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पश्चिम बंगाल में सियासी भूचाल- ममता बनर्जी ने भवानीपुर चुनावी नतीजों को कलकत्ता हाईकोर्ट में दी चुनौती

पश्चिम बंगाल में सियासी भूचाल- ममता बनर्जी ने भवानीपुर चुनावी नतीजों को कलकत्ता हाईकोर्ट में दी चुनौती
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 17, 2026 11:14 पूर्वाह्न
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​कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा कानूनी और राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी नतीजों को आधिकारिक तौर पर चुनौती दे दी है। ममता बनर्जी ने इस संबंध में कलकत्ता हाईकोर्ट में खुद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर एक चुनावी याचिका (Election Petition) दायर की है। इस याचिका में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के हाथों अपनी हार को एक ‘सुनियोजित प्रशासनिक और चुनावी साजिश’ करार दिया है।

​इस घटनाक्रम के बाद बंगाल की राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। ममता बनर्जी के साथ कोर्ट परिसर में पार्टी के वरिष्ठ सांसद डेरेक ओ ब्रायन, डोला सेन और कल्याण बनर्जी सहित कई शीर्ष कानूनी सलाहकार भी मौजूद थे।

​भवानीपुर का चुनावी गणित और राजनीतिक महत्व

​भवानीपुर विधानसभा सीट को पारंपरिक रूप से ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। साल 2026 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई थीं क्योंकि यहां से ममता बनर्जी का मुकाबला उनके सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी शुभेंदु अधिकारी से था।

​चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़ों के अनुसार इस बेहद कड़े और हाई-प्रोफाइल मुकाबले में शुभेंदु अधिकारी को कुल 73,917 मत (53.02%) प्राप्त हुए जबकि ममता बनर्जी को 58,812 मत (42.19%) मिले। शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,104 वोटों के अंतर से शिकस्त दी। चूंकि शुभेंदु अधिकारी ने पूर्वी मिदनापुर की नंदीग्राम सीट से भी जीत दर्ज की थी इसलिए इस ऐतिहासिक जीत के बाद वे राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में उभरे हैं। अपनी पारंपरिक सीट पर ममता बनर्जी की यह हार राजनीतिक पंडितों के लिए बेहद अप्रत्याशित थी।

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​याचिका के मुख्य बिंदु –  ‘सुनियोजित साजिश’ के आरोप

​कलकत्ता हाईकोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में ममता बनर्जी ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपनी हार को जनता का वास्तविक जनादेश मानने से साफ इनकार कर दिया है। याचिका में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को रेखांकित किया गया है

  • प्रशासनिक मिलीभगत और दुरुपयोग- याचिका में आरोप लगाया गया है कि केंद्रीय सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासनिक मशीनरी और चुनाव अधिकारियों का एक सोचे-समझे तरीके से दुरुपयोग किया गया ताकि सत्ताधारी दल (BJP) के पक्ष में माहौल बनाया जा सके।
  • विशेष गहन संशोधन (SIR) का विवाद- टीएमसी का आरोप है कि चुनाव से ठीक पहले ‘स्पेशल इनेंसिव रिवीजन’ (SIR) के नाम पर मतदाता सूची से बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम काट दिए गए। ममता बनर्जी का दावा है कि जितने वोटों के अंतर से उनकी हार हुई है उससे कहीं अधिक संख्या में उनके समर्थक मतदाताओं के नाम जानबूझकर सूची से गायब किए गए थे।
  • मतगणना में गड़बड़ी की आशंका- याचिका में भवानीपुर सीट पर हुई मतों की गिनती और ईवीएम (EVM) राउंड्स की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए हैं। टीएमसी का कहना है कि वोटों की गिनती के दौरान नियमों की अनदेखी की गई।

​ममता बनर्जी ने कोर्ट परिसर में मीडिया से बात करते हुए संक्षिप्त में कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक सीट की हार-जीत की नहीं है, बल्कि यह “लोकतंत्र को बचाने का संघर्ष” है।

​राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और वार-पलटवार

​ममता बनर्जी के इस कदम पर पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेतृत्व ने इसे हार की हताशा बताया है। शुभेंदु अधिकारी के करीबियों का कहना है कि भवानीपुर की जनता ने ममता बनर्जी के कुशासन के खिलाफ और विकास के पक्ष में अपना स्पष्ट जनादेश दिया है। लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर इस तरह के आरोप लगाना न्यायालय का समय बर्बाद करने जैसा है।

​दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने प्रारंभिक तौर पर मतगणना या मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के दावों को खारिज किया है। आयोग का रुख है कि पूरी चुनावी प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और नियमों के तहत संपन्न कराई गई थी।

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​आगे की कानूनी राह और चुनौतियां

​कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी विधानसभा चुनाव के परिणाम को चुनौती देने वाली ‘इलेक्शन पिटीशन’ पर हाईकोर्ट बेहद बारीकी से विचार करता है। अब कलकत्ता हाईकोर्ट इस याचिका को स्वीकार करने के बाद विपक्षी उम्मीदवार (शुभेंदु अधिकारी) और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांग सकता है।

मुख्य बिंदुविवरण
याचिकाकर्ताममता बनर्जी (TMC)
प्रतिवादीशुभेंदु अधिकारी (BJP) एवं चुनाव आयोग
हार का अंतर15,104 वोट
मुख्य मांगभवानीपुर सीट के नतीजों की दोबारा जांच/रद्द करना

अदालत में ममता बनर्जी को अपने इन आरोपों को साबित करने के लिए पुख्ता और ठोस सबूत पेश करने होंगे कि किस प्रकार प्रशासनिक मशीनरी ने चुनाव को प्रभावित किया। यदि आरोप साबित नहीं होते हैं तो यह कदम केवल एक राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति तक सीमित रह जाएगा।

​भवानीपुर सीट के चुनावी नतीजों को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती देकर ममता बनर्जी ने यह साफ कर दिया है कि वे इस हार को आसानी से स्वीकार करने वाली नहीं हैं। खुद कोर्ट जाकर याचिका दायर करना उनके आक्रामक राजनीतिक रुख को दर्शाता है। आने वाले दिनों में यह कानूनी लड़ाई न केवल शुभेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी के बीच के सियासी टकराव को और धार देगी बल्कि बंगाल की भविष्य की राजनीति की दिशा भी तय करेगी। अदालत का फैसला जो भी हो इस घटनाक्रम ने राज्य में कानूनी और राजनीतिक मोर्चे पर एक नया अध्याय शुरू कर दिया है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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