फीफा विश्वकप फुटबॉल 2026 को शुरू होने में कुछ ही समय बाकी है, ऐसे में इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमें अपनी – अपनी तैयारियां में लगी हुई है , इसी कड़ी में न्यूजीलैंड के ऑकलैंड मैदान में खेले गए एक दोस्ताना मुकाबले में न्यूजीलैंड ने चिली को 4-1 से पराजित कर दिया।
यह न्यूजीलैंड की किसी भी लैटिन अमरीकी टीम के खिलाफ मिली पहली जीत है।इस मैच के दौरान न्यूज़ीलैंड की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच के शुरू होने से लेकर मैच के अंत तक अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। आगामी विश्वकप मुकाबलों में न्यूजीलैंड की टीम का मुकाबला दुनिया की मजबूत टीमों से होना है , ऐसे में चिली जैसी सशक्त टीम के खिलाफ मिली यह जीत निश्चित रूप से न्यूजीलैंड की टीम का मनोबल बढ़ाने का काम करेगी।
प्रारंभ से ही आक्रामक मूड में दिखी न्यूजीलैंड
अपने घरेलू मैदान में खेल रही न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही आक्रामक दिखाई दी, दर्शकों ने भी पूरे मैच के दौरान स्थानीय टीम का हौसला बढ़ाया इसका नतीजा यह हुआ कि न्यूजीलैंड की टीम ने अपने इरादे साफ कर दिए। शुरुआती मिनटों में ही न्यूजीलैंड के टाइलर बिंडन ने गेंद को गोलपोस्ट के अंदर डाल दिया लेकिन रेफरी ने गोल के पहले ही उन्हें ऑफ साइड घोषित कर दिया।मैच में मोदी तब आया जब आया, जब चिली के खिलाड़ी डरियो ओसोरिओ को कुछ ही मिनटों के अंतराल में दो पीले कार्ड मिलने के कारण मैदान छोड़ना पड़ा। इस रेड कार्ड ने चिली को 10 खिलाड़ियों तक सीमित कर दिया और न्यूजीलैंड को खुलकर खेलने का मौका मिल गया।
read more :
पहला हाफ न्यूजीलैंड के नाम
मैदान में चिली का एक खिलाड़ी कम होने का फायदा न्यूजीलैंड की टीम ने उठाया, मैच के 31वें मिनट में टीम ने एक बढ़िया मूव बनाया और टीम के अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ी कोस्टा बर्बराउस ने इस अवसर का फायदा उठाते हुए शानदार वॉली के जरिए गोल कर टीम को 1-0 बढ़त दिला दी।इसके कुछ ही क्षणों के बाद एलिजाह जस्ट ने बेहतरीन फिनिशिंग का प्रदर्शन करते हुए दूसरा गोल दाग दिया और टीम की बढ़त को 2-0 कर दिया। मैच का पहला हाफ इसी स्कोर के साथ खत्म हुआ।

दूसरा हाफ, न्यूजीलैंड ने रखा दबदबे को कायम
मैच के दूसरे हाफ में भी न्यूजीलैंड ने अपनी आक्रामकता कम नहीं की। 60वें मिनट में जैसे रैंडल ने तीसरा गोल कर मुकाबले को लगभग एकतरफा बना दिया। इस गोल में बर्बराउस ने भी अहम भूमिका निभाई जिन्होंने एक शानदार पास दिया।इसके बाद सब्स्टीट्यूट बेन वाइन ने 71वें मिनट में चौथा गोल कर न्यूजीलैंड की जीत सुनिश्चित कर दी।मैच के अंतिम क्षणों में गोंजालो टापिया ने चिली के लिए एक गोल जरूर किया, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड की जीत तय हो चुकी थी।चिली पूरे मैच में संघर्ष करती नजर आई, खासकर एक खिलाड़ी कम होने के बाद वह न्यूजीलैंड के तेज हमलों का जवाब नहीं दे सकी।
कप्तान की गैरमौजूदगी,फिर भी शानदार प्रदर्शन
इस मैच में न्यूजीलैंड के स्टार स्ट्राइकर और कप्तान क्रिस वुड किन्हीं कारणों वश उपलब्ध नहीं थे, लेकिन टीम ने जिस तरह से संयोजन और आक्रामकता दिखाई, वह उसकी गहराई को दर्शाता है।यह जीत बताती है कि न्यूजीलैंड केवल एक या दो खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं रहती है।फीफा विश्वकप 2026 से पहले यह जीत न्यूजीलैंड के लिए किसी बड़े आत्मविश्वास से कम नहीं है। टीम ने यह साबित कर दिया है कि वह मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ भी दबाव झेलने और जवाब देने में सक्षम है।अगर यही लय जारी रही, तो न्यूजीलैंड आगामी विश्व कप में कई दिग्गज टीमों के लिए खतरा बन सकता है।
read also : La Liga में रफीन्हा गरजे
चिली के लिए सबक
मैच में मिली यह हार चिली के लिए किसी चेतावनी से कम नहीं है।अनुशासन की कमी (रेड कार्ड),कमजोर डिफेंस और आक्रमण में धार का अभाव ये सभी समस्याओं ने टीम के प्रदर्शन को प्रभावित किया, यदि चिली ने इन खामियों पर जल्द सुधार नहीं किया, तो आने वाले बड़े टूर्नामेंट में चिली को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
न्यूजीलैंड की यह जीत सिर्फ एक फ्रेंडली मैच का परिणाम नहीं, बल्कि वैश्विक फुटबॉल में बदलते समीकरणों का संकेत है।’ऑल व्हाइट्स’ ने जिस आत्मविश्वास, आक्रामकता और रणनीतिक समझ का प्रदर्शन किया, वह यह बताने के लिए काफी है कि अब उन्हें हल्के में लेना किसी भी टीम के लिए भारी पड़ सकता है।







