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“मैं” कर्मण्य योग, ज्ञान योग, ध्यान योग और भक्ति योग की यात्रा का आख्यान है, पूरे देश में 15 करोड़ के इस किताब की चर्चा

"मैं" 15 करोड़ के इस किताब
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 19, 2025 2:52 अपराह्न
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हर साल की तरह इस बार भी पटना पुस्तक मेला साहित्य प्रेमियों, लेखकों, प्रकाशकों और पाठकों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। लेकिन इस बार मेले में एक ऐसी किताब चर्चा का केंद्र बन गई है, जिसने न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश के साहित्यिक जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस किताब का नाम है ‘मैं’, और इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसकी अनुमानित कीमत करीब 15 करोड़ रुपये।

"मैं" 15 करोड़ के इस किताब

बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में पटना का 41वां पुस्तक मेला सजा है। इस बार ये एक अविस्मरणीय साहित्यिक अनुभव को पाठकों के साथ साझा कर रहा है। जहां मेले में दुनिया की सबसे महंगी किताब प्रदर्शित की गई है, जो पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। महज एक किताब का इतना महंगा होना लोगों के लिए हैरानी का विषय जरूर है, लेकिन इसके पीछे की कहानी, विचार और प्रस्तुति इसे साधारण पुस्तक से बिल्कुल अलग बनाती है।

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“मैंं” क्यों है ये इतनी महंगी?

मैं किताब के लेखक नें इसकी  कीमत को लेकर हर किसी के मन में उठ रहे कई सवाल को दूर करते हुये  बताया कि जिस तरह मेरा दर्शन है और मैंने ब्रह्म की यात्रा की है, उसी में मुझे इसकी कीमत भी मिली, जो 15 करोड़ रुपये रहनी चाहिए। उन्होंनेंं यह भी कहा कि वह चाहते तो इसकी कीमत वह 100 करोड़ रुपये की भी कर सकते थे, लेकिन इसकी कीमत ब्रह्म ने तय की है। और यही कारण है कि इसकी यह कीमत तय की गई है।

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जानिये कौन है “मैं” के लेखक रत्नेश्वर सिंह ?

बिहार के वारसलीगंड के एक साधारण परिवार में साल में 1966 में रत्नेश सिंह का जन्म हुआ। उनका जीवन सघर्षों से भरा रहा है। पिता के निधन के बाद आर्थिक तंगी और कर्ज से जूझते हुए भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आगे चलकर उन्होंने पत्रकारिता, शिक्षण और लेखन के क्षेत्र में कफी नाम कमाया। उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी, BHU, डीयू और IIMC जैसे बड़े संस्थानों में पढ़ाया भी है। इसके साथ ही रत्नेश्वर आज एक लेखक हैं जो ‘जीत का जादू’ जैसी बेस्टसेलर लिख चुके हैं।

टीवी धारावाहिकों के लिए पटकथा लेखक हैं, और सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट (सीआरडी) के अध्यक्ष हैं। उन्हें वर्ष 2015 की बेस्टसेलर में से एक ‘जीत का जादू’ के अंग्रेजी संस्करण ‘मैजिक इन यू’ के लिए 20,000 प्रतियों के प्री-बुकिंग ऑर्डर मिले थे। अब एक बार फिर उन्होंने 15 करोड़ रुपये मूल्य की दुनिया की सबसे महंगी पुस्तक ‘मैं’लिख डाली है। इसके अलावा, उनकी एक किताब ‘रेखना मेरी जान’ पर एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म बनाने की बात चल रही है। कहानी ग्लोबल वार्मिंग पर आधारित है, बल्कि बांग्लादेश की पृष्ठभूमि में एक अनोखी प्रेम कहानी को भी दर्शाती है।

रत्नेश्वर सिंह का मैं को लेकर दावा 

“मैं” के लेखक रत्नेश सिंह का दावा  हैं कि उनके इस ग्रंथ में उन बातों का भी जिक्र है जो उपनिषद, वेद, रामायण, महाभारत, कुरान या बाइबल तक में नहीं मिलती है। उन्होनें बताया कि इस बुक को लिखने में उन्हें तीन महीने का समय लगा, लेकिन इसका ज्ञान केवल 3 घंटे 24 मिनट में प्राप्त हुआ।

उन्होंने यह भी बताया कि बुक “मैं” ज्ञान का भंडार है, उन्होनें बताया है कि जिस तरह से महात्मा बुद्ध नें ज्ञाप पाया था, ठीक उसी तरह से इस ग्रंथ में ज्ञान प्राप्त करनें की स्थिति को बताया गया है। गौरतलब है कि यह हिंदी भाषा के साथ अंग्रेजी संस्करण उपलब्ध है। और दोनों ही भाषाओं में कीमत 15 करोड़ रुपये तय की गई है।

अपनें भौतिक शरीर से विरक्त होकर ब्रम्हलोक की यात्रा 

रत्नेश बताते है कि मैं 21 दिनों तक स्थितप्रज्ञ अवस्था में रहा। अपने भौतिक शरीर से विरक्त होकर, मैंने ब्रह्मलोक की यात्रा की। मैं रासलीला का प्रत्यक्ष साक्षी बना। मेरे मुख से निकले शब्द साकार होने लगे। मैं संसार का त्याग करना चाहता था, परन्तु गुरु की आज्ञा से, मैं सांसारिक जीवन में लौट आया।

इस ग्रंथ की रचना 6-7 सितंबर, 2006 ई. के शुभ मुहूर्त (रत्न मुहूर्त) में प्रातः 3 बजे से प्रातः 6:24 बजे तक हुई। अर्थात्, यह संपूर्ण ग्रंथ उन्हीं 3 घंटे 24 मिनट में अवतरित हुआ। उन्होंने आगे बताया कि यह एक ऐसी कथा है जिसमें सभी दुःखों का अंत होता है; जहां व्यक्ति ईश्वर का दर्शन करता है और मणिकार के माध्यम से ‘मैं’ बनने के परम आनंद का अनुभव करता है।

“मैं” से भी मंहगी है दुनियां में किताब 

यदि आप सोच रहे हैं कि यह दुनिया में किसी भी किताब का सबसे ज्यादा कीमत की किताब है तो आप गलत हैं। आपको हैरानी होगी कि इससे भी  महंगी किताब दुनियां में उपलब्ध है, जिनकी कीमत आपको हैरान कर सकते है। लियोनार्डो दा विंची की ‘द कोडेक्स ऑफ लीसेस्टर’  नामक पुस्तक का नाम दुनियां की सबसे महंगी किताबों में शामिल है।

और इस किताब को बिल गेट्स ने साल 1994 में 30.8 मिलियन डॉलर में खरीदा था, जिसकी मौजूदा कीमत यानी इस किताब की मौजूदा कीमत 270 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। वैसे भी बिल गेट्स दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में सबसे ऊपर है। ‘द कोडेक्स ऑफ लीसेस्टर’ नामक किताब एक साइंस जर्नल है, जिसमें विज्ञान की दुनिया से जुड़े बेहद खास तथ्त हैं।

इस किताब में चंद्रमा और जीवाश्म से जुड़े कई हैरान करने वाले तथ्य है। इसके साथ ही इस किताब के अलावा दुनिया की कई और भी किताबें हैं, जिनकी करोड़ों रुपये में नीलामी हुई है। और महंगी किताबों की सूची में वह शामिल है।

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Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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