देश में पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) जल्द ही आधार कार्ड से जुड़ा एक बड़ा अपडेट जारी कर सकती है, जिसके तहत व्यक्ति की पहचान केवल QR कोड स्कैन करके या नए स्वरूप के आधार कार्ड के माध्यम से की जा सकेगी। डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने और पहचान सत्यापन को आसान बनाने के उद्देश्य से यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, UIDAI की नई प्रणाली पारंपरिक फिजिकल आधार कार्ड की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित होगी और इसमें फ़र्जीवाड़े की संभावनाओं को लगभग समाप्त कर दिया जाएगा। QR कोड आधारित पहचान की योजना कई चरणों में विकसित की जा रही है और उम्मीद है कि आगामी महीनों में इस पर आधिकारिक घोषणा हो सकती है।
होटल या आयोजक नहीं रख पायेंगे फोटोकापी
सरकार जल्द ही एक नया नियम लागू करेगी जिससे होटल और इवेंट आयोजक ग्राहकों के आधार कार्ड की फोटोकॉपी नहीं रख पाएंगे। UIDAI के अनुसार, ऑफलाइन वेरिफिकेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसके बाद QR कोड या नए आधार ऐप से पहचान की जा सकेगी। इस नई तकनीक का उद्देश्य कागज रहित वेरिफिकेशन को बढ़ावा देना है, जिससे गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
सरकार जल्द ही एक नया नियम लागू करने वाली है जिससे होटल, इवेंट आयोजक और अन्य संस्थाओं को ग्राहकों के आधारकार्ड की फोटोकॉपी रखने से रोका जाएगा। वर्तमान आधारएक्ट के अनुसार, किसी की आधारकॉपी बिना वजह रखना गलत है।
संस्थानों को अब ऑफलाइन वेरिफिकेशन के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद उन्हें एक नई तकनीक मिलेगी, जिससे वे QR कोड स्कैन या नए आधारऐप के माध्यम से व्यक्ति की पहचान कर सकेंगे। उन्होंने कहा, “इस नए नियम का उद्देश्य कागज आधारित वेरिफिकेशन को रोकना है।”
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QR कोड और नए ऐप से होगा आसान Aadhaar वेरिफिकेशन
नई प्रक्रिया में संस्थानों को API (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) के जरिए अपने सिस्टम में आधारवेरिफिकेशन जोड़ने की सुविधा मिलेगी। UIDAI इस समय एक नए ऐप का बीटा परीक्षण कर रहा है। यह ऐप ऐसे वेरिफिकेशन की सुविधा देगा जिसमें हर बार केंद्रीय आधारडेटाबेस से कनेक्ट होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसे एयरपोर्ट, दुकानें और होटल जैसी जगहों पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। कुमार ने कहा, “इससे ऑफलाइन वेरिफिकेशन आसान होगा, कागज की जरूरत कम होगी और यूजर के आधारडेटा की सुरक्षा भी बनी रहेगी।”
डिजिटल डेटा से होगा काम आसान
नए ऐप की मदद से उपयोगकर्ता अपना पता अपडेट कर सकेंगे और परिवार के उन सदस्यों को जोड़ सकेंगे जिनके पास मोबाइल नहीं है। यह ऐप Digital Personal Data Protection Act के अनुरूप डिजाइन किया गया है और माना जा रहा है कि अगले 18 महीनों में पूरी तरह लागू होने हो सकती है। इस नई तकनीक से Aadhaar आधारित सेवाओं में गोपनीयता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जा सकेगी।






