हर घर के किचन में बडी आसानी से मिलनें वाला अदरक जहां आपके जायके को चार चांद लगा देता है और टेस्टी बनाने के साथ फ्लेवर देता है वहीं यह अदरक कई मामलों में नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। ज्यादा अदरक का सेवन न सिर्फ आपकी सेहत के लिये खतरनाक हो सकता है बल्कि गर्भवती महिलाओं व स्तनपान करानें वाली महिलाओं को तो अदरक के सेवन से पहले डॉक्टर से उचित परामर्श लेना आवश्यक है। चाय से लेकर सब्जियों में और तमाम व्यंजनों व पकवानों में शामिल इस अदरक से जुडे़ ऐसे तमाम फायदे व नुकसान को हम आपको बतायेंगे जो आपकी सेहत ये सीधी जुड़ी हो सकती है। तो चलिये पहले आपको बताते हैं कि अदरक में कौन कौन पोषक तत्व मौजूद होते हैं।
अदरक का आयुर्वेद में महत्व
अदरक को आयुर्वेद में “महौषधि” कहा गया है। इसे वात और कफ दोष को संतुलित करने वाला माना जाता है। सूखा अदरक (सोंठ) और ताजा अदरक दोनों का उपयोग अलग-अलग रोगों में किया जाता है।
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अदरक में पाये जाते हैं यह पोषक तत्व
जमीन के अंदर पैदा होनें वाली इस गांठ रुपि जड़ी के अंदर वैसे तो कई चमत्कारी गुण है लेकिन इसका ज्यादा सेवन कई बार आपकी सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है। अदरक मे एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व,विटामिन B6 मैग्नीशियम,पोटैशियम और कम मात्रा में आयरन जैसे तत्व पाये जाते है। यह सभी तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बेहद सहायक होते हैं।
अदरक के फायदे
- पाचन तंत्र को मजबूत बनानें में सहायक-अदरक का सबसे बड़ा लाभ पाचन से जुड़ा है। यह गैस, अपच, पेट दर्द और एसिडिटी की समस्या को कम करता है। ऐसा माना जाता है कि भोजन के बाद थोड़ा-सा अदरक चबाने या अदरक की चाय पीने से पाचन क्रिया बेहतर होती है।
- सर्दी-खांसी और जुकाम में अदरक देता है राहत-अदरक में मौजूद गर्म तासीर शरीर को अंदर से गर्म रखती है। अदरक, शहद और तुलसी के साथ लिया जाए तो यह सर्दी-खांसी, गले की खराश और जुकाम में बेहद असरदार माना जाता है। और यही कारण है सर्दी के मौसम में अदरक न सिर्फ मांग बढ़ जाती है बल्कि हर किचन में अदरक मौजूद होता है।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है अदरक –अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। और शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ती है।
- सूजन और जोड़ों के दर्द में भी लाभ-अदरक के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत देने में सहायक होते हैं। कई लोग अदरक का सेवन या अदरक के तेल से मालिश करते हैं। जिससे सूजन कम होती है, और राहत मिलती है।
- उल्टी और मतली में भी उपयोगी-यात्रा के दौरान होने वाली उल्टी, गर्भावस्था में मॉर्निंग सिकनेस या कीमोथेरेपी से जुड़ी मतली में अदरक को प्रभावी माना जाता है। लेकिन इसे किस मात्रा में लेना है इसके लिये परामर्श आवश्यक है।
- हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी-अदरक रक्त संचार को बेहतर बनाता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। अदरक के सेवन से हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है।
- वजन नियंत्रण में सहायक-अदरक मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है। वजन घटाने की प्रक्रिया में अदरक का सेवन सहायक माना जाता है।
- ब्लड शुगर नियंत्रण में मदद-कुछ अध्ययनों में यह पाया गया है कि अदरक सीमित मात्रा में लेने से ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है, हालांकि इसे दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
अदरक से जहां तमाम फायदे है वहीं अदरक के ज्यादा सेवन से कई नुकसान भी है, तो चलिये आपको संभावित नुकसानों के बारें में भी बताते हैं।
- अधिक मात्रा में सेवन से पेट की समस्या-जरूरत से ज्यादा अदरक खाने से सीने में जलन, एसिडिटी, गैस और पेट में दर्द की शिकायत हो सकती है। इसलिये अदरक को कितनी मात्रा में लेना है यह भी जानना आवश्यक है।
- ब्लड प्रेशर पर प्रभाव-अदरक रक्त को पतला करने की प्रवृत्ति रखता है। जो लोग पहले से ब्लड प्रेशर या ब्लड थिनर दवाएं लेते हैं, उन्हें अदरक का अधिक सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में इन. समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को अदरक के सेवन से पहले परामर्श लेना आवश्यक है।
गर्भावस्था में विशेष सावधानी जरूरी-हालांकि सीमित मात्रा में अदरक मतली में लाभ देता है, लेकिन अत्यधिक सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसलिये गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अदरक के सेवन से पहले चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है।
- एलर्जी की संभावना-कुछ लोगों को अदरक से एलर्जी हो सकती है, जिससे त्वचा पर खुजली, रैशेज या मुंह में जलन हो सकती है। ऐसा होनें पर अदरक का सेवन बिल्कुल भी न करें।
- सर्जरी से पहले नुकसानदेह-सर्जरी से पहले अदरक का सेवन रक्तस्राव के खतरे को बढ़ा सकता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है।
- अत्यधिक गर्म होती है तासीर-जिन लोगों को पहले से शरीर में अधिक गर्मी, नकसीर (नाक से खून निकलना) या मुंह में छाले की समस्या रहती है, उन्हें अदरक का सीमित सेवन करना चाहिए या चिकित्सकीय परामर्श के बाद ही सेवन करना चाहिये।
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अदरक की कितनी मात्रा सुरक्षित,कैसे करे सेवन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, प्रतिदिन 2 से 4 ग्राम ताजा अदरक का सेवन सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है। वैसे तो अदरक की चाय दिन में 1–2 बार ही पर्याप्त होती है।
हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग अलग होती है, इसलिए नियमित सेवन से पहले संतुलन जरूरी है। अदरक के सेवन के लिये अदरक की चाय,सब्जी या दाल में मसाले के रूप में,शहद के साथ कच्चा अदरक साथ ही सोंठ के रुप में इसका उपयोग कर सकते है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानें तो अदरक एक प्राकृतिक औषधि है, लेकिन इसे किसी बीमारी की दवा का विकल्प नहीं समझना चाहिए। संतुलित मात्रा में सेवन ही इसका सही लाभ देता है। अदरक निश्चित रुप से एक गुणकारी और उपयोगी प्राकृतिक तत्व है, जो पाचन से लेकर रोग प्रतिरोधक क्षमता तक कई लाभ प्रदान करता है। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि अत्यधिक या गलत तरीके से सेवन करने पर यह फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है।
इसलिए जरूरी है कि अदरक का सेवन संतुलन, समझदारी और आवश्यकता के अनुसार किया जाए। स्वस्थ जीवनशैली के साथ यदि अदरक को सही मात्रा में अपनाया जाए, तो रसोई का यह छोटा-सा मसाला सेहत का बड़ा सहारा बन सकता है।







