झांसी, उत्तर प्रदेश में एक शादी के होर्डिंग को हटाने को लेकर बहुत बहस हुई। नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ कई पार्षदों ने प्रदर्शन शुरू किया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पार्षदों ने कार्यालय के गेट पर कब्जा कर लिया, जिससे झांसी की नगर आयुक्त आकांक्षा राणा लगभग दो घंटे तक अपने ही कार्यालय में फंसी रहीं। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें सुरक्षा के बीच निकाला।
शादी के होर्डिंग से पूरी बहस
झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र के बीकेडी चौराहे पर एक पार्षद के बेटे की शादी का होर्डिंग लगाया गया था। 9 मार्च को नगर निगम की टीम ने इसे अवैध घोषित कर दिया। संबंधित पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस कार्रवाई का विरोध शुरू किया। पार्षदों ने कहा कि नगर निगम ने होर्डिंग को बिना पूर्व सूचना दिए हटाकर गलत कार्रवाई की है। यह मामला धीरे-धीरे बढ़ता गया और पार्षदों ने नगर निगम का खुला विरोध करने का निर्णय लिया। बाद में बहुत से पार्षद नगर निगम कार्यालय पहुंचे।
प्रदर्शन नगर निगम कार्यालय के गेट पर
दोपहर के समय भाजपा सहित अन्य दलों के लगभग दो दर्जन पार्षद नगर निगम कार्यालय पहुंचे और वहां प्रदर्शन करने लगे। कार्यालय के मुख्य गेट पर पार्षदों ने धरना दिया और नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन के दौरान पार्षदों ने गेट पर कब्जा कर लिया और किसी को भी अंदर या बाहर जाने से रोका। इससे कार्यालय में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी अनिश्चित हो गए। पार्षदों के विरोध के कारण नगर आयुक्त आकांक्षा राणा भी कार्यालय परिसर में ही फंस गईं।
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सहायक नगर आयुक्त की कार की चाबी टूट गई
प्रदर्शन के दौरान परिस्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। पार्षदों ने सहायक नगर आयुक्त गौरव कुमार को नगर निगम कार्यालय में घुसने से रोका। बाद में पार्षदों ने अपनी सरकारी कार की चाबी भी निकाली। यह घटना हुई तो वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में गुस्सा छा गया। पार्षद अपनी मांगों को लेकर लगातार नारेबाजी करते रहे। पूरी जगह बहुत देर तक तनावपूर्ण स्थिति में रही।
नगर आयुक्त ने दफ्तर में दो घंटे बिताए
पार्षदों के विरोध के कारण नगर आयुक्त आकांक्षा राणा लगभग दो घंटे तक अपने ही कार्यालय में फंसी रहीं। गेट पर बैठे पार्षद हटने को तैयार नहीं थे और निरंतर प्रदर्शन करते रहे। स्थिति खराब होने पर प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस बल मौके पर पहुंचा और परिस्थितियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया। नगर आयुक्त को फिर पुलिस की सुरक्षा में कार्यालय से बाहर निकाला गया। उन्हें सुरक्षा घेरे में सुरक्षित बाहर ले जाया गया, फिर स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई।
पार्षदों ने नगर आयुक्त पर आरोप लगाए
प्रदर्शन कर रहे पार्षदों ने कहा कि नगर निगम ने उनके प्रस्तावों को नहीं सुन रहा है। उनका कहना है कि इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता में उनकी छवि खराब हो रही है। भाजपा पार्षद दिनेश प्रताप बुंदेला ने कहा कि नगर आयुक्त मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं और पार्षदों को ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसलिए पार्षदों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। दूसरी ओर, आकांक्षा राणा, नगर आयुक्त, कहते हैं कि सभी कार्य नियमों के अनुसार हो रहे हैं। बातचीत किसी भी समस्या का समाधान है।
घटना के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ी
इस पूरे घटनाक्रम से झांसी नगर निगम की राजनीति में तेजी आई है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच संघर्ष एक शादी के होर्डिंग से शुरू हुआ था। पार्षदों ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन जारी रखेंगे। साथ ही, प्रशासन ने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जाएगी ताकि आगे कोई कानून-व्यवस्था की समस्या न हो।







