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बेंगलुरु फुटबॉल क्लब के प्रबंधन का फैसला स्पेन के पेप मुनोज होंगे नए कोच

बेंगलुरु फुटबॉल क्लब के प्रबंधन का फैसला स्पेन के पेप मुनोज होंगे नए कोच
नवजोत कौर सिद्धू
On: मार्च 26, 2026 7:19 अपराह्न
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बेंगलुरु । इंडियन सुपर लीग (ISL) के बीच सत्र में बेंगलुरु एफसी के प्रबंधन ने सबको चौंकाते हुए अपने कोचिंग स्टाफ में एक बड़ा बदलाव किया है, प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अब स्पेनिश मूल के पेप मुनोज अब टीम के नए मुख्य कोच होंगे।यह फैसला ऐसे समय में आया है जब टीम प्रदर्शन में स्थिरता तो दिखा रही थी, लेकिन क्लब प्रबंधन भविष्य के लिए एक स्पष्ट और आधुनिक फुटबॉल पहचान स्थापित करना चाहता है, वे भारतीय कोच रेनेडी सिंह की जगह लेंगे, जो क्लब के साथ किसी अन्य भूमिका में जुड़े रह सकते हैं। मुनोज के साथ उनके सहयोगी कोच फेरान बोरेस भी टीम से जुड़ेंगे। यह बदलाव क्लब के तकनीकी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

परिवर्तन की वजह

बेंगलुरु फुटबॉल क्लब का प्रदर्शन इंडियन सुपर लीग के इस सत्र में मिलजुला रहा है ,हालांकि की टीम अभी भी अंक तालिका के शीर्ष चार में स्थान बनाए हुई है और प्ले ऑफ में पहुंचने के मुख्य दावेदारों में से एक है लेकिन प्रतियोगिता में मिली कुछ अप्रत्याशित हारों ने टीम के प्रबंधन  को सोचने पर मजबूर पर मजबूर कर दिया। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय केवल वर्तमान परिणामों के आधार पर नहीं बल्कि भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अंतरराष्ट्रीय ब्रेक का समय नए कोच को टीम के साथ काम करने और रणनीति लागू करने का अवसर देगा।

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मुनोज का अनुभव : क्या बदलेगी खेल की शैली ?

एक कोच के रूप में मुनोज यूरोप और एशियाई फुटबॉल में एक बड़ा नाम है और उन्हें एक तकनीकी कोच के रूप में जाना जाता है।उन्हें बार्सिलोना फुटबॉल क्लब की अंडर 19,कंबोडिया के क्लब प्रेह खान रीच और चीन की राष्ट्रीय टीम को कोचिंग का भी अनुभव है।उन्होंने अपने कोचिंग करियर के शुरुआती चरण में ही दो लीग खिताब और एक घरेलू कप जीता तथा एएफसी प्रतियोगिता के फाइनल तक टीम को पहुंचाया। यह अनुभव उन्हें एशियाई फुटबॉल के माहौल में काम करने के लिए उपयुक्त बनाता है।उनकी पहचान एक ‘पोजीशनल प्ले’ और संरचित फुटबॉल के समर्थक कोच के रूप में है।4-2-3-1का फॉर्मेशन,मिडफील्ड कंट्रोल पर जोर,संगठित हमले और गेंद पर नियंत्रण के साथ स्पेस मैनेजमेंट उनकी रणनीति के प्रमुख हिस्से रहे हैं।अब तक बेंगलुरु एफसी अपेक्षाकृत डायरेक्ट फुटबॉल खेलती रही है, लेकिन मुनोज के आने से टीम की शैली अधिक तकनीकी और संतुलित हो सकती है।

मौजूदा सत्र पर होगा असर ?

बेंगलुरु फुटबॉल क्लब से जुड़ने को लेकर पेप मुनोज ने कहा कि क्लब की पहचान भारतीय फुटबॉल में एक मजबूत टीम की रही है और क्लब प्रबंधन भी चाहता है कि टीम केवल परिणामों तक सीमित न रहे, बल्कि एक स्थायी फुटबॉल पहचान बनाए—जिसमें युवा विकास, तकनीकी खेल और दीर्घकालिक सफलता शामिल हो।अब मुनोज के सामने यह चुनौती होगी कि वे चल रहे सीजन में टीम को प्रतिस्पर्धी बनाए रखें,खिलाड़ियों के प्रदर्शन में स्थिरता लाएं और एशियाई फुटबॉल महासंघ की प्रतियोगिताओं के लिए क्वालीफिकेशन की दौड़ में टीम को बनाए रखें।उनका पहला मुकाबला एफसी गोवा के खिलाफ होगा, जो इस सीजन की मजबूत टीमों में शामिल है। आईएसएल में विदेशी कोचों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। बेंगलुरु एफसी का यह फैसला भी उसी ट्रेंड का हिस्सा है, जहां क्लब तकनीकी और रणनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए यूरोपीय कोचों पर भरोसा कर रहे हैं।यह कदम भारतीय खिलाड़ियों के विकास के लिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग और फुटबॉल के गुण सीखने का अवसर मिलता है।

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आगे क्या ?

पेप मुनोज का बेंगलुरु एफसी  मुख्य कोच नियुक्त किया जाना टीम के लिए एक नए अध्याय की शुरूआत है ,टीम के प्रबंधन को आशा है कि वे टीम को नई पहचान देंगे और टीम को खिताबी मुकाबले तक पहुंचाने में कामयाब होंगे। प्रबंधन के इस निर्णय के बाद यह कहा जा सकता है कि बेंगलुरु एफसी का यह फैसला केवल कोच बदलने का नहीं, बल्कि क्लब की दिशा बदलने का संकेत है। पेप मुनोज के अनुभव, यूरोपीय शैली और दीर्घकालिक सोच से यह उम्मीद की जा रही है कि टीम आने वाले वर्षों में एक मजबूत और आधुनिक फुटबॉल इकाई के रूप में उभरेगी।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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