बीते दिनों फिर जापान के आओमोरी प्रान्त के पास 7.5 तीव्रता का भूंकप आया है पहले इस भूकंप इसकी तीव्रता 7.6 बताई गई थी।भूकंप स्थानीय समय के मुताबिक रात 11:15 बजे आया था, जो 10 किमी गहराई पर था पिछले 24 घंटों में 5+ तीव्रता के 5 भूकंप पहले ही आ चुके थे, यह घटना रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में हुई है जहां भूकंप आम बात है।

जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने आओमोरी इवाते और होक्काइडो प्रान्तों के लिए भारी सुनामी की चेतावनी भी जारी कर दी थी,पर कुछ घंटे बाद ये चेतावनी वापस ले ली गई।भूकंप से जापान के कई घरों को नुकसान भी पहुंचा हैं। वहीं कई स्थान पर सड़कें भी धंस गई इससे कारण कई गाड़ियां फांसी बताई गई। हालांकि राहत व बचाव कार्य जारी कर दिये गये।
यहां भी भूकंप की चेतावनी
लजापान की एजेंसी ने होक्काइडो से चिबा तक के उत्तर-पूर्वी तट पर 8 तीव्रता के और भूकंप आने की भी चेतावनी दी है। एजेंसी ने जापानी निवासियों से आने वाले सप्ताह में सुरक्षित जगहों पर जाने की भी अपील कर दी। खुशकिस्मती से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। किसी के मरने की कोई खबर नहीं है। लगभग 28 से 30 लोग कुछ घायल हुए हैं, भूकंप के बाद आओमोरी प्रांत में 2,700 घरों में बिजली की कनेक्टिविटी टूट गई है जिस समय अनुसार सुधार जा रहा है।
जापान के सरकार की चेतावनी
जापान की सरकार ने जापान के लोगों एक चेतावनी और दी है कि अगले 30 साल में यहां 75-82 प्रतिशत तक भूकंप के तीव्र होने की संभावना है,अगर ऐसा हुआ तो जापान के लगभग 3 से 4 लाख लोगो मार सकते हैं और 2 से 3 ट्रिलियन डॉलर 150 से 300 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है।
भारत से 5721 किमी है दूर है जापान
जापान यूरेशियाई महाद्वीप के पूर्व में पूर्वोत्तर एशिया नामक क्षेत्र में स्थित है यह प्रशांत महासागर ओखोटस्क सागर जापान सागर और पूर्वी चीन सागर से घिरा हुआ देश है। भारत से जापान कितनी दूर 5721 किमी है भारत से जापान की उड़ान में औसतन 7 से 10 घंटे लगते हैं। एसोसिएशन ऑफ रिलिजन डेटा के अनुमान से सन 2020 तक जापान में 24,182 हिंदू हैं,जापान में हिंदी भाषा तेजी से लोकप्रिय हो रही है। खास तौर पर जापानी छात्रों के बीच विदेशी भाषा के तौर पर हिंदी और फ्रेंच सबसे ज्यादा बोली जाती है इन भाषाओं को सीखने वाले जापानी छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ रही है शिंटो जापान का सबसे बड़ा धर्म है जिसका पालन जापान की लगभग 80% आबादी करती है।
क्यों आते हैं जापान में इतने भूकंप
जापान दुनिया के उन देशों में से है जहां भूकंप आने की बात अनसुनी नहीं यह चार बड़े टेक्टॉनिक प्लेटों पर बसा हुआ है। यह देश प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है, जहां धरती के नीचे की प्लेटें लगभग लगातार आपस में जोड़तोड़ करती ही रहती हैं यही वजह है कि यहां हर साल भूकंप आता रहता है।
2011 में आया था सबसे तेज भूकंप
जापान में अब तक का सबसे तेज भूकंप 11 मार्च 2011 को आया था। उसने जापान में खूब तबाही मचाई थी जापान के तोहोकू (पूर्वी जापान) में 9.0-9.1 तीव्रता वाले भूकंप के आधे घंटे बाद समुद्र में 40 मीटर से भी ज्यादा ऊंची सुनामी उठी रही थी जिसमें लगभग 18 से 20 हजार लोग मारे गए थे और फुकुशिमा दाइइची परमाणु ऊर्जा संयंत्र भी पुरी तरह से नष्ट हो गया इस भूकंप से करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ था।लउसके बाद भी कई छोटे-मोटे भूकंप आते रहे जापान के नोटो द्वीप में 2024 में एक और भूकंप आया जिसमें करीब 600 लोग मारे गए थे।







