मुंबई और उसके आसपास के इलाकों (MMR) में सफर करने वाले आम नागरिकों और वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का बड़ा झटका लगा है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने केवल 15 दिनों के भीतर दूसरी बार कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस ताजा वृद्धि के बाद मुंबईकरों की जेब पर सीधा असर पड़ना तय है, क्योंकि सार्वजनिक और निजी परिवहन दोनों ही इसके बाद महंगे होने की राह पर हैं।
नई कीमतें और हालिया ट्रेंड (Current Price & Recent Trends)
महानगर गैस लिमिटेड (MGL) द्वारा की गई 2 रुपए प्रति किलोग्राम की इस बढ़ोतरी के बाद मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में CNG का नया दाम 86 रुपए प्रति किलो हो गया है। इससे पहले इसकी कीमत 84 रुपए प्रति किलो थी।
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हालिया ट्रेंड पर एक नजर
- मई में दूसरी बढ़ोतरी – चालू महीने (मई) में ही यह दूसरी बड़ी वृद्धि है। इससे पहले बीती 13-14 मई को भी CNG के दामों में 2 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी। यानी महज 15 दिनों के भीतर CNG 4 रुपए प्रति किलो महंगी हो चुकी है।
- PNG के दाम भी बढ़े – MGL ने केवल CNG ही नहीं, बल्कि घरों में सप्लाई होने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में भी 50 पैसे प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) का इजाफा किया है। इसके बाद घरेलू PNG का दाम बढ़कर अब 52 रुपए प्रति SCM हो गया है, जो सीधे तौर पर गृहणियों की रसोई के बजट को प्रभावित करेगा।
- अप्रैल का ट्रेंड – इसके पहले अप्रैल महीने में भी गैस वितरण कंपनियों द्वारा 1 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
कीमतें बढ़ने के मुख्य कारण (Reasons Behind the Price Hike)
MGL के अधिकारियों और सूत्रों के मुताबिक, यह बढ़ोतरी वैश्विक और घरेलू स्तर पर पैदा हुई विभिन्न परिस्थितियों का नतीजा है
- घरेलू गैस आवंटन में कमी – भारत सरकार द्वारा कंपनियों को मिलने वाली सस्ती घरेलू गैस के कोटे (Allocation) में भारी कमी आई है। इस कमी को पूरा करने के लिए MGL को बाहरी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से महंगी गैस (Imported LNG) खरीदनी पड़ रही है।
- वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव- वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव (विशेषकर पश्चिम एशिया/मिडिल ईस्ट संकट) के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Global Energy Supply Chain) बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके कारण कच्चे तेल के साथ-साथ प्राकृतिक गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतें भी आसमान छू रही हैं।
- रुपए की कमजोरी – अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए के मूल्य में आई गिरावट (Depreciation) ने भी आग में घी का काम किया है। चूंकि भारत अपनी जरूरत की आधी से अधिक प्राकृतिक गैस आयात करता है, इसलिए रुपए के कमजोर होने से गैस का आयात बहुत महंगा हो गया है, जिसका भार अंततः उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है।
आम जनता और परिवहन पर प्रभाव (Impact on General Public & Transport)
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में CNG केवल एक वैकल्पिक ईंधन नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक और अंतिम छोर (Last-mile) कनेक्टिविटी की जीवनरेखा है। आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में वर्तमान में 12 लाख से अधिक CNG वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
ऑटो और टैक्सी यूनियन की किराया बढ़ाने की मांग – मुंबई में लगभग 4.7 लाख ऑटो-रिक्शा और 1.6 लाख से अधिक टैक्सियां सीधे तौर पर CNG पर निर्भर हैं। लगातार हो रही मूल्य वृद्धि से उनके दैनिक मुनाफे पर गहरी चोट लगी है। मुंबई ऑटो-रिक्शा और टैक्सी यूनियनों ने सरकार से तुरंत किराया बढ़ाने (Fare Revision) की मांग शुरू कर दी है। यूनियनों का कहना है कि नए किराया फॉर्मूले के आधार पर प्रति किलोमीटर न्यूनतम 1 रुपए से 2 रुपए तक की बढ़ोतरी की जानी चाहिए, ताकि वे इस अतिरिक्त लागत को वहन कर सकें।
सार्वजनिक परिवहन और जरूरी सामानों की महंगाई – मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली बेस्ट (BEST), TMT और MSRTC जैसी परिवहन संस्थाओं की लगभग 2,000 बसें CNG पर चलती हैं। इसके अलावा 50 हजार से अधिक कमर्शियल टेम्पो और निजी बसें भी इसका इस्तेमाल करती हैं। CNG महंगी होने से माल ढुलाई (Logistics) की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर फल, सब्जी और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर पड़ेगा।
क्या अब भी किफायती है CNG?
भले ही कीमतें 86 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन महानगर गैस लिमिटेड (MGL) का दावा है कि वैकल्पिक ईंधनों (पेट्रोल और डीजल) की तुलना में प्राकृतिक गैस अब भी एक बेहद किफायती और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प है।
वर्तमान में मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 97 रुपए प्रति लीटर के पार चल रही है। इस लिहाज से MGL के मुताबिक, मौजूदा कीमतों पर भी CNG के इस्तेमाल से पेट्रोल के मुकाबले करीब 45% और डीजल के मुकाबले लगभग 12% तक की बचत होती है। हालांकि, जिस रफ्तार से पिछले दो महीनों में कीमतें बढ़ी हैं, उसने मध्यम वर्ग और वाहन चालकों के माथे पर चिंता की लकीरें जरूर खींच दी हैं।







