ईरान इजरायल युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान इजरायल युद्ध तनाव में जहां कच्चा तेल लगातार महंगा होता जा रहा तो वही सेंसेक्स और निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई है। सोना चांदी के रेट भी लगातार नीचे गिर रहे है। जब से ईरान इजरायल युद्ध चालू हुआ है तब से शेयर मार्केट पूरी तरीके से ढह सा गया है। सेंसेक्स में 1700 अंक की गिरावट दर्ज की गई जिससे अब सेंसेक्स 72000 के नीचे आ गया है और निफ्टी 22,400 के नीचे आ पहुंचा हैं। इस भारी गिरावट के पीछे ईरान इजरायल युद्ध तनाव ही है। यह भारी गिरावट रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज की गई है। अगर आने वाले समय में ईरान इजरायल युद्ध नहीं खत्म हुआ तो और भी गिरावट दर्ज होने के आसार है।
ईरान इजरायल युद्ध से भारतीय शेयर मार्केट पर असर
वर्तमान स्थिति को देखते हुए भारत इस समय शेयर मार्केट में सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला देश है। शेयर मार्केट को देखकर ही आम जनता अपना पैसा शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करती है। जिससे कुछ समय बाद ग्राहक को फायदा भी पहुंचता है। जिस कंपनी के शेयर में गिरावट आती है तो ग्राहक के द्वारा लगाए गए पैसे में भी गिरावट आती है। अर्थव्यवस्था के जानकार बताते है कि अगर ऐसे ही ईरान इजरायल युद्ध का असर अगर शेयर मार्केट पर पड़ता रहा तो भारतीय निवेश बुरी तरीके से प्रभावित हो जाएगा। वही रुपए डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर होता जा रहा है। अब रुपए की कीमत रिकॉर्ड 95 डॉलर तक पहुंच गई है।
सोना चांदी में कभी गिरावट तो कभी बढ़ोतरी
सोना चांदी खरीदने वालों को लगातार update रहना होगा क्योंकि सोना चांदी में कभी गिरावट होती है या तो फिर बढ़ोतरी। Middle class family जो सोना चांदी खरीदने की ख्वाइश रखते है उनके लिए अभी अच्छा मौका है कि वो सोना चांदी के आभूषणों पर निवेश करें। ईरान इजरायल युद्ध तनाव में सीधा सीधा असर सोना चांदी के रेट पर पड़ रहा है। 10 ग्राम सोना जहां ग्राहकों को ₹ 1 लाख 46 हजार पर पड़ रहा है तो वही चांदी के मूल्यों में भी भरी गिरावट आई है चांदी प्रति ग्राम ₹ 245 में ग्राहकों को मिल रहा है।
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भारत में LPG गैस की भारी किल्लत
ईरान इजरायल युद्ध का असर केवल शेयर मार्केट में नहीं पड़ रहा है बल्कि भारत की आम जनता पर सीधा असर पड़ रहा है। जो गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को 800 या 900 रूपये में पड़ता था अब वही गैस सिलेंडर ग्राहक 1300 से ऊपर में खरीद रहे है। कही न कही यह कालाबाजारी में आता है लेकिन सरकार का कहना है कि LPG गैस भारत में पर्याप्त मात्रा में है।
पेट्रोल डीजल का स्टॉक भारत के पास 1 महीने से ज्यादा का हैं। किसी भी प्रकार की समस्या को निपटने में भारत पूरे तरीके से सक्षम है। जहां सरकार लगातार कह रही है कि पेट्रोल डीजल उसके पास पर्याप्त मात्रा में है लेकिन पेट्रोल डीजल के लिए लगती लंबी लाइन इस बात को दर्शाता है कि पेट्रोल पंप के तेल समय से नहीं पहुंच पा रहे है। केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्री ने भी संसद में ये बयान दिया था कि भारत के पास अभी 1 महीने से भी ज्यादा दिनों का पेट्रोल डीजल का पर्याप्त स्टॉक है।







