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इंडोनेशिया के नॉर्थ सुलावेसी प्रांत के मनाडो शहर में नर्सिंग होम में लगी आग 15 की मौत

इंडोनेशिया के नॉर्थ सुलावेसी प्रांत के मनाडो शहर में नर्सिंग होम में लगी आग 15 की मौत
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 30, 2025 11:34 पूर्वाह्न
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मनाडो नर्सिंग होम अग्निकांड नर्सिंग होम में हुई दुखद घटना -इंडोनेशिया के नॉर्थ सुलावेसी प्रांत की राजधानी मनाडो (Manado) से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ के एक नर्सिंग होम वृद्धाश्रममें भीषण आग लगने के कारण 15 बुजुर्गों की दर्दनाक मृत्यु हो गई है। यह घटना न केवल स्थानीय समुदाय के लिए एक गहरा सदमा है बल्कि इसने देश भर में सार्वजनिक इमारतों विशेषकर बुजुर्गों और आश्रितों के लिए बनी सुविधाओं में सुरक्षा मानकों पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

कब और कहाँ हुई यह ​घटना 

​यह हादसा इंडोनेशिया के नॉर्थ सुलावेसी प्रांत के मनाडो शहर में स्थित एक निजी नर्सिंग होम में हुआ। स्थानीय समय के अनुसार आग आधी रात के बाद लगी जब आश्रम के अधिकांश निवासी गहरी नींद में सो रहे थे।

  • ​समय –  आग लगने की सूचना देर रात लगभग 1:30 बजे स्थानीय समय प्राप्त हुई।
  • स्थान – मनाडो का एक घनी आबादी वाला इलाका जहाँ संकरी गलियों के कारण दमकल की गाड़ियों को पहुँचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

​हादसा कैसे हुआ घटनाक्रम

​चश्मदीदों और जीवित बचे लोगों के अनुसार, आग की शुरुआत इमारत के पिछले हिस्से से हुई। चूंकि यह एक नर्सिंग होम था इसलिए वहां रहने वाले अधिकांश लोग शारीरिक रूप से अक्षम या चलने-फिरने में असमर्थ थे।

​तेजी से फैलती लपटें

इमारत में लकड़ी के फर्नीचर गद्दे और पर्दों की अधिकता होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।

  • धुएं का गुबार-आग की लपटों से ज्यादा खतरनाक वहां फैला काला जहरीला धुआं था। चूंकि खिड़कियां सुरक्षा के लिहाज से बंद थीं इसलिए धुआं बाहर नहीं निकल सका और कमरों में भर गया।
  • ​चीख-पुकार-जो लोग जाग गए थे उन्होंने मदद के लिए पुकार लगाई लेकिन रात का समय होने और स्टाफ की कमी के कारण बचाव कार्य में देरी हुई।

हादसे का कारण

प्रारंभिक जांच अभी भी जारी है लेकिन प्रारंभिक रिपोर्टों और स्थानीय अग्निशमन विभाग के बयानों के आधार पर कुछ संभावित कारण सामने आए हैं –

  • ​शॉर्ट सर्किट (Electrical Short Circuit)-प्राथमिक अनुमान के अनुसार पुरानी वायरिंग और ओवरलोडेड बिजली के बोर्ड में शॉर्ट सर्किट होने से चिंगारी उठी जिसने पास रखे कपड़ों और गद्दों को पकड़ लिया
  • अग्निशमन उपकरणों का अभाव-जांच में यह भी पाया गया कि इमारत में फायर अलार्म या स्प्रिंकलर सिस्टम चालू हालत में नहीं थे।
  • आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की कमी-इमारत का डिजाइन ऐसा था कि वहां से बाहर निकलने का केवल एक ही मुख्य रास्ता था जो आग लगने के बाद धुएं से भर गया था।

जान-माल का नुकसान – क्या-क्या बर्बाद हुआ

​इस भीषण अग्निकांड में हुई क्षति को शब्दों में बयां करना कठिन है, क्योंकि इसमें कीमती मानवीय जिंदगियां चली गईं।

मानवीय क्षति

  • मौतें – कुल 15 बुजुर्गों की मौत की पुष्टि हुई है। अधिकांश मौतें दम घुटने Asphyxiation के कारण हुईं।
  • ​घायल- 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं जिनका इलाज मनाडो के स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है। कुछ लोगों की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।

​भौतिक नुकसान

  • ​इमारत की बर्बादी- दो मंजिला नर्सिंग होम की इमारत का लगभग 80% हिस्सा पूरी तरह जलकर खाक हो गया है। छत गिर गई है और दीवारें असुरक्षित हो गई हैं।
  • दस्तावेजों का नुकसान – आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के पहचान पत्र मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज जलकर राख हो गए।
  • ​निजी संपत्ति – बुजुर्गों के निजी सामान जैसे कपड़े दवाइयां और उनकी यादें फोटो आदि इस आग की भेंट चढ़ गए।

​बचाव अभियान और प्रशासन की भूमिका

​आग लगने की सूचना मिलते ही मनाडो फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। स्थानीय निवासियों ने भी अपनी जान जोखिम में डालकर खिड़कियां तोड़ीं और कुछ लोगों को बाहर निकाला।

  • ​पुलिस की कार्रवाई –पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है और नर्सिंग होम के प्रबंधन से पूछताछ शुरू कर दी है।
  • ​सरकार की घोषणा-नॉर्थ सुलावेसी के गवर्नर ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजे और घायलों के मुफ्त इलाज का आश्वासन दिया है।

​भविष्य के लिए सबक

​यह घटना हमें याद दिलाती है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी महंगी पड़ सकती है।

  • नियमित ऑडिट – नर्सिंग होम जैसे संस्थानों का नियमित सुरक्षा और फायर ऑडिट अनिवार्य होना चाहिए।
  • स्टाफ ट्रेनिंग – केयरगिवर्स को आपातकालीन स्थितियों में लोगों को बाहर निकालने की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।
  • बुनियादी ढांचा – ऐसी इमारतों में अनिवार्य रूप से स्मोक डिटेक्टर और पर्याप्त संख्या में फायर एग्जिट होने चाहिए।​

​मनाडो की यह त्रासदी केवल एक दुर्घटना ही नहीं  बल्कि एक चेतावनी है। उन 15 बुजुर्गों की मौत ने समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे समाज के सबसे कमजोर वर्ग चाहे वे बच्चे हों या बुजुर्ग जहाँ रहें हमे सुरक्षित रखनी चाहिए

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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