वडोदरा। वुमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 का फ़ाइनल मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार बन गया। कप्तान स्मृति मंधाना और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ जॉर्जिया वोल की शानदार पारियों की बदौलत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने एक बार फिर दिल्ली कैपिटल्स (DC) को हराकर टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया। RCB ने 204 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए 6 विकेट से जीत दर्ज कर दूसरी बार WPL ट्रॉफी पर कब्ज़ा जमाया।
दिल्ली के लिए यह हार बेहद दर्दनाक रही क्योंकि वह लगातार चौथी बार फ़ाइनल में पहुँचकर भी चैंपियन बनने से चूक गई।
दिल्ली की मज़बूत शुरुआत, 200 पार पहुँचा स्कोर
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट पर 203 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। कप्तान जेमिमाह रोड्रिग्स ने एक बार फिर बड़ी ज़िम्मेदारी निभाते हुए 57 रन की बेहतरीन पारी खेली।
उनका साथ दिया अनुभवी बल्लेबाज़ लौरा वोल्वार्ड्ट, जिन्होंने 44 रन बनाए, जबकि लिज़ेल ली ने तेज़ तर्रार अंदाज़ में 37 रन जोड़े। दिल्ली की बल्लेबाज़ी शुरुआत से ही आक्रामक रही और RCB के गेंदबाज़ों पर दबाव बनाए रखा।
RCB की ओर से श्रेयंका पाटिल और लॉरेन बेल ने कुछ अहम विकेट ज़रूर झटके, लेकिन दिल्ली की बड़ी साझेदारियों को समय पर रोक नहीं पाईं।
RCB की लड़खड़ाती शुरुआत
204 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ओपनर ग्रेस हैरिस जल्दी ही 9 रन बनाकर आउट हो गईं, जिससे दबाव दिल्ली की ओर झुकता नज़र आया।
लेकिन इसके बाद मैदान पर उतरीं कप्तान स्मृति मंधाना, और उनके साथ जुड़ीं युवा लेकिन बेहद आत्मविश्वास से भरी जॉर्जिया वोल। यहीं से मैच का रुख पूरी तरह बदल गया।
मंधाना-वोल की ऐतिहासिक साझेदारी
स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वोल ने दूसरे विकेट के लिए ऐसी साझेदारी की, जिसने दिल्ली के गेंदबाज़ों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। दोनों ने आक्रामक और समझदारी भरे शॉट्स का शानदार संतुलन दिखाया।
दोनों के बीच 165 रनों की विशाल साझेदारी हुई, जो WPL इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारियों में से एक बन गई।
मंधाना ने केवल 41 गेंदों पर 87 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें कई आकर्षक चौके और लंबे छक्के शामिल थे। उन्होंने मात्र 23 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर दिया और दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
वहीं जॉर्जिया वोल ने संयम और आक्रमण का बेहतरीन मेल दिखाते हुए 54 गेंदों पर 79 रन बनाए। उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट्स खेलते हुए रन गति को लगातार तेज़ बनाए रखा।
दिल्ली की वापसी की कोशिश
जब साझेदारी टूटने के बाद मंधाना और वोल आउट हुईं, तब दिल्ली को थोड़ी उम्मीद ज़रूर जगी। RCB को आख़िरी ओवरों में कुछ विकेट गंवाने पड़े और मैच थोड़ी देर के लिए रोमांचक मोड़ पर आ गया।
लेकिन RCB की निचले क्रम की बल्लेबाज़ों ने संयम नहीं खोया। राधा यादव ने अंतिम ओवरों में अहम चौके लगाते हुए टीम को जीत के करीब पहुँचा दिया।
आख़िरकार RCB ने 19.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया, और स्टेडियम तालियों और जश्न से गूंज उठा।
दिल्ली के लिए फिर टूटा सपना
दिल्ली कैपिटल्स ने इस सीज़न में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन फ़ाइनल में एक बार फिर किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया।
लगातार चौथी बार फ़ाइनल हारने का दर्द दिल्ली की टीम के चेहरे पर साफ़ नज़र आया। जेमिमाह रोड्रिग्स की कप्तानी में टीम ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार खेल दिखाया, लेकिन निर्णायक मुकाबले में RCB की बल्लेबाज़ी आंधी के आगे वह टिक नहीं सकी।
RCB की दूसरी ट्रॉफी, मंधाना की कप्तानी का कमाल
RCB की यह जीत उनकी मजबूत रणनीति और कप्तान स्मृति मंधाना के बेहतरीन नेतृत्व का नतीजा रही। मंधाना ने न केवल बल्लेबाज़ी में उदाहरण पेश किया, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में टीम को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाया।
यह RCB का दूसरा WPL खिताब है, जिससे वह लीग की सबसे सफल टीमों में शामिल हो गई है।
महिला क्रिकेट के लिए यादगार फ़ाइनल
WPL 2026 का यह फ़ाइनल मुकाबला महिला क्रिकेट के बढ़ते स्तर और रोमांच का शानदार उदाहरण बना। ऊँचे स्कोर, आक्रामक बल्लेबाज़ी और आख़िरी ओवर तक चले रोमांच ने दर्शकों को बांधे रखा।
स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वोल की पारियाँ आने वाले वर्षों तक WPL इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज की जाएंगी।







