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मीरपुर टेस्ट में पाकिस्तान की शर्मनाक हार- दबाव में पाकिस्तान कप्तान शान मसूद ने मानी टीम की कमजोरियां

मीरपुर टेस्ट में पाकिस्तान की शर्मनाक हार- दबाव में पाकिस्तान कप्तान शान मसूद ने मानी टीम की कमजोरियां
नवजोत कौर सिद्धू
On: मई 13, 2026 1:03 अपराह्न
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ढाका। पाकिस्तान क्रिकेट के लिए समय बिल्कुल भी अच्छा नहीं चल रहा है। एक तरफ जहां टीम अपनी खोई हुई लय तलाशने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ उसे बांग्लादेश जैसी टीम के हाथों करारी शिकस्त झेलनी पड़ रही है। मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 104 रनों के बड़े अंतर से हराकर एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। यह जीत बांग्लादेश के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि उसने अपने घर में पहली बार पाकिस्तान को किसी टेस्ट मैच में हराया है। 

अच्छी शुरुआत के बाद लय भटकी

मैच की शुरुआत पाकिस्तान के लिए उम्मीदों भरी रही थी। टॉस जीतने के बाद कप्तान मसूद ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जिसे शुरुआती ओवरों में उनके गेंदबाजों ने सही भी साबित किया। पाकिस्तानी गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए बांग्लादेश के बल्लेबाजों को हाथ खोलने का मौका नहीं दिया और कुछ शुरुआती विकेट जल्दी झटक लिए। एक समय पर ऐसा लग रहा था कि बांग्लादेश की टीम पहली पारी में बहुत कम स्कोर पर सिमट जाएगी, लेकिन यहीं से खेल की कहानी बदलनी शुरू हुई। बांग्लादेश के मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने सूझबूझ का परिचय दिया और छोटी-बड़ी साझेदारियां करके अपनी टीम को संकट से बाहर निकाला। पाकिस्तान के गेंदबाज बीच के ओवरों में वह दबाव बरकरार नहीं रख पाए जो उन्होंने शुरुआत में बनाया था।

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बल्लेबाजों ने फिर किया निराश

पाकिस्तान की बल्लेबाजी एक बार फिर ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। पहली पारी में टीम से उम्मीद थी कि वह बड़ा स्कोर बनाकर बांग्लादेश पर दबाव बनाएगी, लेकिन बल्लेबाज एक-एक करके पवेलियन लौटते रहे। सेट होने के बाद भी खिलाड़ी अपनी पारी को बड़ा नहीं कर पाए और गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर अपने विकेट गंवाते रहे। जब दूसरी पारी में पाकिस्तान को जीत के लिए 268 रनों का लक्ष्य मिला, तो उम्मीद थी कि टीम संघर्ष करेगी। लेकिन बांग्लादेशी गेंदबाजों, खासकर तेज गेंदबाज नाहिद राणा के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने पूरी तरह से घुटने टेक दिए। नाहिद राणा की तेज और उछाल भरी गेंदों का पाकिस्तान के पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने दूसरी पारी में अकेले पांच विकेट लेकर पाकिस्तानी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

कप्तान ने मानी अपनी गलतियां

हार के बाद कप्तान शान मसूद ने पत्रकारों से बातचीत में अपनी निराशा जाहिर की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि टेस्ट क्रिकेट में आप छोटी सी गलती की भी बड़ी कीमत चुकाते हैं। मसूद ने माना कि गेंदबाजों ने अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन बीच के सत्रों में लय भटकने के कारण बांग्लादेश को वापसी का मौका मिल गया। उन्होंने बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन पर भी चिंता जताई और कहा कि पहली पारी में ज्यादा रन बनाना जरूरी था, जो हम नहीं कर सके। कप्तान ने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट में धैर्य और निरंतरता की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, जिसकी उनकी टीम में कमी दिखी। पाकिस्तान की टीम कई अहम मौकों पर संयम नहीं रख सकी और जल्दबाजी में मैच गंवा दिया।

लंबे अंतराल का भी दिखा असर

पाकिस्तान की इस हार के पीछे एक बड़ा कारण लंबे समय के बाद टेस्ट क्रिकेट खेलना भी बताया जा रहा है। शान मसूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात का जिक्र किया कि खिलाड़ियों को लाल गेंद के फॉर्मेट में ढलने में समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि टेस्ट मैच में पांच दिनों तक लगातार फोकस बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। पाकिस्तान की टीम पिछले कुछ समय से लगातार सफेद गेंद का क्रिकेट खेल रही है, जिसका असर उनके टेस्ट प्रदर्शन पर साफ नजर आ रहा है। हालांकि, मसूद ने कहा कि यह कोई बहाना नहीं है और टीम को अपनी गलतियों से सीखकर अगले मैच में उतरना होगा

बांग्लादेशी क्रिकेट टीम का शानदार प्रदर्शन

वहीं दूसरी ओर, बांग्लादेश के लिए यह जीत किसी सपने के सच होने जैसी है। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो की अगुवाई में टीम ने जिस अनुशासन के साथ क्रिकेट खेला, उसकी तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है। बांग्लादेशी बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी निभाई और गेंदबाजों ने योजना के मुताबिक काम किया। यह जीत दिखाती है कि बांग्लादेश अब अपने घर में किसी भी बड़ी टीम को मात देने की ताकत रखता है। बांग्लादेश के क्रिकेट इतिहास में इस जीत को सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। नाहिद राणा जैसे युवा गेंदबाजों का उदय टीम के लिए सुखद संकेत है, जिन्होंने अपनी रफ्तार से दुनिया को प्रभावित किया है।

दूसरे टेस्ट में वापसी की चुनौती

अब दोनों टीमों की नजरें सीरीज के दूसरे और आखिरी टेस्ट मैच पर हैं। पाकिस्तान के लिए यह मैच अपनी साख बचाने की लड़ाई होगी। सीरीज बराबर करने के लिए उन्हें न केवल अपनी बल्लेबाजी में सुधार करना होगा, बल्कि बांग्लादेशी स्पिनरों और तेज गेंदबाजों का सामना करने के लिए ठोस रणनीति बनानी होगी। वहीं, बांग्लादेश की टीम अपनी मौजूदा लय को बरकरार रखते हुए सीरीज पर कब्जा जमाना चाहेगी।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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