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ओमान तट पर मर्चेंट शिप पर हमला- 3 भारतीय नाविक लापता 21 को सुरक्षित निकाला; दिल्ली से मस्कट तक मचा हड़कंप

ओमान तट पर मर्चेंट शिप पर हमला- 3 भारतीय नाविक लापता 21 को सुरक्षित निकाला; दिल्ली से मस्कट तक मचा हड़कंप
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 11, 2026 12:25 अपराह्न
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नई दिल्ली/मस्कट।ओमान के समंदर से इस वक्त एक बेहद परेशान करने वाली खबर आ रही है। वहां से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर बीच समंदर में घात लगाकर बड़ा हमला किया गया है। इस हमले के बाद से जहाज के क्रू में शामिल तीन भारतीय नाविक लापता हैं, जिनकी तलाश में इस वक्त पूरा सरकारी और सैन्य अमला जुटा हुआ है। जैसे ही यह खबर दिल्ली पहुंची, साउथ ब्लॉक से लेकर मस्कट में भारतीय दूतावास तक फोन घनघनाने लगे। राहत की बात बस इतनी है कि जहाज पर मौजूद कुल 24 भारतीयों में से 21 को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। लेकिन बाकी बचे 3 नाविकों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है, जिससे उनके परिवारों की सांसें अटकी हुई हैं। भारत सरकार ने इस कायराना हरकत पर कड़ा गुस्सा जाहिर किया है।

कैसे हुआ हमला? बीच समंदर की खौफनाक कहानी

विदेश मंत्रालय और मस्कट में मौजूद सूत्रों से जो छनकर खबरें आ रही हैं, उनके मुताबिक यह हादसा तब हुआ जब जहाज अपने तय समुद्री रूट पर आगे बढ़ रहा था। हमला इतना अचानक और जोरदार था कि क्रू मेंबर्स को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चश्मदीद नाविकों के मुताबिक, एक जोरदार धमाके के साथ जहाज के पिछले हिस्से, खासकर जहां मुख्य इंजन और पावर सप्लाई यूनिट होती है, वहां भीषण आग लग गई। देखते ही देखते चारों तरफ काले धुएं का गुबार उठने लगा और जहाज बीच समंदर में पूरी तरह लाचार हो गया।हालात बिगड़ते देख जहाज के कैप्टन ने तुरंत इंटरनेशनल कोस्ट गार्ड्स और ओमान की तटीय सुरक्षा एजेंसियों को इमरजेंसी एसओएस अलर्ट भेजा। इसके बाद समंदर की उठती लहरों के बीच एक बेहद पेचीदा और जानलेवा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। लपटों और ब्लास्ट के डर से घिरे जहाज से 21 भारतीय नाविकों को तो राहतकर्मियों ने जैसे-तैसे खींचकर बाहर निकाल लिया, पर बदकिस्मती से तीन भारतीय इस अफरा-तफरी के बीच कहीं गायब हो गए।आशंका जताई जा रही है कि जान बचाने के चक्कर में या तो उन्होंने समंदर में छलांग लगा दी या फिर वे जहाज के भीतर ही किसी केबिन या मलबे में फंस गए। जो नाविक बचाए गए हैं, वे भी इस वक्त गहरे सदमे में हैं। ओमान के लोकल अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है।

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घरों में पसरा सन्नाटा, पल-पल काट रहे परिजन

लापता नाविकों में से दो उत्तर प्रदेश और एक केरल के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जैसे ही यह खबर उनके घरों तक पहुंची, वहां कोहराम मच गया। परिजन बस किसी चमत्कार की उम्मीद में टीवी स्क्रीन और फोन पर नजरें गड़ाए बैठे हैं। कई नाविकों के बूढ़े माता-पिता और पत्नियां बदहवास हालत में हैं।मस्कट में मौजूद भारतीय दूतावास के अफसर इस समय ओमान की मिलिट्री, लोकल पुलिस और इंटरनेशनल सर्च टीमों के साथ लगातार कोऑर्डिनेशन में हैं। समंदर में लापता नाविकों को ढूंढने के लिए हाई-टेक हेलिकॉप्टर्स और आधुनिक रडार सिस्टम को काम पर लगाया गया है। सरकार ने इन परिवारों की संवेदनशीलता को देखते हुए एक स्पेशल डेस्क बनाई है, जो सीधे मस्कट के संपर्क में है और परिजनों को ढांढस बंधा रही है।

भारत की दोटूक: अमेरिका के सामने दर्ज कराया कड़ा विरोध

इस गंभीर मामले पर भारत सरकार ने बहुत सख्त और आक्रामक रवैया अपनाया है। भारत ने सीधे अमेरिका के सामने इस सुरक्षा चूक को लेकर औपचारिक रूप से अपनी कड़ी नाराजगी और विरोध दर्ज कराया है। नई दिल्ली का साफ कहना है कि इस पूरे इंटरनेशनल समुद्री मार्ग की सुरक्षा और पेट्रोलिंग की जिम्मेदारी जिन बड़ी वैश्विक ताकतों के हाथ में है, उनकी नाक के नीचे ऐसा हमला कैसे मुमकिन हो गया?विदेश मंत्रालय ने दोटूक शब्दों में कहा कि व्यापारिक जहाजों और बेकसूर नाविकों को इस तरह निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नाविक कोई सैनिक नहीं हैं, वे तो दुनिया की इकोनॉमी को जिंदा रखने वाले लोग हैं। भारत ने मांग की है कि इस पूरे कांड की इंटरनेशनल लेवल पर निष्पक्ष जांच हो और जो भी इसके पीछे है, उसकी जवाबदेही तय की जाए।

एक्सपर्ट्स बोले- बेहद नाजुक हैं अगले 48 घंटे

समुद्री सुरक्षा मामलों के जानकार और रिटायर्ड कैप्टन आर.के. सिंह का कहना है कि ओमान का यह तटीय इलाका और पूरी खाड़ी वैश्विक व्यापार की लाइफलाइन है। दुनिया का सबसे ज्यादा कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। लेकिन पिछले कुछ सालों में भू-राजनीतिक तनाव के चलते कमर्शियल जहाजों को ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनाया जाने लगा है।कैप्टन सिंह के मुताबिक, “समंदर में किसी भी हादसे के बाद शुरुआती 48 से 72 घंटे ही सबसे अहम होते हैं, जिन्हें ‘गोल्डन ऑवर्स’ कहा जाता है। चूंकि समय तेजी से निकल रहा है, इसलिए सर्च ऑपरेशन में पूरी ताकत झोंकनी होगी।” फिलहाल सबकी नजरें ओमान के समंदर पर टिकी हैं और देश भर में लापता नाविकों की सलामती के लिए दुआओं का दौर जारी है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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