आंवला, जिसे ‘धात्री फल’ (धरा की माता) और ‘अमृत फल’ भी कहा जाता है, भारतीय आयुर्वेद का एक अनमोल रत्न है। सर्दियों के मौसम में आने वाला यह छोटा सा हरा फल पोषक तत्वों का भंडार है।
आंवला – प्रकृति का वरदान (महत्व)
आंवला विटामिन-C का सबसे समृद्ध प्राकृतिक स्रोत है। आश्चर्यजनक बात यह है कि एक छोटे से आंवले में दो संतरों के बराबर विटामिन-C होता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सुखाने या उबालने पर भी इसका विटामिन-C नष्ट नहीं होता।
आंवले के औषधीय गुण
- त्रिदोष नाशक – यह वात, पित्त और कफ तीनों को संतुलित करता है।
- एंटी-ऑक्सीडेंट – शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालता है।
- कायाकल्प – यह उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है (Anti-aging)।
आंवले के चमत्कारी लाभ
आंवले का सेवन शरीर के हर अंग के लिए फायदेमंद है
- रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) – यह संक्रमण और मौसमी बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है।
- बालों के लिए – बालों को काला, घना और चमकदार बनाता है। झड़ने की समस्या को रोकता है।
- आंखों की रोशनी – नियमित सेवन से दृष्टि तेज होती है और मोतियाबिंद जैसी समस्याओं में लाभ मिलता है।
- पाचन तंत्र – कब्ज, गैस और एसिडिटी में रामबाण है। यह मेटाबॉलिज्म को सुधारता है।
- त्वचा के लिए – चेहरे पर प्राकृतिक चमक लाता है और मुंहासों को कम करता है।
- शुगर कंट्रोल – यह रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक है।
आंवला मुरब्बा बनाने की विधि
मुरब्बा आंवले को साल भर सुरक्षित रखने और इसके गुणों का आनंद लेने का सबसे मीठा तरीका है।
आवश्यक सामग्री
- ताजे बड़े आंवले – 1 किलो
- चीनी – 1.5 किलो
- इलायची पाउडर – 1 चम्मच
- केसर के धागे – थोड़े से (ऐच्छिक)
- फिटकरी – एक छोटा टुकड़ा
बनाने की प्रक्रिया
तैयारी – आंवले को धोकर साफ कर लें। एक कांटे (Fork) की मदद से आंवले में चारों तरफ छेद (Pricking) करें।
कड़वाहट निकालना – फिटकरी मिले पानी में आवलों को रात भर भिगो दें। अगले दिन साफ पानी से 2-3 बार धोएं।
उबालना – एक बर्तन में पानी उबालें और आंवले को 5-7 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं जब तक वे हल्के नरम न हो जाएं। ध्यान रहे वे फटने न पाएं।
चाशनी तैयार करना – एक बड़े बर्तन में चीनी और एक गिलास पानी डालें। जब चीनी घुल जाए, तो इसमें आंवले डाल दें।
पकाना – धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक चाशनी शहद जैसी गाढ़ी न हो जाए और आंवले गुलाब जामुन की तरह दिखने लगें।
अंतिम स्पर्श – अंत में इलायची पाउडर और केसर डालें। इसे ठंडा होने दें और कांच के जार में भर लें। 2-3 दिन बाद यह खाने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाता है।
चटपटा आंवला अचार बनाने की विधि
आवश्यक सामग्री
- आंवला – 500 ग्राम
- सरसों का तेल – 200 मिली
- सौंफ, मेथी दाना, पीली सरसों (दरदरी पिसी) – 2-2 चम्मच
- हल्दी, लाल मिर्च, हींग और नमक – स्वादानुसार
बनाने की प्रक्रिया
- भाप में पकाएं – आवलों को भाप (Steam) में 10-15 मिनट पकाएं जब तक कि उनकी कलियां अलग न होने लगें। बीज निकालकर अलग कर दें।
- मसाला भूनना – एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें (धुआं निकलने तक), फिर आंच धीमी कर दें।
- मिश्रण – गरम तेल में हींग डालें, फिर सभी पिसे हुए मसाले और नमक डालें।
- मैरिनेशन – अब इसमें आंवले की कलियां डालें और अच्छी तरह मिलाएं।
- भंडारण – ठंडा होने पर इसे कांच की बरनी में भरें। 2-3 दिन धूप में रखें ताकि मसाले अच्छे से रच जाएं।
जोड़ों में है अगर दर्द तो सरसों के तेल में मिले लहसुन बनेगा चमत्कारी तेल देगा आराम
सेवन के कुछ अन्य तरीके
- आंवला जूस – सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ।
- आंवला चूर्ण – रात को सोते समय त्रिफला के रूप में।
- कच्चा आंवला – काले नमक के साथ दोपहर के भोजन में।
नोट – आंवला विटामिन-C से भरपूर होता है, इसलिए जिन लोगों को बहुत ज्यादा एसिडिटी की समस्या है, उन्हें इसे खाली पेट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए







