ऑरलैंडो। फीफा विश्व कप 2026 की उलटी गिनती शुरू होने के साथ ही इंग्लैंड ने मैदान पर अपनी ताकत का अहसास कराना शुरू कर दिया है। एक बेहद अहम अभ्यास मुकाबले में इंग्लिश टीम ने कोस्टा रिका को 3-0 से करारी शिकस्त देकर अपने इरादे साफ कर दिए। अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित इंटर एंड को स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में सबसे ज्यादा सुर्खियां विंगर एंथनी गॉर्डन ने बटोरीं।
मैदान पर गॉर्डन की रफ्तार और सूझबूझ का आलम यह था कि उन्होंने न सिर्फ एक गोल दागा, बल्कि दूसरे गोल की जमीन भी तैयार की। इस धमाकेदार खेल के बाद उन्होंने विश्व कप के शुरुआती ग्यारह में अपनी जगह के लिए तगड़ा दावा ठोक दिया है।इस मुकाबले की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और खराब मौसम ने खेल प्रेमियों का मजा किरकिरा करने की कोशिश की।
तेज बारिश और आकाशीय बिजली चमकने के खतरे को देखते हुए मैच को करीब एक घंटे की देरी से शुरू किया जा सका। हालांकि, जब खिलाड़ी मैदान पर उतरे, तो मौसम की इस बेरुखी का असर इंग्लैंड के खेल पर रत्ती भर भी नहीं दिखा। इंग्लिश टीम ने शुरुआती सीटी बजने के साथ ही कोस्टा रिका पर चौतरफा हमले बोलना शुरू कर दिया।
राइस के गोल से खुली इंग्लैंड की किस्मत
मैच के नौवें मिनट में ही इंग्लैंड की आक्रामकता का फायदा उसे मिल गया। एंथनी गॉर्डन ने बाईं छोर से कोस्टा रिका के डिफेंडर्स को छकाते हुए एक बेहतरीन मूव बनाया और गेंद को डी के भीतर डेक्लान राइस की तरफ पास कर दिया। राइस ने भी कोई गलती किए बिना गेंद को नेट के हवाले कर दिया और टीम का खाता खोल दिया।
शुरुआती बढ़त मिलने के बाद तो जैसे इंग्लैंड ने पूरे मैदान पर कब्जा कर लिया। मिडफील्ड में जूड बेलिंगहैम, डेक्लान राइस और कोनोर गैलाघर की तिकड़ी ने गेंद को अपने नियंत्रण में रखा और कोस्टा रिका के खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। दबाव का असर यह था कि पहले हाफ में कोस्टा रिका की टीम एक बार भी इंग्लैंड के गोलपोस्ट के लिए बड़ा खतरा पैदा नहीं कर सकी। पूरे पहले हाफ में इंग्लैंड का बॉल पजेशन और छोटे पास देखने लायक थे।

दूसरे हाफ में पेनाल्टी और गॉर्डन का जलवा
छोर बदलने के बाद भी कहानी में कोई बदलाव नहीं आया। इंग्लैंड लगातार कोस्टा रिका के डिफेंस की परीक्षा लेता रहा। मैच के 66वें मिनट में जूड बेलिंगहैम ने अपनी जादुई ड्रिबलिंग से कोस्टा रिका के बॉक्स में खलबली मचा दी। इसी दौरान विपक्षी टीम के एक डिफेंडर के हाथ से गेंद छू गई और रेफरी ने बिना देर किए इंग्लैंड के पक्ष में पेनाल्टी का इशारा कर दिया।चूंकि स्टार स्ट्राइकर हैरी केन उस समय बेंच पर बैठे थे, इसलिए पेनाल्टी लेने की जिम्मेदारी एंथनी गॉर्डन के कंधों पर आई। गॉर्डन ने बेहद ठंडे दिमाग से गोलकीपर को छकाते हुए गेंद को जाल में उलझा दिया और स्कोरलाइन को 2-0 कर दिया। यह गोल गॉर्डन के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाने वाला है, क्योंकि विश्व कप टीम में जगह पक्की करने की रेस में उन्होंने अपने प्रतिद्वंदियों को काफी पीछे छोड़ दिया है।
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वॉटकिंस ने दागा आखिरी कील, ट्यूखेल गदगद
मैच जब अपने अंतिम छोर पर था, तब भी इंग्लैंड ने अपनी पकड़ ढीली होने नहीं दी। 87वें मिनट में कोस्टा रिका के गोलकीपर से एक बड़ी चूक हुई, जिसका फायदा उठाने के लिए ओली वॉटकिंस वहां मुस्तैद खड़े थे। वॉटकिंस ने गेंद को झपटते हुए टीम के लिए तीसरा गोल दाग दिया और कोस्टा रिका की वापसी के सारे रास्ते बंद कर दिए।3-0 की इस एकतरफा जीत ने मुख्य कोच थॉमस ट्यूखेल के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, हालांकि गॉर्डन के इस प्रदर्शन ने उनके लिए प्लेइंग इलेवन चुनना सिरदर्द जरूर बना दिया है। मैच के बाद ट्यूखेल ने कहा कि खराब मौसम के बावजूद लड़कों ने जैसा अनुशासन और आक्रामक खेल दिखाया, वह तारीफ के काबिल है। टीम सही वक्त पर अपनी लय पकड़ रही है। इंग्लैंड के लिहाज से सबसे राहत की बात यह रही कि इस कड़े मुकाबले में उसका कोई भी खिलाड़ी चोटिल नहीं हुआ। अब टीम की नजरें पूरी तरह से विश्व कप के अपने पहले मुकाबले पर टिकी हैं।







