गुवाहाटी में शीतलहर का प्रकोप-गुवाहाटी और संपूर्ण असम में इस समय मौसम का जो मिजाज बदला है उसने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित किया है। तापमान में अचानक आई 7°C की गिरावट ने न केवल मौसम वैज्ञानिकों को हैरान किया है बल्कि स्थानीय निवासियों को भी कड़ाके की ठंड का अहसास करा दिया है।
बदलते मौसम और गिरते पारा
असम की राजधानी और उत्तर-पूर्व का प्रवेश द्वार कहा जाने वाला गुवाहाटी शहर इन दिनों एक ऐसी ठंड का गवाह बन रहा है जो अमूमन यहाँ कम ही देखी जाती है। पिछले कुछ दिनों में मौसम में आए अचानक बदलाव ने गुवाहाटी के पारा को सामान्य से 7°C नीचे धकेल दिया है। कोहरे की घनी चादर और बर्फीली हवाओं ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
तापमान का गिरना
असम के गुवाहाटी में आमतौर पर सर्दियाँ सुखद होती हैं लेकिन इस साल हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली सर्द हवाओं ने स्थिति बदल दी है। जब तापमान सामान्य से इतना नीचे गिर जाता है तो इसे कोल्ड डे की स्थिति माना जाता है। इस गिरावट के मुख्य कारण हैं-
- पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)-उत्तर भारत के पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर अब ब्रह्मपुत्र के किनारों तक पहुँच रहा है।
- कोहरे और ठंडी हवाओं का कहर –सुबह के समय दृश्यता (Visibility) इतनी कम हो गई है कि सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। कोहरा Fog सिर्फ आवागमन को ही प्रभावित नहीं कर रहा बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी चुनौती बना हुआ है। सुबह की सैर पर निकलने वाले लोग अब खिड़कियों से बाहर झांकने में भी कतरा रहे हैं। उत्तर-पूर्व की ये ठंडी हवाएं जब हड्डियों को चुभती हैं तो रजाई से बाहर निकलना किसी जंग जीतने जैसा लगता है।
- गर्म कपड़ों का बाज़ार – व्यापार में उछाल-इस मौसम का सबसे सकारात्मक असर गुवाहाटी के गरम कपड़ों के बाज़ार पर पड़ा है।
- फैंसी बाजार और पलटन बाजार-गुवाहाटी के इन प्रसिद्ध बाजारों में भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग स्वेटर जैकेट थर्मल वेयर और ऊनी टोपियों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं।
- फुटपाथ से शोरूम तक-जैकेट और ओवरकोट की मांग इतनी बढ़ गई है कि दुकानदारों के लिए स्टॉक कम पड़ने लगा है। फैशनेबल विंटर वियर के साथ-साथ पारंपरिक असमिया शॉल Eri Silk की मांग भी बढ़ी है।
चाय और ठंड का अटूट रिश्ता
असम और चाय का रिश्ता सदियों पुराना है, लेकिन जब तापमान 7 डिग्री नीचे गिर जाए तो यह रिश्ता इश्क में बदल जाता है।
- नुक्कड़ की दुकानें-गुवाहाटी की हर गली के मोड़ पर चाय की गुमटियों पर लोगों की भीड़ जुटी रहती है।
- सामाजिक जुड़ाव-गरम चाय की चुस्की के साथ राजनीति खेल और मौसम पर चर्चा करना शहर की संस्कृति का हिस्सा बन गया है। कुल्हड़ वाली चाय और साथ में बिस्किट या स्थानीय स्नैक्स जैसे पीठा इस ठंड के मजे को दोगुना कर देते हैं।
स्वास्थ्य और बचाव की महत्वपूर्ण बातें
इतने कम तापमान में खुद को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है-
- स्तरित कपड़े (Layering) – एक भारी कपड़े के बजाय तीन पतले कपड़े पहनना शरीर की गर्मी को ज्यादा बेहतर तरीके से बचाकर रखता है।
- खान-पान – अदरक वाली चाय सूप और गर्म तासीर वाली चीजों का सेवन करें।
बुजुर्गों और बच्चों का ध्यान
तापमान में गिरावट सबसे ज्यादा बच्चों और बुजुर्गों के श्वसन तंत्र को प्रभावित करती है, उन्हें ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बचाएं।
गुवाहाटी की यह ठंड भले ही लोगों को ठिठुरा रही हो लेकिन इसने शहर को एक अलग रंग में रंग दिया है। कोहरे में डूबी ब्रह्मपुत्र गर्म कपड़ों की चमक और चाय की भाप यह सब मिलकर असमिया सर्दियों की एक खूबसूरत तस्वीर पेश की है|
हालांकि जरूरत इस बात की है कि हम मौसम का आनंद लेते हुए अपनी सुरक्षा और स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखें।







