ईरान के नए प्रधानमंत्री मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर विश्व भर में कई सवाल उठ रहे हैं। पश्चिमी मीडिया ने बताया कि वह गंभीर घायल हैं और शायद कोमा में हैं। इस खबर के सामने आने के बाद उनकी स्थिति पर दुनिया भर में बहस हो गई है।
8 मार्च को मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया प्रधानमंत्री चुना गया। यह पद उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के लगभग एक सप्ताह बाद मिला। ईरानी मीडिया ने उसी दिन बताया कि वह देश को संबोधित करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उस समय से ही उनकी सेहत और सार्वजनिक उपस्थिति पर सवाल उठने लगे।
पश्चिमी मीडिया का महत्वपूर्ण दावा
द सन नामक ब्रिटिश अखबार ने कहा कि मोजतबा खामेनेई कोमा में हो सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी हालत बहुत गंभीर है और वे अस्पताल में इलाज कर रहे हैं।
तेहरान के सिना विश्वविद्यालय अस्पताल की इंटेंसिव केयर यूनिट में उन्हें रखा गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अस्पताल का एक भाग पूरी तरह से सील कर दिया गया है और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लगाई गई है। वहां केवल अधिकृत लोगों को जाने की अनुमति है।
पैर काटने और गंभीर चोट का दावा
रिपोर्ट में मोजतबा खामेनेई को भी गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें बताया गया है कि उनका एक पैर काट दिया गया है और उनके पेट और लिवर को भी बहुत नुकसान हुआ है।
इसके बावजूद, यह स्पष्ट नहीं है कि वह 28 फरवरी को हुए हमले में घायल हुए थे या किसी अन्य परिस्थिति में। उनके पिता, अयातुल्ला अली खामेनेई, उसी हमले में मारे गए थे। ईरानी सरकारी टीवी ने उन्हें एक घायल योद्धा बताया है, लेकिन उनकी चोटों का विस्तार नहीं बताया है।
अस्पताल की कड़ी सुरक्षा
रिपोर्ट के अनुसार, मोजतबा खामेनेई का इलाज सिना अस्पताल के जिस हिस्से में चल रहा है, वहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इंटेंसिव केयर यूनिट में आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
ईरान के स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री मोहम्मद रजा जफरगंदी ने भी उनकी चिकित्सा की देखरेख की है। देश के प्रमुख सर्जनों में से एक हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने उनसे दो दिन पहले अस्पताल में चुपचाप मुलाकात की, हालांकि इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सामने आया संदेश, लेकिन मोजतबा नहीं दिखा
मोजतबा खामेनेई ने प्रधानमंत्री बनने के लगभग पांच दिन बाद अपना पहला संदेश भेजा। लेकिन उन्होंने खुद इस संदेश को नहीं पढ़ा। ईरानी सरकारी टीवी पर इसे पढ़कर सुनाया गया था।
मोजतबा ने इस दौरान खामेनेई के कैमरे पर भी दिखाई नहीं दिया। इसलिए उनकी सेहत और भी ज्यादा खराब होने लगी। सरकारी मीडिया ने बताया कि वे रमजान युद्ध में घायल हो गए हैं, लेकिन यह नहीं बताया गया कि कब और कैसे उन्हें चोट लगी।
रहस्य अभी भी रहता है
मोजतबा खामेनेई 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष के बाद से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। यही कारण है कि उनके बारे में कई खबरें आ रही हैं।
इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है कि वे किस स्थिति में हैं। इसलिए उनकी सेहत और मौजूदगी अभी भी रहस्य है।







