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Gold-Silver Prices- मार्च 2026 के आखिरी हफ्ते में भारतीय सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट

मार्च 2026 के आखिरी हफ्ते में भारतीय सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट
नवजोत कौर सिद्धू
On: मार्च 28, 2026 7:35 अपराह्न
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भारतीय सराफा बाजार (Indian bullion market) में मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में जो ऐतिहासिक उथल-पुथल देखने को मिली है, वह निवेश जगत के लिए एक बड़ा सबक है। 

​बाजार का वर्तमान परिदृश्य (मार्च 2026 का आखिरी हफ्ता)

​मार्च 2026 के अंतिम दिनों में भारतीय निवेशकों और आम ग्राहकों के लिए एक अप्रत्याशित खबर (unexpected news) सामने आई। पिछले कई महीनों से आसमान छू रही सोने और चांदी की कीमतों में अचानक “क्रैश” जैसी स्थिति देखी गई।

  • सोने की स्थिति – हफ्ते की शुरुआत में सोना अपने उच्चतम स्तर से लगभग ₹4,000 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ। 24 कैरेट सोने की कीमतें जो मार्च की शुरुआत में ₹1,57,000 के करीब थीं गिरकर ₹1,44,000 के स्तर पर आ गईं।
  • चांदी की स्थिति –  चांदी में गिरावट और भी भयानक रही। औद्योगिक मांग में कमी और वैश्विक बिकवाली के कारण चांदी ₹90,000 प्रति किलो तक टूट गई। एक समय जब चांदी ₹3 लाख के पार जा रही थी, वह महीने के अंत तक ₹2,40,000 के आसपास कारोबार करती देखी गई।

​गिरावट के मुख्य कारण – वैश्विक और घरेलू कारक

​इतनी बड़ी गिरावट के पीछे कोई एक कारण नहीं बल्कि कई वैश्विक घटनाओं का एक साथ होना जिम्मेदार रहा है

  • अमेरिकी डॉलर की मजबूती –  वैश्विक बाजार में US dollar index में जबरदस्त उछाल आया। जब डॉलर मजबूत होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने (जो डॉलर में आंका जाता है) की मांग कम हो जाती है जिससे कीमतों पर दबाव पड़ता है।
  • ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका – US Federal Reserve द्वारा महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को झटका लगा है। उच्च ब्याज दरों के कारण निवेशक ‘सुरक्षित निवेश’ के रूप में सोने से पैसा निकालकर बॉन्ड और अन्य वित्तीय संपत्तियों में लगाने लगे हैं।
  • पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और लाभ वसूली (Profit Booking) – हालांकि ईरान और इज़राइल के बीच तनाव जारी है, लेकिन बाजार ने इस खबर को पहले ही कीमतों में शामिल (factor-in) कर लिया था। ऊंचे स्तरों पर बड़े निवेशकों ने भारी ‘प्रॉफिट बुकिंग’ की जिससे बाजार अचानक नीचे गिर गया।
  • कच्चे तेल की कीमतों का असर –  कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और स्वेज नहर/स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे व्यापारिक मार्गों पर तनाव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी का डर पैदा हुआ जिससे औद्योगिक धातु के रूप में चांदी की मांग घट गई।

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​ प्रमुख शहरों में कीमतों का तुलनात्मक चार्ट

शहर24K सोना (प्रति 10 ग्राम)चांदी (प्रति किलो)
दिल्ली₹1,44,860₹2,49,900
मुंबई₹1,44,540₹2,45,000
चेन्नई₹1,46,200₹2,59,900
कोलकाता₹1,46,205₹2,49,900

निवेश की रणनीति –  क्या यह खरीदने का सही समय है?

​बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी गिरावट के बाद सोना और चांदी अब “आकर्षक स्तर” पर आ गए हैं।

  • रिटेल खरीदार – शादियों के सीजन और आने वाले त्योहारों (जैसे राम नवमी और अक्षय तृतीया) को देखते हुए आम ग्राहकों के लिए यह खरीदारी का सुनहरा मौका हो सकता है।
  • दीर्घकालिक निवेशक – सोने को हमेशा पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह है कि एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय ‘सिप’ (SIP) मोड में गिरावट पर खरीदारी करें।
  • चेतावनी – बाजार अभी भी अत्यधिक अस्थिर है। रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व के हालात किसी भी समय कीमतों को फिर से ऊपर की ओर धकेल सकते हैं।

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​भविष्य का अनुमान (Outook)

Technical Charts के अनुसार सोने को ₹1,40,000 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। यदि global recession की आहट तेज होती है, तो Central bank फिर से सोने की खरीदारी शुरू कर सकते हैं जिससे 2026 के अंत तक कीमतें फिर से नए रिकॉर्ड बना सकती हैं।

नोट – यह लेख पूर्णतः जानकारीपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और इसमें दी गई कीमतें बाजार की तत्कालीन स्थितियों (मार्च 28, 2026) पर आधारित हैं। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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