5 राज्यों में हुए चुनावों में बीजेपी को 3 राज्य में जीत का स्वाद चखने को मिला है तो वही दक्षिण भारत में बीजेपी को अभी भी जीत का इंतजार है। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली है तो वही तमिलनाडु और केरल में बीजेपी को काफी संघर्ष का सामना करना पड़ा है। तमिलनाडु में जहां अभिनेता से राजनीति में आए विजय की पार्टी TVK को 107 सीट मिला है और वह निश्चित ही गठबन्धन करके सरकार बनाएंगे। तो वही केरल में कांग्रेस का परचम एक बार फिर लहराया है।
केरल में कांग्रेस अकेले 100 से ज्यादा सीटों पर अपनी सरकार बनाती हुई दिख रही है। बीजेपी को पूर्व भारत, उत्तर भारत और पश्चिम भारत में लगभग हर राज्यों में जीत मिल चुकी है लेकिन दक्षिण भारत है मात्र एक ऐसा क्षेत्र है जहां बीजेपी हमेशा से ही संघर्ष करते आई है। दक्षिण राज्यों में बीजेपी की हार का सबसे बड़ा कारण भाषा हो सकती हैं। बीजेपी के कई बड़े नेता उत्तर भारत से आते है और उनकी भाषा हिंदी है। ऐसे में बड़े बड़े नेताओं को दक्षिण राज्यों में प्रचार प्रसार करने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
प्रधानमंत्री का फोकस दक्षिण भारत में कम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अक्सर अलग अलग जगह प्रचार प्रसार करते देखा जा सकता है लेकिन उन्हें दक्षिण भारत में प्रचार प्रसार करते लोगों ने कम ही देखा होगा। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जितना अपना समय पश्चिम बंगाल को दिया है। अगर इतना ही समय वो केरल और तमिललाडु को देते तो शायद आज तस्वीर कुछ अलग होती। कुछ दिनों पहले लोकसभा में दक्षिण राज्यों को कम महत्व देने का आरोप विपक्ष ने बीजेपी पर लगाया था। तब बीजेपी ने इस आरोप को नाकार दिया था। दक्षिण भारत से बीजेपी की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आती है। बीजेपी ने दक्षिण राज्यों के लिए निर्मला सीतारमण का ठीक से उपयोग नहीं किया। निर्मला सीतारमण साउथ से आती है और उनकी भाषा भी साउथ की है। ऐसे में अगर निर्मला सीतारमण डोर टू डोर कैंपेन चलाएगी तो बीजेपी के लिए साउथ में राह आसान हो जाएगी।
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नई पार्टी का उदय
एक्टर विजय ने अपनी नई पार्टी TVK (तमिलगा वेत्रि कझगम) 2024 में लॉन्च की थी। मात्र 2 सालों के मेहनत के बाद विजय ने तमिलनाडु में अपने विजय का पताका फहरा दिया। DMK और AIDMK जैसी पुरानी पार्टियों को TVK ने धूल चटा दी। यहां सवाल उठता है कि बीजेपी भी इतनी पुरानी पार्टी है वह अगर एक्टर विजय जैसा ही मेहनत साउथ में कर दे तो हालात शायद दूसरे हो जाए। शायद ऐसा भी हो सकता था कि बीजेपी एक्टर विजय से बात करती और उन्हें अपनी पार्टी में आने का न्योता देती जिससे एक्टर विजय बीजेपी में शामिल हो जाते। आज 107 सीट जो विजय ने अपनी पार्टी TVK को दिलाए है वह सभी 107 सीट बीजेपी के हो जाते। एक्टर विजय की आंधी इस तरह चली की तमिलनाडु के मुख्यमंत्री MK स्टालिन खुद अपनी सीट नहीं बचा सके और विधानसभा चुनावों में हार का मुंह देखना पड़ा।
दक्षिण भारत से प्रतिनिधित्व कम
दक्षिण भारत में बीजेपी का ठीक से रिस्पांस न कर पाने का सबसे बड़ा कारण प्रतिनिधित्व की कमी हो सकती है। अभी केंद्र सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और नागरिक उड्डयन मंत्री मोहन रेड्डी ही दो ऐसे बड़े नेता दिखते है जो दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व केन्द्र में करते है। अगर बीजेपी को दक्षिण राज्यों में अपनी स्थिति में सुधार लाना है तो दक्षिण राज्यों से केंद्र में प्रतिनिधित्व ज्यादा से ज्यादा करना पड़ेगा। कर्नाटक में अभी कांग्रेस की सरकार है वहां भी बीजेपी अभी तक अपनी सरकार बनाने में असमर्थ रही है। केरल में तो कांग्रेस जीत ही गई है। तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी TVK भी लगभग जीत ही गई है।
आंध्रप्रदेश में अभी TDP की सरकार है। कुल मिलाकर दक्षिण राज्यों में क्षेत्रीय दलों का बोलबाला है। अगर इस बोलबाले को बीजेपी को कम करना है तो उसे कुछ ठोस कदम उठा कर दिखाने पड़ेगें। पश्चिम बंगाल में हुए चुनावी अभियान में बीजेपी ने अपने कई राज्यों के कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान में लगाया था जिसका परिणाम आज सबके सामने है। अगर ऐसा हीं कुछ चुनावी अभियान बीजेपी दक्षिण भारत के राज्यों में लगाए तो दक्षिण राज्यों में बीजेपी की सरकार निश्चित ही बन सकती है।
बीजेपी का हिंदुत्व कार्ड साउथ में फेल
बीजेपी ऐसे पार्टी है जो हिंदुत्व का मुद्दा उठाकर जनता को खुद पर भरोसा दिलाती है। ऐसे में बीजेपी का हिंदुत्व कार्ड कई जगह चल भी जाता है और कई जगह फेल भी हो जाता है। साउथ में बीजेपी का हिंदुत्व कार्ड बिल्कुल नहीं चलता इसका सबसे बड़ा कारण है अन्य क्षेत्रीय दल।
अन्य क्षेत्रीय दल जनता को इतना विश्वास खुद पर दिला देते है जिससे जनता बीजेपी पर भरोसा करती हीं नहीं है। अगर बीजेपी को अपना हिंदुत्व कार्ड साउथ में चलाना है तो गली गली और मोहल्ले मोहल्ले जाकर लोगों को विश्वास दिलाना होगा तभी साउथ में बीजेपी का उदय हो सकता है। कुछ साउथ में ऐसे भी नेता है जो बीजेपी के हिंदुत्व कार्ड को चलने ही नहीं देते।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री Mk Stalin ऐसे ही तमिलनाडु के नेता है जिन्होंने बीजेपी के हिंदुत्व कार्ड को पूरी तरीके से फेल कर दिया। Mk Stalin खुद जनता के बीच जाकर उनसे संवाद करते है और धर्म, भक्ति और आस्था की बात करते है जिससे लोग बीजेपी के नेताओं पर भरोसा कर हीं नहीं पाते।







