन्नी देशों का समीकरण –  क्या युद्ध रुकेगा?

आपने तीन शिया-सुन्नी देशों (संभवतः ईरान, सऊदी अरब और इराक/सीरिया) के मिलने की बात कही है। मध्य पूर्व की राजनीति में यह एक बड़ा मोड़ है|

बदलता समीकरण 

2025 के बाद से सऊदी अरब और ईरान के बीच कूटनीतिक संबंधों में सुधार देखा गया है। यदि सऊदी अरब जैसा सुन्नी नेतृत्व वाला देश ईरान का साथ देता है या अपनी जमीन का उपयोग अमेरिकी हमले के लिए करने से मना कर देता है, तो अमेरिका के लिए यह हमला करना कठिन हो जाएगा। क्या हमला टल सकता है? यदि क्षेत्रीय शक्तियां (Sunni Bloc) यह स्पष्ट कर दें कि वे किसी भी नए क्षेत्रीय युद्ध के खिलाफ हैं, तो ट्रंप प्रशासन को अपनी “Maximum Pressure 2.0” नीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। हालांकि, डैनियल डेविस का दावा है कि अमेरिका और इजरायल ने मन बना लिया है कि हमला ही एकमात्र रास्ता है।

संभावित परिणाम – पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता

यदि यह हमला होता है, तो इसके परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं:

  • क्षेत्रीय युद्ध –  ईरान अकेले नहीं लड़ेगा। लेबनान में हिजबुल्लाह, यमन में हूती और इराक के लड़ाके इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेंगे।
  • तेल की कीमतें – स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति ठप हो सकती है, जिससे पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ जाएगी।
  • अस्थिरता –  डेविस का सबसे बड़ा डर यह है कि शासन परिवर्तन के बाद ईरान में क्या होगा, इसकी कोई ठोस योजना अमेरिका के पास नहीं है, जिससे इराक और लीबिया जैसी अराजकता पैदा हो सकती है।

महत्वपूर्ण नोट – यह जानकारी डैनियल एल. डेविस के दावों और वर्तमान भू-राजनीतिक रिपोर्टों पर आधारित है। युद्ध की घोषणा आधिकारिक नहीं है और कूटनीतिक वार्ताओं से स्थितियां बदल भी सकती हैं।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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