फरवरी 2026 के आखिरी हफ्ते में भारतीय सर्राफा बाजार में ऐतिहासिक हलचल देखने को मिली है। वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू मांग के बीच सोना और चांदी की कीमतों ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इस सप्ताह सोने में 4,000 रुपये और चांदी में 17,000 रुपये तक की भारी बढ़त दर्ज की गई है।
सोना और चांदी – इस हफ्ते की ऐतिहासिक तेजी का संपूर्ण विश्लेषण
भारतीय बाजार में निवेश के सबसे सुरक्षित और पसंदीदा विकल्प सोना और चांदी इस समय अपने चरम पर हैं।
पिछले 7 दिनों के भीतर कीमतों में जो उछाल आया है उसने निवेशकों और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत अब 1,59,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर चुकी है, वहीं चांदी ने भी 17,000 रुपये प्रति किलो की छलांग लगाकर बाजार में खलबली मचा दी है।
सोने की चाल – 1.59 लाख के पार
पिछले सप्ताह की शुरुआत में सोने की कीमतें स्थिरता की ओर इशारा कर रही थीं लेकिन वैश्विक बाजार में आए बदलावों ने इसे रॉकेट बना दिया।
- सप्ताह की शुरुआत – सोना लगभग 1,55,000 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था।
- 7 दिनों की बढ़त – प्रति 10 ग्राम पर औसतन 4,000 रुपये की वृद्धि देखी गई।
- मौजूदा स्थिति – 24 कैरेट सोने का भाव 1,59,000 – 1,61,000 रुपये शहरों के अनुसार भिन्न के बीच बना हुआ है।
चांदी की चमक – 17,000 रुपये की महा-बढ़त
चांदी, जिसे गरीबों का सोना कहा जाता था, अब अपने तेवरों से अमीरों को भी चौंका रही है। इस हफ्ते चांदी की कीमतों में आई 17,000 रुपये की तेजी इस साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़तों में से एक है।
- बढ़त का कारण – औद्योगिक मांग में अचानक आई तेजी और वैश्विक स्तर पर चांदी के स्टॉक में कमी ने इसकी कीमतों को हवा दी है।
- भाव का स्तर – चांदी अब 2.85 लाख से 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंच गई है।
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कीमतों में उछाल के मुख्य कारण (Fundamental Drivers)
इस असाधारण तेजी के पीछे कोई एक कारण नहीं बल्कि कई वैश्विक और घरेलू कारकों का मिश्रण है
- भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) – मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ती अस्थिरता और वैश्विक महाशक्तियों के बीच व्यापारिक युद्ध (Tariff Wars) की आशंका ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर धकेला है। जब भी दुनिया में अनिश्चितता बढ़ती है सोना पहली पसंद बन जाता है।
- डॉलर की कमजोरी और ब्याज दरें – अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती के संकेतों ने डॉलर इंडेक्स को प्रभावित किया है। कमजोर डॉलर का सीधा मतलब सोने की कीमतों में मजबूती होता है।
- घरेलू मांग – भारत में शादियों का सीजन और आगामी त्योहारों के कारण जेवराती मांग (Jewellery Demand) चरम पर है। सप्लाई कम और डिमांड ज्यादा होने से कीमतों को समर्थन मिला है।
- केंद्रीय बैंकों की खरीदारी – दुनिया भर के केंद्रीय बैंक विशेषकर चीन और भारत अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
पिछले 7 दिनों का मूल्य चार्ट (सांकेतिक)
| दिन | 24K सोना (प्रति 10 ग्राम) | चांदी (प्रति किलो) |
| 7 दिन पहले | ₹ 1,55,000 | ₹ 2,75,000 |
| मध्य सप्ताह | ₹ 1,57,500 | ₹ 2,85,000 |
| आज (ताजा भाव) | ₹ 1,59,000 – 1,61,000 | ₹ 2,92,000 – 2,95,000 |
| कुल बढ़त | ₹ 4,000 | ₹ 17,000 – 20,000 |
निवेशकों के लिए सलाह – क्या यह खरीदने का सही समय है?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी में अभी और तेजी की गुंजाइश बनी हुई है। हालांकि इतनी बड़ी बढ़त के बाद बाजार में मामूली गिरावट (Correction) आ सकती है।
- दीर्घकालिक निवेश – यदि आप 1-2 साल के लिए निवेश कर रहे हैं तो सोना हमेशा एक मजबूत पोर्टफोलियो का हिस्सा होना चाहिए।
- सावधानी – कीमतों के उच्चतम स्तर पर होने के कारण एकमुश्त निवेश करने के बजाय किश्तों SIP मोड में सोना या चांदी खरीदना बेहतर रणनीति हो सकती है।
- शुद्धता का ध्यान – खरीदारी करते समय हमेशा Hallmark (BIS) और 24 कैरेट की शुद्धता सुनिश्चित करें।
फरवरी 2026 का यह हफ्ता सर्राफा इतिहास में दर्ज किया जाएगा। सोने का 1.59 लाख और चांदी का करीब 3 लाख के करीब पहुंचना भारतीय अर्थव्यवस्था में बदलती निवेश प्राथमिकताओं को दर्शाता है। यदि वैश्विक हालात नहीं सुधरते तो आने वाले समय में सोना 1.75 लाख के स्तर को भी छू सकता है।
नोट – ऊपर दिए गए भाव सांकेतिक हैं और इनमें GST 3%, मेकिंग चार्ज और स्थानीय कर शामिल नहीं हैं। सटीक कीमतों के लिए अपने नजदीकी सोने चांदी के व्यापारियों से संपर्क करें
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