व्यापारभारतविदेशी समाचारखेलजीवन शैलीराजनीतिधर्मभौगोलिकसेलिब्रेटीज़शिक्षास्वास्थ्य

पश्चिम एशिया में जारी जंग के 20वां दिन – खाड़ी देशों में भारी संकट ईरान का तेल-गैस प्लांट पर ड्रोन अटैक सऊदी ने आज ईरान को दी कड़ी चेतावनी 

पश्चिम एशिया में जारी जंग के 20वां दिन
नवजोत कौर सिद्धू
On: मार्च 19, 2026 8:35 अपराह्न
Follow Us:

पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। 19 मार्च 2026 को इस युद्ध के 20 दिन पूरे हो चुके हैं और अब यह संघर्ष केवल इजरायल और ईरान तक सीमित न रहकर पूरे खाड़ी (Gulf) क्षेत्र के लिए एक अस्तित्वगत संकट बन गया है।

​ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों के तेल और गैस संयंत्रों को निशाना बनाया गया है जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है।

​20 दिनों की जंग – मुख्य घटनाक्रम और वर्तमान स्थिति

​यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। पिछले 20 दिनों में युद्ध की तीव्रता और भौगोलिक दायरा दोनों में भारी विस्तार हुआ है। 18 और 19 मार्च की घटनाओं ने स्थिति को “पॉइंट ऑफ नो रिटर्न” पर ला खड़ा किया है।

​ईरान के साउथ पार्स (South Pars) पर हमला

​18 मार्च को इजरायली वायुसेना ने ईरान के सबसे बड़े गैस क्षेत्र साउथ पार्स और असालुयेह (Asaluyeh) प्रोसेसिंग हब पर भीषण हमला किया।

  • नुकसान – रिपोर्टों के अनुसार ईरान की गैस प्रसंस्करण क्षमता का लगभग 20% हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।
  • परिणाम –  ईरान ने इसे “लाल रेखा” का उल्लंघन बताते हुए पूरे खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे को तबाह करने की धमकी दी।

US-Israel Iran War Live

​खाड़ी देशों पर ईरानी जवाबी हमला

​ईरान ने दावा किया कि ये हमले अमेरिका और इजरायल की शह पर हो रहे हैं इसलिए खाड़ी देश भी इसके परिणाम भुगतेंगे।

  • कतर (Qatar) –  ईरान ने कतर के रास लफान (Ras Laffan) औद्योगिक शहर पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी (LNG) परिसर है। यहाँ भीषण आग लगने की खबरें हैं।
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE) – यूएई के शाह (Shah) गैस फील्ड और फुजैरा (Fujairah) पोर्ट प्रमुख तेल भंडारण केंद्र को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया गया। यूएई ने सुरक्षा कारणों से अपनी गैस परिचालन गतिविधियों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
  • कुवैत – कुवैत की मीना अल-अहमदी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरियों में आग लगने की सूचना मिली है।

​सऊदी अरब की कड़ी चेतावनी – “धैर्य की सीमा समाप्त”

​सऊदी अरब, जो अब तक इस युद्ध में सीधे शामिल होने से बच रहा था उसने आज 19 मार्च ईरान को सबसे कड़ी चेतावनी दी है। सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने रियाद में एक आपातकालीन बैठक के बाद स्पष्ट किया

​”ईरान के साथ जो थोड़ा बहुत विश्वास पिछले कुछ वर्षों में बना था वह अब पूरी तरह चकनाचूर हो गया है। हमारी शांति और संयम असीमित नहीं है। अगर हमारे तेल संयंत्रों और नागरिक ठिकानों पर हमले नहीं रुके तो सऊदी अरब अपनी रक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखता है।”

Read also:

सऊदी अरब में तबाही का विवरण

  • रियाद पर हमला –  बुधवार को रियाद की ओर आती 4 बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया लेकिन उनका मलबा दक्षिण रियाद की एक रिफाइनरी के पास गिरा।
  • पूर्वी क्षेत्र –  सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पूर्वी क्षेत्र में एक ऊर्जा संयंत्र की ओर बढ़ रहे 5 ड्रोनों को मार गिराने की पुष्टि की है।
  • सैमरेफ (SAMREF) रिफाइनरी –  ईरान ने सऊदी की प्रमुख रिफाइनरी ‘सैमरेफ’ को खाली करने की चेतावनी दी है जो सऊदी अरामको और एक्सॉन मोबिल का संयुक्त उद्यम है।

​ड्रोन और मिसाइल हमलों का लेखा-जोखा (अभी तक की तबाही)

​पिछले 20 दिनों में खाड़ी क्षेत्र में हवाई हमलों की संख्या अभूतपूर्व रही है।

देशइंटरसेप्ट किए गए ड्रोन/मिसाइलमुख्य लक्षित क्षेत्र
यूएई (UAE)1,700+ ड्रोन, 330+ मिसाइलेंशाह गैस फील्ड, फुजैरा पोर्ट, अबू धाबी
सऊदी अरब450+ ड्रोन, 40+ मिसाइलेंरियाद, रास तनुरा, पूर्वी प्रांत
कतरसीमित इंटरसेप्शनरास लफान औद्योगिक परिसर
ईरानभारी नुकसान (इजरायली हमलों से)साउथ पार्स, असालुयेह, तेहरान (सैन्य मुख्यालय)

वैश्विक और आर्थिक प्रभाव

  • तेल की कीमतें – ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई है। जानकारों का मानना है कि अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद होता है तो यह 150 डॉलर तक जा सकता है।
  • शिपिंग संकट – ईरान ने हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर ‘ट्रांजिट टैक्स’ लगाने का प्रस्ताव रखा है जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने “समुद्री डकैती” करार दिया है।
  • अमेरिका की भूमिका – राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान कतर या अन्य सहयोगियों पर हमले जारी रखता है तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे को पूरी तरह “मिटा” देगा। पेंटागन ने कांग्रेस से युद्ध के लिए 200 बिलियन डॉलर की अतिरिक्त राशि मांगी है।

​पश्चिम एशिया इस समय बारूद के ढेर पर बैठा है। 20 दिनों की इस जंग ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक ड्रोन युद्ध किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ (ऊर्जा क्षेत्र) को मिनटों में पंगु बना सकता है। सऊदी अरब की चेतावनी के बाद अब गेंद ईरान के पाले में है क्या वह पीछे हटेगा या यह क्षेत्रीय युद्ध एक वैश्विक महायुद्ध की शक्ल लेगा?

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment