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वैश्विक दबाव और रुपये में ऐतिहासिक गिरावट से डोमेस्टिक मार्केट बेहाल – सेंसेक्स और निफ्टी में भारी उतार-चढ़ाव

वैश्विक दबाव और रुपये में ऐतिहासिक गिरावट से डोमेस्टिक मार्केट बेहाल - सेंसेक्स और निफ्टी में भारी उतार-चढ़ाव
नवजोत कौर सिद्धू
On: मई 20, 2026 12:36 अपराह्न
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भारतीय शेयर बाजार में आज यानी बुधवार को चौतरफा बिकवाली और भारी उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिल रहा है। सुबह जब घरेलू बाजार खुला तो वैश्विक बाजारों से मिले खराब संकेतों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण Dalal Street पर हड़कंप मच गया था। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex लगभग 390 अंक टूटकर 74,810 के स्तर पर चला गया था  जबकि NSE Nifty भी लगभग 100 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ 23,500 के निचले स्तर पर पहुंच गया था।

​हालांकि दिन के चढ़ने के साथ निचले स्तरों पर आई चुनिंदा खरीदारी (Value Buying) के चलते बाजार ने अपनी शुरुआती गिरावट को काफी हद तक कम किया है। दोपहर के कारोबारी सत्र के दौरान, सेंसेक्स लगभग 100 अंकों की गिरावट के साथ 75,100 के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास संघर्ष कर रहा है। वहीं, निफ्टी भी 30 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 23,590 के स्तर पर कारोबार करता नजर आ रहा है। बाजार ने सुबह के निचले स्तरों से रिकवरी तो दिखाई है, लेकिन निवेशकों के बीच अभी भी चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।

​बाजार में आज की गिरावट और चिंता के मुख्य कारण

​भारतीय शेयर बाजार में आज दिखी इस बड़ी उठापटक के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय व्यापक आर्थिक (Macro) कारण जिम्मेदार हैं

  • रुपये में अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक गिरावट – आज बाजार के सेंटीमेंट को सबसे बड़ा झटका भारतीय रुपये (INR) से लगा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 96.8650 पर पहुंच गया। कमजोर रुपया सीधे तौर पर भारत के आयात बिल (विशेषकर कच्चे तेल) को बढ़ाता है, जिससे देश में महंगाई और व्यापार घाटे (Trade Deficit) का खतरा बढ़ जाता है।
  • कच्चे तेल (Crude Oil) की ऊंची कीमतें –  अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें अभी भी $110.70 प्रति बैरल के ऊंचे स्तर के आसपास बनी हुई हैं। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल की इन ऊंची कीमतों ने भारतीय अर्थव्यवस्था और कॉरपोरेट अर्निंग्स के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
  • अमेरिका-इरान तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता – अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन के हालिया बयानों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता और बढ़ा दी है।
  • बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली – अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.66% और 30-वर्षीय यील्ड 5.19% के स्तर पर पहुंच गई है। जब अमेरिका में बिना जोखिम के इतना शानदार रिटर्न मिल रहा हो, तो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारतीय जैसे उभरते बाजारों से अपना पैसा निकालने लगते हैं। फरवरी से लेकर अब तक विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार से अरबों डॉलर निकाल चुके हैं।

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​सबसे ज्यादा गिरावट वाले सेक्टर्स और शेयर्स (Top Losers)

​आज के कारोबार में चौतरफा बिकवाली का असर सेक्टोरल इंडेक्स पर साफ देखा जा रहा है। सबसे ज्यादा मार Nifty Media (1.89% डाउन), Nifty Realty (1.32% डाउन) और Nifty PSU Bank (1.14% डाउन) पर पड़ी है। इसके अलावा ऑटोमोबाइल और मेटल सेक्टर्स भी दबाव में हैं।

​प्रमुख गिरावट वाले शेयरों की सूची इस प्रकार है

कंपनी का नामगिरावट (लगभग)
Tata Steel-2.51%
Bharat Electronics Ltd (BEL)-1.69%
Mahindra & Mahindra (M&M)-1.41%
Maruti Suzuki-1.33%
State Bank of India (SBI)-1.11%

इनके अलावा दिग्गज बैंकिंग शेयर जैसे ICICI Bank, HDFC Bank और Kotak Mahindra Bank भी आज लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं  जिसने इंडेक्स पर दबाव बनाए रखा।

​संकट के बीच मुनाफे में रहने वाली कंपनियां (Top Gainers)

​बाजार में इस भारी गिरावट के बावजूद कुछ डिफेंसिव सेक्टर्स ने ढाल का काम किया है। सूचना प्रौद्योगिकी (IT), फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर्स में आज निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर खरीदारी की  जिससे बाजार को बड़ी गिरावट से संभलने में मदद मिली।

​प्रमुख मुनाफे वाले शेयरों की सूची इस प्रकार है

  • Infosys & TCS – आईटी सेक्टर के इन दोनों दिग्गजों ने विपरीत परिस्थितियों में बाजार को नीचे जाने से रोका और हरे निशान में बने रहे।
  • Tech Mahindra & Reliance Industries (RIL) – रिलायंस और टेक महिंद्रा में आई खरीदारी ने भी निफ्टी की रिकवरी में अहम भूमिका निभाई।
  • Apollo Micro Systems –  इस डिफेंसिव/डिफेंस सेक्टर की मल्टीबैगर कंपनी के शेयरों में आज शानदार तेजी देखी गई और यह करीब 8% उछलकर ₹369 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
  • Nifty Pharma & Healthcare –  फार्मा इंडेक्स 0.55% और हेल्थकेयर इंडेक्स 0.33% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं  जिसमें सन फार्मा और सिप्ला जैसी कंपनियों ने मजबूती दिखाई।

​बाजार का आगे का रुख

​बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 23,200 से 23,350 का स्तर एक बेहद मजबूत सपोर्ट (आधार) की तरह काम कर रहा है जब तक बाजार इसके ऊपर टिका है तब तक घबराने की बड़ी बात नहीं है। हालांकि ऊपर की तरफ 23,770 से 23,850 का स्तर एक बड़ी रुकावट बना हुआ है। जब तक कच्चा तेल शांत नहीं होता और रुपया स्थिर नहीं होता  तब तक भारतीय शेयर बाजार में इसी तरह की उतार-चढ़ाव (Volatility) बनी रहने की संभावना है। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को अभी बाजार में कोई भी बड़ा आक्रामक दांव लगाने से बचना चाहिए।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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